चंडीगढ़: बत्तख में मिला बर्ड फ्लू वायरस
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सुखना लेक पर एक हफ्ते से हो रही बत्तखों की मौत में नया खुलासा हुआ है। जिन बतखों की मौत हुई थी, उनमें से एक में बर्ड फ्लू (एच5एन1) की पुष्टि हुई है। यह खुलासा भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिसीज की रिपोर्ट में हुआ है।
इंस्टीट्यूट ने रिपोर्ट सीधे कृषि मंत्रालय के अधीन डिपार्टमेंट ऑफ एनिमल हस्बेंडरी, डेरींग एंड फिशरीज को भेजी थी। मंत्रालय की ओर से पुष्टि का लेटर यूटी प्रशासन को भेजा गया।
इससे पहले बत्तखों की लगातार हो रही मौत के बाद प्रशासन के वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट ने इनके ब्लड सैंपल जालंधर स्थित रीजनल डिसीज डायग्नोस्टिक लैबोरेट्री को भेजे गए थे। प्राथमिक जांच में बतखों की मौत की वजह भूख और ठंड बताई गई थी, फिर एडवांस टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल भोपाल भेजे गए।
लेक के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई
बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। यूटी प्रशासक के सलाहकार ने फौरन संबंधित अफसरों के साथ बैठक की। इसके बाद लेक के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई, ताकि पर्यटक बत्तखों के करीब जा न सकें।
बतखों के पास जाने से किया मना
बुधवार को सुखना लेक पर पर्यटकों को बत्तखों के पास जाने नहीं दिया गया। वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट के कर्मचारी और पुलिस कांस्टेबल सीढ़ियों के पास तैनात रहे।
उन्होंने किसी भी पर्यटक को सीढ़ियों से नीचे पानी तक नहीं जाने दिया। इससे कुछ पर्यटक मायूस भी हुए। इसके अलावा आईलैंड के आसपास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई, ताकि लोग वहां जा न सकें। हालांकि कई पर्यटक आईलैंड पर घूमते नजर आए।
स्टाफ के लिए नहीं बरती सावधानी
बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद भी लेक पर तैनात स्टाफ के लिए कोई सावधानी नहीं बरती गई है। बुधवार को भी कर्मचारी बिना मास्क और दस्तानों के नजर आए। इससे पहले भी मर चुकी बत्तखों के शव उठाने के लिए कर्मचारियों को मास्क और दस्ताने नहीं दिए गए थे।