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टीचर भर्ती घोटालाः शिक्षा विभाग ने लिया बड़ा फैसला, तैयार हो रहा प्रपोजल

Thu, 04 Aug 2016 09:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Updated Thu, 04 Aug 2016 09:22 AM IST
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teachers recruitment rules and process modified by administration, chandigarh
परीक्षा - फोटो : file photo
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग शिक्षकों की भर्ती के लिए फिर से नियमों में बदलाव करने की तैयारी में है। प्राइवेट एजेंसी से शिक्षकों की भर्ती में घोटाला सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया है। जानकारी अनुसार भविष्य में शिक्षकों की भर्ती शिक्षा विभाग अपने स्तर पर ही करेगा। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की भर्ती की नई प्रक्रिया अपनाने के लिए यूटी प्रशासन को प्रपोजल भेजने का फैसला लिया है। जानकारी अनुसार भविष्य में होने वाली शिक्षकों की भर्ती में लिखित परीक्षा भी खत्म करने की तैयारी है।
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2008 की शिक्षक भर्ती में इंटरव्यू में घोटाले के बाद 2015 की भर्ती में इंटरव्यू प्रक्रिया पहले ही खत्म की जा चुकी है। जानकारी अनुसार भविष्य में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगा। आवेदन फार्म भरने से लेकर अप्वाइंटमेंट लेटर तक कैंडीडेट्स को घर बैठे मिलेगा। शिक्षा विभाग भविष्य में करीब 300 शिक्षकों की भर्ती करने की तैयारी में था। जिसे पुरानी प्रक्रिया के तहत ही करना था, लेकिन कुछ समय पहले ही 2015 की शिक्षक भर्ती घोटाले के बाद अधिकारियों ने नई प्रक्रिया से नियुक्ति करने का प्रपोजल तैयार किया है। 
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जानकारी अनुसार नई भर्ती प्रक्रिया में कैंडीडेट्स का एकेडमिक रिकार्ड और सीबीएसई के सेंट्रल टीचर एलिजिबिल्टी टेस्ट(सीटीईटी) को आधार बनाकर मेरिट तैयार की जाएगी। शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी भविष्य में सिर्फ सीटीईटी अंकों की मेरिट के आधार पर शिक्षकों की भर्ती करने के पक्ष में है। लेकिन अंतिम फैसला शिक्षा सचिव से परामर्श के बाद ही होगा। 
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करोड़ों दिए प्राइवेट एजेंसी को फिर भी घोटाला  
चंडीगढ़ प्रशासन शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती में घोटाले रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। 2008 और फिर 2015 में शिक्षकों की दोनो भर्तियों में घोटाला उजागर हो चुका है। शिक्षकों को पारदर्शी भर्ती के लिए शिक्षा विभाग ने पंजाब यूनिवर्सिटी की एजेंसी की मदद ली, जिसके लिए करीब एक करोड़ फीस दी गई। लेकिन भर्ती में फिर भी घोटाला हो गया। 
 

पुलिस पहुंची शिक्षकों का रिकार्ड लेने 

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घोटाला
पुलिस पहुंची शिक्षकों का रिकार्ड लेने 
2015 शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर आजकल पुलिस लगातार डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन बिल्ंिडग में पहुंच रही है। जानकारी अनुसार बुधवार को भी शिक्षक भर्ती से जुड़ा रिकार्ड पुलिस ने कब्जे में लिया है। डीएसई रुबिंदरजीत सिंह बराड़ ने कहा कि पुलिस द्वारा जो भी रिकार्ड मांगा गया उसे उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह अपने स्तर पर भी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।  

यूटी के दूसरे विभागों में भी घोटाले  
यूटी में सिर्फ शिक्षकों की भर्ती घोटाला नहीं हो रहा। 2011 में सीटीयू में 144 कंडक्टर भर्ती में भी बड़े स्तर पर घोटाला उजागर हुआ था। इस भर्ती को रदद कर दिया गया। 90 फीसदी से अधिक सफल उम्मीदवार हरियाणा से थे। उधर 2012 में 132 फायरमैन की भर्ती भी रद्द हो चुकी है।  
 
कोट्स ...
भर्ती में घोटाले रोकने के लिए यूटी का अपना सिलेक्शन बोर्ड बनना चाहिए। यूटी के ही अधिकारियों को ही यह काम देना चाहिए। एकेडमिक अंकों से मेरिट सूची में भी फर्जी डिग्रियां लेने का चलन शुरू हो जाएगा। पूरे सिस्टम को नए सिरे से स्थापित करना होगा।
स्वर्ण सिंह कंबोज, प्रेसिडेंट यूटी कैडर इम्पलाइज यूनियन चंडीगढ़। 

शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को ओर पारदर्शी बनाया जाएगा। भविष्य में एकेडमिक या सिर्फ सीबीएसई की ओर से आयोजित सीटीईटी के अंकों के आधार पर मेरिट बनाई जाएगी। इंटरव्यू प्रक्रिया पहले ही खत्म की जा चुकी है। जल्द ही भर्ती प्रक्रिया के नियमों को फाइनल किया जाएगा। 
रुबिंदरजीत सिंह बराड़ , डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़ 
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