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Chandigarh News: मेवात मॉडल स्कूलों के अध्यापकों को नहीं मिला दो महीने से वेतन
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नहीं सुलझे मेवात माॅडल स्कूलों के मुद्दे, एसोसिएशन ने दी चेतावनी
चंडीगढ़। मेवात मॉडल स्कूलों को शिक्षा विभाग में मर्ज हुए दो साल से ज्यादा का वक़्त बीत गया है, लेकिन इन स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों को अभी भी नियुक्ति पत्रों का इंतजार है। वहीं, अब पिछले दो माह से इन अध्यापकों का वेतन अटका हुआ है। वेतन नहीं मिलने से अध्यापकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मांगों का समाधान नहीं होने पर मेवात मॉडल स्कूल्स एसोसिएशन ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस संबंध में एसोसिएशन की दो फरवरी को भी महानिदेशक मौलिक स्कूल शिक्षा के साथ बैठक हो चुकी है। बैठक में जल्द समाधान का आश्वासन दिया था। इससे पहले भी कई बार निदेशालय के अधिकारियों से बातचीत हुई है, लेकिन फैसलों को लागू नहीं किया। इसके अलावा अब अध्यापकों के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है। पिछले दो महीने से उनको वेतन नहीं मिल पा रहा है। इससे पहले भी कई बार अध्यापकों को वेतन के लिए कई-कई माह तक इंतजार करना पड़ता रहा है। स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि दो अध्यापकों की मौत के कारण उनके परिवार को अनुकंपा लाभ अभी तक नहीं मिला है। एसोसिएशन के प्रधान विजेंद्र कुमार व पूर्व प्रधान सतीश खटाना ने बताया कि निदेशालय कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जल्द समाधान नहीं हुआ तो सर्व कर्मचारी संघ के साथ मिलकर शिक्षा सदन पर आक्रोश प्रदर्शन करेंगे।
पिछले ढाई साल से दिव्यांग श्रेणी में नहीं मिल रही पदोन्नति
पिछले ढाई साल से दिव्यांग अध्यापक दिव्यांग श्रेणी में पदोन्नति की बाट जोह रहे हैं। खास बात यह है कि दिव्यांग कमिश्नर की कोर्ट ने इस संबंध में लिखित आदेश दिए थे। बावजूद इसके मेवात जिला शिक्षा अधिकारी आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं।
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पीड़ित दिव्यांग अध्यापकों का कहना है कि नियम अनुसार जेबीटी अध्यापकों के पद से पदोन्नति में दिव्यांग अध्यापकों की पदोन्नति सबसे पहले की जाती है। लेकिन अधिकारियों ने सामान्य पदोन्नति वर्ष 2021 में कर दी गई थी, लेकिन उनमें दिव्यांग अध्यापकों को कोई पदोन्नति नहीं दी गई। अध्यापकों ने जुलाई, 2022 में दिव्यांग कमिश्नर की कोर्ट में केस डाल दिया। नवंबर, 2022 में दिव्यांगजन कमिश्नर राजकुमार मक्कड़ ने जिला शिक्षा विभाग को 15 दिन के अंदर-अंदर दिव्यांग अध्यापकों की पदोन्नति करने के आदेश दिए थे।
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चंडीगढ़। मेवात मॉडल स्कूलों को शिक्षा विभाग में मर्ज हुए दो साल से ज्यादा का वक़्त बीत गया है, लेकिन इन स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों को अभी भी नियुक्ति पत्रों का इंतजार है। वहीं, अब पिछले दो माह से इन अध्यापकों का वेतन अटका हुआ है। वेतन नहीं मिलने से अध्यापकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मांगों का समाधान नहीं होने पर मेवात मॉडल स्कूल्स एसोसिएशन ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस संबंध में एसोसिएशन की दो फरवरी को भी महानिदेशक मौलिक स्कूल शिक्षा के साथ बैठक हो चुकी है। बैठक में जल्द समाधान का आश्वासन दिया था। इससे पहले भी कई बार निदेशालय के अधिकारियों से बातचीत हुई है, लेकिन फैसलों को लागू नहीं किया। इसके अलावा अब अध्यापकों के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है। पिछले दो महीने से उनको वेतन नहीं मिल पा रहा है। इससे पहले भी कई बार अध्यापकों को वेतन के लिए कई-कई माह तक इंतजार करना पड़ता रहा है। स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि दो अध्यापकों की मौत के कारण उनके परिवार को अनुकंपा लाभ अभी तक नहीं मिला है। एसोसिएशन के प्रधान विजेंद्र कुमार व पूर्व प्रधान सतीश खटाना ने बताया कि निदेशालय कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जल्द समाधान नहीं हुआ तो सर्व कर्मचारी संघ के साथ मिलकर शिक्षा सदन पर आक्रोश प्रदर्शन करेंगे।
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पिछले ढाई साल से दिव्यांग श्रेणी में नहीं मिल रही पदोन्नति
पिछले ढाई साल से दिव्यांग अध्यापक दिव्यांग श्रेणी में पदोन्नति की बाट जोह रहे हैं। खास बात यह है कि दिव्यांग कमिश्नर की कोर्ट ने इस संबंध में लिखित आदेश दिए थे। बावजूद इसके मेवात जिला शिक्षा अधिकारी आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं।
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पीड़ित दिव्यांग अध्यापकों का कहना है कि नियम अनुसार जेबीटी अध्यापकों के पद से पदोन्नति में दिव्यांग अध्यापकों की पदोन्नति सबसे पहले की जाती है। लेकिन अधिकारियों ने सामान्य पदोन्नति वर्ष 2021 में कर दी गई थी, लेकिन उनमें दिव्यांग अध्यापकों को कोई पदोन्नति नहीं दी गई। अध्यापकों ने जुलाई, 2022 में दिव्यांग कमिश्नर की कोर्ट में केस डाल दिया। नवंबर, 2022 में दिव्यांगजन कमिश्नर राजकुमार मक्कड़ ने जिला शिक्षा विभाग को 15 दिन के अंदर-अंदर दिव्यांग अध्यापकों की पदोन्नति करने के आदेश दिए थे।