{"_id":"585d6f724f1c1b1917e3a273","slug":"tagore-theatre-chandigarh-event-presentation-of-musical-instruments","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ जॉज असेंबल ग्रुप की प्रस्तुति, वाद्ययंत्रों की धुनों में खोए श्रोता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ जॉज असेंबल ग्रुप की प्रस्तुति, वाद्ययंत्रों की धुनों में खोए श्रोता
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 24 Dec 2016 12:09 AM IST
विज्ञापन
वाद्ययंत्रों की धुनों में खोए श्रोता
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टैगोर थिएटर में चंडीगढ़ जॉज असेंबल ग्रुप ने शुक्रवार को वाद्ययंत्रों से प्रस्तुति दी। हिंदुस्तानी फिल्म संगीत के पुराने गीतों पर चंडीगढ़ में यह ग्रुप की पहली प्रस्तुति है। कार्यक्रम की शुरूआत वंदेमातरम से की गई। इसके बाद पंडित हरविंदर शर्मा ने ‘दिल के झरोखे में तुझको बिठाकर’ गीत से शुरूआत की।
इसके बाद अजी रूठकर कहां जाइएगा, आज सोचा तो आंसू भर आए, बंगले के पीछे, हाय राम ये क्या हुआ, क्या यही प्यार है, गुलाबी आंखें जो तेरी देखी, चलते चलते यूं ही कोई मिल गया था, हुस्न पहाड़ां दा समेत कई गीतों को वाद्ययंत्रों की धुनों से सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। टैगोर थिएटर में बैठे दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
पंडित डॉ हरविंदर शर्मा ने सितार, मनीष कुमार और कर्नल रोहित पटवर्धन ने सेक्सोफोन, विविल शर्मा ने बांसुरी, अरुण कुमार ने ड्रम्स, देवेंद्र राही और नीरज ने की- बोर्ड पर साथ निभाया। गरिमा, ज्योति और निखिल ने वायलन पर कार्यक्रम में साथ निभाया। कार्यक्रम के दौरान डेढ़ घंटे में 15 गीतों की धुनें सुनाई गईं। कार्यक्रम संगीत नाटक अकादमी द्वारा आयोजित किया गया। अकादमी के चेयरमैन कमल अरोड़ा को कलाकारों ने सम्मानित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके बाद अजी रूठकर कहां जाइएगा, आज सोचा तो आंसू भर आए, बंगले के पीछे, हाय राम ये क्या हुआ, क्या यही प्यार है, गुलाबी आंखें जो तेरी देखी, चलते चलते यूं ही कोई मिल गया था, हुस्न पहाड़ां दा समेत कई गीतों को वाद्ययंत्रों की धुनों से सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। टैगोर थिएटर में बैठे दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
विज्ञापन
पंडित डॉ हरविंदर शर्मा ने सितार, मनीष कुमार और कर्नल रोहित पटवर्धन ने सेक्सोफोन, विविल शर्मा ने बांसुरी, अरुण कुमार ने ड्रम्स, देवेंद्र राही और नीरज ने की- बोर्ड पर साथ निभाया। गरिमा, ज्योति और निखिल ने वायलन पर कार्यक्रम में साथ निभाया। कार्यक्रम के दौरान डेढ़ घंटे में 15 गीतों की धुनें सुनाई गईं। कार्यक्रम संगीत नाटक अकादमी द्वारा आयोजित किया गया। अकादमी के चेयरमैन कमल अरोड़ा को कलाकारों ने सम्मानित किया।
विज्ञापन