{"_id":"17ff4772025eca054f396eefd586d7b9","slug":"terror-of-leopord-at-72-village-near-panchkula-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"72 गांवों में 'हमलावर' तेंदुए की दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
72 गांवों में 'हमलावर' तेंदुए की दहशत
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला/रायपुररानी
Updated Fri, 05 Dec 2014 11:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायपुररानी के बड़ौना खुर्द में चार युवकों पर हमले के बाद आसपास के 72 गांवों के लोग तेंदुए के खौफ में जी रहे हैं। लोग घरों से निकलने में कतरा रहे हैं। हलांकि वाइल्ड लाइफ की टीम तीसरे दिन भी हमलावर मादा तेंदुए और उसके
विज्ञापन
शावक को नहीं तलाश सकी।
वन विभाग की ओर से वीरवार को गांवों में मुनादी करवाई गई और तेंदुए से सुरक्षित रहने के बारे में सचेत किया गया। उन्हें टांगरी नदी और जंगल के आसपास न जाने की हिदायत दी गई है।
विज्ञापन
जंगल में चल रही वर्चस्व की लड़ाई
चीफ कंजर्वेटर ने बताया कि जंगल में तेंदुआ, बारहसिंघा, जंगली सुअर, चीतल, सांभर और गीदड़ों की अच्छी खासी संख्या है। इनके बीच वर्चस्व और क्षेत्र पर कब्जा जमाने के लिए लड़ाई चल रही है। हारने वाले जीव जंगल से खदेड़ दिए जाते हैं और वे जान बचाने के लिए आबादी वाले इलाके में आ जाते हैं।
विज्ञापन
कई गांवों से मिली तेंदुए दिखने की सूचना
गांव खेड़ी, खैरवाली, हरियौल, श्यामपुर, टांगरी पुल के पास ग्रामीणों ने तेंदुए को देखे जाने की सूचना अलग-अलग समय पर रायपुररानी थाने को दी। हर सूचना पर थाना प्रभारी दीपक शर्मा टीम लेकर पहुंचे। डीएफओ इंस्पेक्टर जयवीर सिंह ने भी सभी जगहों पर जाकर जांच की मगर कहीं तेंदुआ पकड़ में नहीं आया।
किसानों की सब्जियां हो रहीं खराब
बडौना खुर्द और आसपास के गांवों में ज्यादातर किसान सब्जियां ही उगाते हैं। तेंदुए के डर से तीन दिन से वे सब्जियां तोड़ने नहीं जा पाये हैं और फसल खेत में ही खराब हो रही है। गांव के नंबरदार हरिपाल राणा व अन्य ने आरोप लगाया कि मंगलवार को वाइल्ड लाइफ टीम के एक कर्मचारी के कहने पर ही लोग खेत में गए थे उस पर विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है।