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पढ़ने गए थे ऑस्ट्रेलिया, आज चलाते हैं अपना कारोबार...सिक्योरिटी गार्ड से लेकर टेक्निशियन बने
Sun, 23 Feb 2020 02:01 PM IST
खुशबू गोयल
अमित शर्मा, मोहाली
अमित शर्मा, मोहाली
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 23 Feb 2020 02:01 PM IST
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दीपजोत सिंह
- फोटो : अमर उजाला
दीपजोत सिंह इस समय ऑस्ट्रेलिया में हैं। वहां वे अपना बिजनेस चला रहे हैं, जबकि वे विदेश पढ़ाई करने के लिए गए थे। उन्होंने बताया कि 21 साल पहले जब वे कानून की पढ़ाई कर रहे थे, तभी उनके पड़ोस में रहने वाला एक युवक विदेश जाकर वापस गए। उसने वहां जाकर विदेश की कई खूबियां बताईं। उसकी बातें सुनकर वे बहुत प्रभावित हुए और फिर उन्होंने भी ठान लिया कि उन्हें विदेश में जाकर बसना है।
जब घर वालों को यह बात बताई तो वे पहले आशंकित हुए लेकिन बाद में दीपजोत सिंह को पढ़ाई के लिए आस्ट्रेलिया भेज दिया। वहां स्थितियां विपरीत थीं। पढ़ाई के दौरान उन्होंने वहां कई संघर्ष किए। कई नौकरियां करनी पड़ी। किस्मत ने साथ दिया। आस्ट्रेलिया में अब उनका अपना कारोबार है। खुद की प्रिंटिंग कंपनी खोल ली है, जिसे वह और उनकी पत्नी चलाती हैं। साथ में लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।
दीपजोत बताते हैं कि यहां तक पहुंचने में उन्होंने काफी मेहनत की है। मेहनत के बल पर सबकुछ हासिल किया है। उन्होंने बिजनेस मैनेजमेंट से डिप्लोमा किया। उसके बाद कई जगह नौकरी की। इसमें सिक्योरिटी गार्ड से लेकर टेक्निकल कॉम किए। लेकिन कभी भी काम करने में शर्म नहीं समझी। धीरे -धीरे उनकी मेहनत रंग लाई और स्थिति बदलती चली गई। उन्होंने बताया कि कोई भी इंडिया से आता या कोई भी इंसान मुश्किल में होता है। तो उसके लिए हर समय आगे रहते हैं।
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जब घर वालों को यह बात बताई तो वे पहले आशंकित हुए लेकिन बाद में दीपजोत सिंह को पढ़ाई के लिए आस्ट्रेलिया भेज दिया। वहां स्थितियां विपरीत थीं। पढ़ाई के दौरान उन्होंने वहां कई संघर्ष किए। कई नौकरियां करनी पड़ी। किस्मत ने साथ दिया। आस्ट्रेलिया में अब उनका अपना कारोबार है। खुद की प्रिंटिंग कंपनी खोल ली है, जिसे वह और उनकी पत्नी चलाती हैं। साथ में लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।
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दीपजोत बताते हैं कि यहां तक पहुंचने में उन्होंने काफी मेहनत की है। मेहनत के बल पर सबकुछ हासिल किया है। उन्होंने बिजनेस मैनेजमेंट से डिप्लोमा किया। उसके बाद कई जगह नौकरी की। इसमें सिक्योरिटी गार्ड से लेकर टेक्निकल कॉम किए। लेकिन कभी भी काम करने में शर्म नहीं समझी। धीरे -धीरे उनकी मेहनत रंग लाई और स्थिति बदलती चली गई। उन्होंने बताया कि कोई भी इंडिया से आता या कोई भी इंसान मुश्किल में होता है। तो उसके लिए हर समय आगे रहते हैं।
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ऑस्ट्रेलिया के लोग भी काफी मददगार हैं
दीपजोत ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के लोग काफी मददगार हैं। वह मुश्किल में किसी को भी देखते है तो उसकी सहायता के लिए आगे आ जाते हैं। इसी चीज को वह भी अपने जीवन में फॉलो करते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश यही रहती है कि किसी के मायूस चेहरे पर खुशियां लाई जाए। ऑस्ट्रेलियां के जंगलों में आग लगी हो या कोई अन्य स्थिति आई हो। उन्होंने हमेशा वहां की सोसाइटी का साथ दिया है।
आस्ट्रेलिया केवल मेहनती लोगों के लिए
दीपजोत के मुताबिक, अब समय काफी बदल गया। टेक्नोलॉजी काफी फर्स्ट हो गई। युवा विदेश तो आसानी से पहुंच जाते है, लेकिन वहां वही रह पाता है, जो मेहनती होगा। उन्होंने विदेश में रहने वाले लोगों को एक नसीहत देते हुए कहा कि वह मेहनत करने की आदत डालें। विदेशों में भी मेहनत करने वालों के ही सपने सच होते हैं, जिन लोगों को मेहनत करने की आदत नहीं है। वह यहां आकर भी धक्के खाते है।
आस्ट्रेलिया केवल मेहनती लोगों के लिए
दीपजोत के मुताबिक, अब समय काफी बदल गया। टेक्नोलॉजी काफी फर्स्ट हो गई। युवा विदेश तो आसानी से पहुंच जाते है, लेकिन वहां वही रह पाता है, जो मेहनती होगा। उन्होंने विदेश में रहने वाले लोगों को एक नसीहत देते हुए कहा कि वह मेहनत करने की आदत डालें। विदेशों में भी मेहनत करने वालों के ही सपने सच होते हैं, जिन लोगों को मेहनत करने की आदत नहीं है। वह यहां आकर भी धक्के खाते है।