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सस्पेंस हुआ खत्म, अकाली दल ने पूर्व डीसी सिद्धू को उतारा चुनाव मैदान में
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 03 Jan 2017 11:56 PM IST
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पूर्व डीसी तेजिंदर पाल सिंह सिद्धू
- फोटो : File Photo
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कई महीनों से मोहाली से अकाली दल के उम्मीदवार को लेकर चल रहा सस्पेंस बुधवार को खत्म हो गया। अकाली दल ने इस बार एक तीर से कई निशाने लगाते हुए पूर्व डीसी तेजिंदर पाल सिंह सिद्धू को चुनाव मैदान में उतारा है। सिद्धू शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखदेव सिंह ढींढसा के दामाद हैं।
वहीं, सिद्धू ने टिकट मिलने के बाद कहा कि जो विश्वास पार्टी ने उन पर जताया है उस पर वह पूरी तरह से खरा उतरेंगे। जानकारी के मुताबिक अकाली दल की सरकार ने दस सालों में मोहाली में कई विकास कार्य कराए हैं। जिससे मोहाली को देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सराहा गया है। लेकिन अभी तक मोहाली हलके से अकाली दल ने जीत का स्वाद नहीं चखा था। इसके पीछे कई कारण रहे होंगे।
इस बार पार्टी ने पूरी प्लानिंग व सर्वे के बाद सिद्धू को चुनाव मैदान में उतारा है। दूसरा सिद्धू के मैदान में आने के बाद अकाली दल के नेताओं को भी एकजुट होना पड़ेगा। क्योंकि सिद्धू को पार्टी प्रधान सुखबीर बादल ने खुद चुना है। बादल ने इस बात के संकेत कुछ दिन पहले ही दे दिए थे। जब अकाली दल व बीजेपी के पार्षद एक साथ सुखबीर से मिलकर उन्हें पांच पार्षदों के नाम की सूची दी थी। साथ ही मांग की थी कि उनमें से एक को टिकट दिया जाए।
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उस समय सुखबीर ने साफ कहा था कि वह मोहाली से जीतने वाले को ही टिकट देंगे। साथ ही जिस उम्मीदवार को वह चुनाव मैदान में उतारेंगे। उसका सभी पार्षदों व नेताओं को समर्थन करना होगा। जिक्रयोग है कि गत चुनाव में अकाली दल ने पैराशूट उम्मीदवार बलवंत सिंह रामूवालिया को चुनाव मैदान में उतारा था। उस चुनाव में उन्हें 47249 मत मिले थे। जबकि कांग्रेस के बलबीर सिंह सिद्धू को 64005 मत मिले थे। चुनाव में बलबीर सिंह सिद्धू विजयी रहे थे।
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वहीं, सिद्धू ने टिकट मिलने के बाद कहा कि जो विश्वास पार्टी ने उन पर जताया है उस पर वह पूरी तरह से खरा उतरेंगे। जानकारी के मुताबिक अकाली दल की सरकार ने दस सालों में मोहाली में कई विकास कार्य कराए हैं। जिससे मोहाली को देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सराहा गया है। लेकिन अभी तक मोहाली हलके से अकाली दल ने जीत का स्वाद नहीं चखा था। इसके पीछे कई कारण रहे होंगे।
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इस बार पार्टी ने पूरी प्लानिंग व सर्वे के बाद सिद्धू को चुनाव मैदान में उतारा है। दूसरा सिद्धू के मैदान में आने के बाद अकाली दल के नेताओं को भी एकजुट होना पड़ेगा। क्योंकि सिद्धू को पार्टी प्रधान सुखबीर बादल ने खुद चुना है। बादल ने इस बात के संकेत कुछ दिन पहले ही दे दिए थे। जब अकाली दल व बीजेपी के पार्षद एक साथ सुखबीर से मिलकर उन्हें पांच पार्षदों के नाम की सूची दी थी। साथ ही मांग की थी कि उनमें से एक को टिकट दिया जाए।
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उस समय सुखबीर ने साफ कहा था कि वह मोहाली से जीतने वाले को ही टिकट देंगे। साथ ही जिस उम्मीदवार को वह चुनाव मैदान में उतारेंगे। उसका सभी पार्षदों व नेताओं को समर्थन करना होगा। जिक्रयोग है कि गत चुनाव में अकाली दल ने पैराशूट उम्मीदवार बलवंत सिंह रामूवालिया को चुनाव मैदान में उतारा था। उस चुनाव में उन्हें 47249 मत मिले थे। जबकि कांग्रेस के बलबीर सिंह सिद्धू को 64005 मत मिले थे। चुनाव में बलबीर सिंह सिद्धू विजयी रहे थे।