{"_id":"10e9638baa48ccd4b7d6b9b00756666c","slug":"syl-issue-syl-harsimrat-sukhpal-khaira-aap-aam-aadmi-party-punjab-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसवाईएल के मुद्दे पर इस्तीफा दें हरसिमरत बादल: खैरा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसवाईएल के मुद्दे पर इस्तीफा दें हरसिमरत बादल: खैरा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 02 Mar 2016 06:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम आदमी पार्टी ने केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल का इस्तीफा मांगा है। आप नेता सुखपाल खैरा ने कहा कि अगर अकाली एसवाईएल के मुद्दे पर गंभीर हैं तो हरसिमरत को इस्तीफा देना चाहिए।
विज्ञापन
खैरा ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल रणजीत कुमार ने प्रेसिडेंशियल रेफरेंस ऑन द वैलिडिटी ऑफ टर्मिनेशन ऑफ वाटर एग्रीमेंट की सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट बेंच के सामने कहा है कि केंद्र सरकार एसवाईएल के जल्द मुकम्मल होने के पक्ष में है। रणजीत कुमार ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है।
विज्ञापन
आप का मानना है कि एसजी ने मोदी कैबिनेट केसामने मोदी कैबिनेट की सांझी सोच पेश की है। क्योंकि हरसिमरत उस कैबिनेट में मंत्री हैं इसलिए यह माना जाना चाहिए कि मोदी सरकार द्वारा लिए स्टैंड को बादल सरकार की भी हिमायत प्राप्त है। खैरा ने कहा कि छह अप्रैल 1982 को पूर्व पीएम इंदिरा गांधी ने गांव कपूरी में इस नहर केनिर्माण का उद्घाटन किया था। जिसने पंजाब को झिंझोड़ कर रख दिया था, सूबे में काफी खून-खराबा हुआ था।
विज्ञापन
आतंकवाद के लिए जिम्मेदार कई मुद्दों में से एक यह भी था। बहुत सारे लोगों ने अपनी जानें गवाईं। यह भी है कि अकालियों ने हरियाणा व राजस्थान के साथ किसी भी दरियाई पानी के बंटवारे केविरोध को लेकर नौजवानों को भड़काया और सियासी फायदा लिया। नौजवानों की जानें गईं पर अकाली दल पानी को बचाने में विफल रहा। अब फिर अकाली दल मगरमच्छ के आंसू बहा रहा है और इस मुद्दे पर पीएम से मिलने के दावे कर रहा है।
आप की सोच है कि पंजाब अपने पानी की एक बूंद भी किसी सूबे के साथ सांझी नहीं कर सकता। खासकर उस समय जब खेती अर्थव्यवस्था ढह चुकी है। 51000 करोड़ केकर्ज तले दबे किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं। मोदी सरकार द्वारा एसवाईएल नहर बनाने की किसी भी कोशिश का आप विरोध करेगी। उन्होंने सीएम को चुनौती दी कि अगर वह पंजाब केपानी को बचाने में गंभीर हैं तो अपनी बहू को केंद्रीय कैबिनेट से इस्तीफा दिलाएं और भाजपा से गठजोड़ खत्म करें। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो समझा जाएगा कि वह ऐसे जज्बाती मुद्दों पर सिर्फ सियासी रोटियां ही सेकना जानते हैं।