नया करार: भारत में बनी बिजली से रोशन होगा पाकिस्तान
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पाकिस्तान को बिजली देने के लिए पावरकॉम पूरी तरह से तैयार हैं। इस संबंधी केंद्र सरकार के स्तर पर जरूरी औपचारिकताएं पूरी होते ही बिजली सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। पंजाब के पटियाला में पावरकॉम के चेयरमैन कम मैनेजिंग डायरेक्टर इंजीनियर केडी चौधरी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
इंजीनियर चौधरी ने बताया कि पंजाब पावर सरप्लस स्टेट बन गया है। भीषण गरमी में भी बिजली की कमी नहीं है और उद्योगों व घरेलू उपभोक्ताओं पर कोई कट नहीं लग रहे हैं। इसलिए केंद्र सरकार के स्तर पर पाक के साथ समझौता होने पर पावरकॉम पड़ोसी राज्य को बिजली सप्लाई के लिए तैयार है।
चेयरमैन ने बताया कि पावरकॉम को पचवाड़ा (झारखंड) खदान से अभी कोयले की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। प्लांटों में पैडी सीजन के दौरान कोयले की कमी न हो, इसके लिए पावरकॉम ने साउथ अफ्रीका से छह लाख टन कोयला खरीद का आर्डर दिया है। इसके लिए अडानी ग्रुप के साथ एग्रीमेंट किया गया है।
साउथ अफ्रीका के कोयले की हीट क्षमता बेहतर होती है, जिससे कम कोयले में ज्यादा बिजली पैदावार हो सकेगी। यह कोयला पंजाब के प्लांटों में एक जुलाई से पहुंचना शुरू हो जाएगा।
पंजाब में बिजली की उपलब्धता 12 हजार मेगावाट से अधिक
पैडी सीजन के लिए इस बार सेंटर पूल से भी पावरकॉम को ज्यादा बिजली मिलेगी। पिछले साल जहां इन दिनों पावरकॉम को 275 मेगावाट रोजाना बिजली मिल रही थी, वहीं इस बार 435 मेगावाट रोज मिलेगी।
चेयरमैन ने बताया कि इस समय पंजाब के पास बिजली की उपलब्धता 12 हजार मेगावाट से अधिक है। इसमें राजपुरा थर्मल प्लांट 1400 मेगावाट, तलवंडी साबो 660 मेगावाट बिजली उत्पादन कर रहा है। तलवंडी साबो का एक अन्य यूनिट 660 मेगावाट बिजली का उत्पादन अगले महीने में शुरू कर देगा। गोइंदवाल के दो यूनिट (540 मेगावाट) इस साल अक्तूबर-नवंबर में शुरू हो जाने की संभावना है।
चेयरमैन ने बताया कि नार्दर्न रीजन लोड डिस्पैच सेंटर की ओर से सेंट्रल सेक्टर की लाइनों के ओवरलोड होने के कारण कुछ समय पहले पाबंदियां लगाई गई थीं, जिसके करके लोड शेडिंग करनी पड़ी थी।