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विपक्ष में करते थे विरोध, सत्ता में आए तो टेबल एजेंडा लाए

Sat, 30 Jul 2016 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Updated Sat, 30 Jul 2016 12:34 AM IST
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मेयर अरूण सूद - फोटो : file photo
जब तक अरुण सूद नगर निगम में विपक्षी दल के नेता रहे तो सदन की बैठक में टेंबल एजेंडा लाने का विरोध करते रहे, लेकिन अब मेयर हैं तो वही काम कर रहे हैं। शुक्रवार को सदन की बैठक में 26 करोड़ 96 लाख रुपये के एजेंडे चर्चा के लिए आए, पार्षदों ने बिना पढ़े ही उनको पास कर दिया। सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल ने मेयर के समक्ष करोड़ों रुपये के टेंबल एजेंडा लाने का विरोध भी जाहिर किया। मोदगिल ने मेयर से कहा कि वह विकास के प्रस्तावों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बिना अध्ययन के टेबल एजेंडे नहीं आने चाहिए। मोदगिल ने यह भी कहा कि जब तक विपक्ष में थे तो अरुण सूद खुद भी टेबल एजेंडे लाने का विरोध करते रहे हैं। सदन की बैठक से दो दिन पहले पार्षदों को मिला था उसमे 5 करोड़ 9 लाख रुपये के एजेंडे ही शामिल किए गए थे। कांग्रेस सुबह ही सदन का बहिष्कार कर गई थी जिसके बाद भाजपा और मनोनीत पार्षदों ने मिलकर इन प्रस्तावों को पास किया। 26 करोड़ 96 लाख रुपये में 13 करोड़ का प्रस्ताव अकेले नई रोड गलियों के निर्माण से संबंधित है।
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मल्टीलेवल पार्किंग के एजेंडे का सूद ने किया था विरोध
चार साल पहले अरुण सूद ने 40 करोड़ के मल्टीलेवल पार्किंग के टेबल एजेंडे का विरोध किया था। उस समय उन्होंने यही कहा था कि एक मिनट में बिना अध्ययन के एजेंडा पास करना ठीक नहीं है क्योंकि इससे कई खामियां रह जाती। इसलिए उन्होंने जब मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण शुरू होने वाले समारोह में भी भाग नहीं लिया था। सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल ने सदन में इस प्रोजेक्ट का भी जिक्र किया था।
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टेंबल एजेंडा और मेन एजेंडे में यह है फर्क
टेंबल एजेंडा वह होता है जो कि सदन की बैठक में ही पास होने के लिए अधिकारियों द्वारा लाया जाता है। जबकि मेन एजेंडा वह होता है जो बैठक से 72 घंटे पहले पार्षदों को दिया जाता है। एक्ट के अनुसार सदन का एजेंडा पार्षदों को 72 और वित्त एवं अनुबंध कमेटी का एजेंडा 48 घंटे पहले पार्षदोें को मिलना चाहिए। टेंबल एजेंडा सिर्फ इमरजेंसी में ही लाया जा सकता है।
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यह रहे टेबल एजेंडे में शामिल
. 248.34 लाख से मनीमाजरा के इंदिरा कालोनी में नया कम्युनिटी सेंटर का निर्माण किया जाएगा। पुराने कम्युनिटी सेंटर को तोड़ा जाएगा
. 127.95 लाख से कजहेड़ी, सेक्टर-52, रामदरबार कालोनी, सेक्टर-25 जनता कालोनी, धनास अमन कालोनी में टयूबवेल की बोरिंग की जाएगी
. 157.95 लाख सेक्टर-18, 27 बी, 31,35 और 49 में पानी के टयूबवेल की बोरिंग नए सिरे से की जाएगी
. 61.26 लाख से सेक्टर-26 की बापूधाम कालोनी में घरों के बाहर पानी की पाइप लाइन डाली जाएगी
. 139.87 लाख से गांव कजहेड़ी में वाटर सप्लाई की लाइन डाली जाएगी
. 591 लाख से हल्लोमाजरा में सीवरेज और पाइप लाइन डालने का काम किया जाएगा

मेयर अरुण सूद  का कहना है कि यह चुनावी साल है। मैंने कमिश्नर से बात करके यह तय किया था कि इतनी ज्यादा टेंबल एजेंडे नहीं आएंगे। दबाव के कारण एजेंडे एन मौके पर लाए जा रहे हैं। दो माह बाद चुनाव आचार सहिता लग जाएगी इसलिए जो एजेंडे अब पास हो जाएंगे तो उन्हें अगले दिनों में लागू करवाने में आसानी रहेगी।


पूर्व मेयर सुभाष चावला का कहना है कि मेयर म्युनिसिपल एक्ट के अनुसार सदन नहीं चला रहे हैं। एक साजिश के तहत टेंबल एजेंडे लाए जा रहे हैं ताकि कोई चर्चा ही न की जा सके। ये सभी एजेंडे अवैध हैं क्योंकि एक्ट में टेबल एजेंडे का कोई प्रावधान ही नहीं है। सिर्फ कोई इमरजेंसी में एजेंडा आ सकता है। वह भी सदन में ही 5 पार्षदों के हस्ताक्षर के साथ आने का प्रावधान है।



 
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