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स्वाइन फ्लू की ये भयावह स्थिति रूह कंपा देगी

Tue, 10 Feb 2015 08:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 10 Feb 2015 08:15 AM IST
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Swine Flu Position in Figures in Punjab State

पंजाब के लोगों को स्वाइन फ्लू से घबराने की जरूरत नहीं, स्वास्थ्य विभाग ने इससे निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए हैं। हर तरह की दवाएं अस्पतालों में मौजूद हैं। हर जिला हेडक्वार्टर पर विशेष मेडिकल टीमों का गठन भी किया गया है।

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विशेष जागरूकता व स्वास्थ्य जांच मुहिम भी चलाई गई है। सभी सिविल सर्जनों को हिदायत जारी की गई हैं कि वे स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों पर नजर रखें व उनका तुरंत इलाज शुरू करें।
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स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों के अलावा प्राइवेट अस्पतालों में दाखिल स्वाइन फ्लू के मरीजों के इलाज पर पूरी निगरानी रखेगा।

यह कहना है पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री सुरजीत ज्याणी का। पंजाब में स्वाइन फ्लू के कारण अब तक 12 मौतें हो चुकी हैं। इनके अलावा कई मरीजों में फ्लू की पुष्टि भी हुई है।

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पंजाब में स्वाइन फ्लू का कहर, पहली तस्वीर

Swine Flu Position in Figures in Punjab State

जालंधर तीन की जान गई
जालंधर में भी स्थिति गंभीर है। अब तक तीन मरीजों की मौत हो चुकी हैं, जबकि पांच मरीजों में रोग की पुष्टि हो चुकी है। जान गंवाने वालों में नकोदर के संदीप कुमार, लोहियां की चरणकौर व अर्जुन नगर के अजय कुमार शामिल हैं। दस संदिग्ध मामले सामने आए हैं। इनमें से 8 सिविल और 2 पटेल अस्पताल में भर्ती हैं।
इंतजाम : जालंधर, फिल्लौर व नकोदर में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट संजीव बबूटा के अनुसार अगर रिपोर्ट पॉजीटिव आ जाती है तो मरीज को टैमीफ्लू की दवा शुरू करवाई जाती है। मरीजों के देखभाल की जिम्मेदारी मेडिकल स्पेशलिस्ट कश्मीरी लाल, नोडल अफसर डा. सतीष सूद व डीएचओ बलविंदर सिंह को सौंपी गई है।

अमृतसर चार की मौत

स्वाइन फ्लू से सबसे गंभीर स्थिति इसी जिले की है। अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। छह मरीजों में पुष्टि हो चुकी है। दस संदिग्ध मामले भी जिनकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
इंतजाम : सरकारी गुरु नानक देव अस्पताल में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में न तो दवा है और न ही वेंटिलेटर ठीक तरह से काम कर रहे हैं। इस वार्ड में कर्मचारियों और डाक्टरों के लिए मास्क तक भी उपलब्ध नहीं है। आइसोलेशन वार्ड के प्रभारी डॉ. एनएस नेकी का कहना है कि जब रोगी अति गंभीर होता है तो तब उसे वार्ड में लाया जाता है। जिला मलेरिया अफसर डॉ. राजू चौहान का कहना है कि स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर इलाज के लिए किट उपलब्ध करा दी जाती है।

पटियाला : दो को नहीं बचा सके
स्वाइन फ्लू पटियाला में भी जान लेवा साबित हुआ है। जिले में अब तक दो लोगों की मौतें हो चुकी हैं। दो अन्य मरीजों में इसकी पुष्टि हुई है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार राजिंदरा अस्पताल, माता कौशल्या अस्पताल के अलावा नाभा, राजपुरा व समाना के सिविल अस्पतालों में भी आइसोलेशन वार्ड बना दिए हैं। शहर के दो प्राइवेट अस्पतालों में भी आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। टेमीफ्लू, वीटीएम किट, स्वैब स्टिक का पर्याप्त इंतजाम है।

फिरोजपुर : एक मौत
जिले में स्वाइन फ्लू से एक मौत हो चुकी है। इलाज की पर्याप्त व्यवस्था न होने से मरीज को अमृतसर के गुरनानक देव अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि फिरोजपुर के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि आइसोलेशन वार्ड और दवा के इंतजाम पूरे हैं।

पंजाब में स्वाइन फ्लू का कहर, दूसरी तस्वीर

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लुधियाना अब तक दो मरीज
मेडिकल सुविधाएं अच्छी होने से आसपास के जिलों के मरीज भी यहीं आते हैं। लुधियाना में अब तक स्वाइन फ्लू के सात मरीज भर्ती है, इनमें से सिर्फ दो लुधियाना के और बाकी अन्य जिलों से हैं।
इंतजाम : जिला मलेरिया अफसर डॉ. अनिल वर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू को लेकर विभिन्न अस्पतालों के साथ वर्ष में तीन महीने दिसंबर, जनवरी और फरवरी में मीटिंग होती है। जिले के विभिन्न अस्पतालों में 59 आइसोलेशन वार्ड है। एसएमओ परमिंदर पाल सिंह सिद्धू के अनुसार सिविल अस्पताल में तीन बेड स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए रखे गए हैं, लेकिन इलाज के लिए पूरी सुविधा नहीं है। अस्पताल में कोई वेंटिलेटर नहीं है। मास्क और आक्सीजन देने का पूरा इंतजाम भी नहीं है। इसके लिए सरकार को लिखा गया है।

