हिसार में 13.4 एमएम बारिश, 12 साल बाद बना नया रिकॉर्ड, बरसात फसलों के लिए बनी संजीवनी
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करनाल, हिसार, रोहतक समेत कई जिलों में फागुन के दो दिनों में सावन जैसी बारिश रबी फसलों को संजीवनी दे गई। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन हिसार, करनाल, सोनीपत और रोहतक में हुई झमाझम बारिश हुई। हिसार में 12 साल बाद फरवरी में एक ही दिन में 13.4 एमएम बारिश का नया रिकॉर्ड बनने के साथ शीत लहर फिर लौट आई है। इससे पहले वर्ष 2007 में 11 फरवरी को 59.4 एमएम बारिश हुई थी। मौसम विभाग ने प्रदेश में कहीं-कहीं शनिवार को भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। उसके बाद मौसम खुश्क रहेगा।
प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हो रही लगातार दो दिनों से गरज-चमक के साथ रुक-रुक हुई बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का असर तापमान पर भी देखने को मिला। करनाल में दो दिनों में औसतन 21.6, सोनीपत में 19, हिसार में 17.6, रोहतक में 10.6, भिवानी में 8.6 और नारनौल में 8.0 एमएम बारिश दर्ज की गई।
बारिश और बर्फीली हवाओं के चलते फरवरी की शुरुआत वाली सर्दी फिर लौट आई है। हिसार में दिन के तापमान में आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। इसी के साथ अधिकतम तापमान फिर से सामान्य से सात डिग्री नीचे पहुंच गया। हालांकि रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह सामान्य से तीन डिग्री ऊपर रहा।
नारनौल में न्यूनतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री अधिक
प्रदेश में रात का सबसे अधिक नारनौल में 14.0 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6 डिग्री अधिक रहा। इसी तरह अंबाला और करनाल में सामान्य से 4 अधिक न्यूनतम तापमान रिकार्ड किया गया।
दिन और रात के तापमान में महज पांच डिग्री का अंतर
मौसम बदलने के बाद हिसार में अधिकतम तापमान 18.7 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री दर्ज किया गया। इस तरह दिन और रात के तापमान में सिर्फ पांच डिग्री का अंतर रहा गया। दूसरी तरफ करनाल में दिन का तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
चंडीगढ़: हल्की बारिश ने बढ़ाई ठंड, आज भी बारिश के आसार
पश्चिमी विक्षोभ के कारण शुक्रवार की शाम हल्की बारिश से मौसम बदल गया। दिनभर हल्की धूप से थोड़ी गर्मी थी, लेकिन दोपहर तीन बजे अचानक से बादल छा गए। उसके बाद हल्की बारिश होने लगी। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार शनिवार को बादल छाए रह सकते हैं। वहीं, हल्की बारिश के आसार हैं।
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 23.2 और न्यूनतम तापमान 14.6 रहा। वहीं दिनभर में 0.4 मिलीमीटर बारिश हुई। गुरुवार सुबह जब धूप निकली तो लोगों ने राहत की सांस ली। दोपहर बाद बादल छा गए। सुहाना मौसम और छुट्टी का दिन होने के कारण लोग रोज गार्डन, सुखना लेक व लेजर वैली में काफी संख्या में घूमने पहुंचे। शाम को लगभग साढ़े चार बजे हल्की बारिश शुरू हो गई।
पिछले 13 वर्षों का बारिश का विवरण
वर्ष-तिथि-बारिश एमएम में
2018-12 फरवरी-2.4
2016-18 फरवरी-4.4
2015-6 फरवरी-3.3
2014-28 फरवरी-3.2
2013-5 फरवरी-9.1
2011-16 फरवरी-10.3
2010-9 फरवरी-4.0
2009-11 फरवरी-9.8
2007- 11 फरवरी-59.4
रबी फसलों के लिए फायदेमंद है बारिश
एचएयू के कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बारिश से गेहूं की फसल को फायदा होगा, हालांकि गेहूं की अगेती फसल तेज हवा और बारिश के कारण बिछ गई है। सोनीपत के कई गांवों और भिवानी के कस्बा जूई में ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसलों पर असर पड़ा है। इसका असर उत्पादन पर पड़ सकता है।
23 तक छिटफुट बारिश के आसार
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार 23 फरवरी तक आंशिक बादलवाई या हवाएं चलने व गरज चमक के साथ उत्तरी हरियाणा में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश और पश्चिमी व दक्षिणी हरियाणा में कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बारिश संभावना है।
गुरुवार से शुक्रवार सुबह 8.30 बजे तक कहां कितनी बारिश (एमएम में)
अंबाला- 0.3
भिवानी- 8.6
हिसार- 4.2
करनाल- 14.6
नारनौल- 8.0
रोहतक- 8.6
शुक्रवार सुबह 8.30 बजे के बाद कहां कितनी बारिश
हिसार- 13.4
करनाल- 7.0
रोहतक- 2.0