फाजिल्का एक मरीज
यह स्वास्थ्य मंत्री चौ. सुरजीत कुमार ज्याणी का गृह जिला है। चार दिन पहले स्वाइन फ्लू का एक मरीज यहां भी मिला था। अबोहर के साउथ एवेन्यू गली नंबर 13 निवासी मरीज सुभाष को इलाज के लिए बठिंडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इंतजाम:
अबोहर के एसएमओ डॉ. जगदीश टक्कर के अनुसार सरकारी अस्पताल में चार बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाकर डॉ. युधिष्ठिर को नोडल अधिकारी बनाया गया है। टेमीफ्लू दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। जलालाबाद के सरकारी अस्पताल में भी 6 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। फिरोजपुर के एसएमओ डॉ. दविन्द्र भुक्कल ने बताया कि दो बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाकर डॉ. कुलवंत सिंह को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है।

बठिंडा : अब तक दो रोगी
जिले में अब तक दो मरीज सामने आ चुके हैं। इनका उपचार लुधियाना के दो अलग-अलग प्राइवेट अस्पतालों में चल रहा है। उनकी हालत अब ठीक बताई जा रही है। कुल 12 संदिग्ध मामलों में चंडीगढ़ पीजीआई से जांच कराई गई, जिनमें दस की की रिपोर्ट निगेटिव आई। जिला एपीडिमोलॉजिस्ट डॉ. एचएस हेयर के अनुसार सिविल अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है।

फरीदकोट : एक मौत
जिले में अभी तक स्वाइन फ्लू का एक मरीज की मौत हो चुकी है और एक संदिग्ध मरीज सामने आया है। कोटकपूरा से संदिग्ध नौजवान मरीज के सैंपल रविवार को पीजीआई चंडीगढ़ भेजे गए है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. संजीव सेठी के अनुसार जिले में गुरू गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अलावा फरीदकोट, कोटकपूरा और जैतो के सिविल अस्पतालों में भी आइसोलेशन वार्ड बनाए जा चुके हैं। इन वार्डों में 18 मरीज रखने क्षमता है। इन वार्डों में डॉक्टरों समेत स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। सभी टेमीफ्लू की दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

गुरदासपुर : एक मौत
गुरदासपुर में भी स्वाइन फ्लू से एक मौत हो चुकी है। उसे इलाज के लिए अमृतसर ले जाना पड़ा था। सीएमओ डॉ. रजनीश सूद के अनुसार अब आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया है और स्टाफ की तैनाती कर दी गई है।

पंजाब के ये जिले अभी स्वाइन फ्लू से सुरक्षित

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पठानकोट
जिले में अब तक कोई स्वाइन फ्लू का मामला सामने नहीं आया है। तीन संदिग्ध मामले आए थे मगर उनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। चार साल पहले पठानकोट में एक महिला सहित चार लोगों की स्वाइन फ्लू से मौत हुई थी।
इंतजाम :
जिले में भी अलर्ट के तहत आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। एक नोडल अफसर के नेतृत्व में डाक्टरों की तीन सदस्यीय टीम भी तैनात की गई है।

मोगा

जिले में अभी तक क़ोई केस सामने नहीं आया है। प्राइवेट अस्पताल में एक संदिग्ध मरीज आई थी, जिसे लुधियाना रेफर किया गया। मेडिकल स्पेशलिस्ट व ईएनटी डॉक्टरों को किया अलर्ट।
इंतजाम : एसएमओ डॉ. अरविंदर गिल ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड बनाया है। वेंटीलेटर की भी सुविधा है। डॉक्टरों को स्वाइन फ्लू से बचने के लिए एन-95 मास्क वितरित। टेमी फ्लू उपलब्ध है।

बरनाला
जिले में अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है। पूरे जिले की स्थिति पर नजर रखने के लिए डीसी गुरलवलीन सिंह सिद्धू और सीएमओ विजय गुप्ता के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर दी गई है।
इंतजाम : सीएमओ विजय गुप्ता के अनुसार सिविल अस्पताल में एक अलग से वार्ड बना दिया गया है। स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दवाएं मंगा ली गई हैं।

कपूरथला
जिले में अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है। राज्य सरकार के निर्देश पर जिले के स्वास्थ्य अधिकारी अलर्ट पर हैं। निपटने के सारे इंतजाम कर लिए गए हैं।
इंतजाम : एसएमओ डॉ. रोशन लाल के अनुसार आइसोलेशन वार्ड और 50 मरीजों के लिए लिए प्रोटेक्शन इक्विपमेंट किट भी तैयार है। फगवाड़ा से टेमी फ्लू दवा मंगाल ली गई है। स्टाफ को मास्क लगाने के लिए डिस्ट्रीब्यूट कर दिए गए हैं।

मुक्तसर
जिले में अभी तक स्वाइन फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। मगर एतियात के तौर पर सारे इंतजाम कर लिये गए हैं, यह दावा यहां के स्वास्थ्य अधिकारियों का है।
इंतजाम : सिविल सर्जन डॉ. जगजीवन लाल के मुताबिक मुक्तसर सिविल अस्पताल में चार बेड का आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया है। टेमी फ्लू की दवा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। डॉक्टर और स्टाफ भी मौजूद है।

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