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Hindi News ›   Chandigarh ›   Suspended ASI Harbhajan sent to jail, questioned the current and former police station in-charge

निलंबित एएसआई हरभजन गया जेल, वर्तमान व पूर्व थाना प्रभारी से पूछताछ

Thu, 18 Feb 2021 03:01 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 18 Feb 2021 03:01 AM IST
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Suspended ASI Harbhajan sent to jail, questioned the current and former police station in-charge
चंडीगढ़। रिश्वत मामले में सीबीआई ने पूर्व प्रभारी बलदेव कुमार और तत्कालीन थाना प्रभारी राजीव को बुधवार को पूछताछ के लिए दफ्तर बुलाया। पूछताछ में थाना प्रभारी राजीव कुमार ने कहा कि उनके थाने में निजी फाइनेंस एजेंसी का कोई केस नहीं आया है। साथ ही शिकायतकर्ता धर्मपाल से दोनों थाना प्रभारियों की पहचान करवाई गई लेकिन उसने दोनों को पहचानने से इंकार कर दिया।
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दरअसल, एएसआई हरभजन ने रिश्वत की पहली किस्त के तीन हजार रुपये पूर्व थाना प्रभारी बलदेव के समय लिए थे जबकि हरभजन की गिरफ्तारी प्रभारी राजीव कुमार के समय हुई है। हालांकि सीबीआई की जांच में दोनों प्रभारियों की कोई संलिप्ता नहीं पाई गई। वहीं, निलंबित एएसआई हरभजन को एक दिन के सीबीआई रिमांड के बाद बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया। जहां से अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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बता दें कि गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन का रिमांड मांगा था लेकिन अदालत ने एक दिन के रिमांड को ही मंजूरी दी थी। बीते सोमवार को सीबीआई ने आरोपी एएसआई को रिश्वत की दूसरी किस्त में दस हजार रुपये लेते गिरफ्तार किया था। दरअसल, लालड़ूृ निवासी एयरफार्स कर्मी धर्मपाल ने 13 फरवरी को सीबीआई को शिकायत में बताया था कि उसने अपने बेटे की शादी के लिए निजी फाइनेंस एजेंसी से 3.20 लाख रुपये का कर्ज लिया था। कुछ किस्तें न चुकाने के कारण एजेंसी ने सेक्टर-34 थाने के एएसआई हरभजन को सूचना दी। आरोपी हरभजन ने एयरफोर्स कर्मी को फोन कर उसके खिलाफ मामला दर्ज न करने के एवज में 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। साथ ही आरोपी ने यह भी कहा कि इनमें से 20 हजार रुपये थाना प्रभारी और बाकी के 50 हजार रुपये कर्ज देने वाली फाइनेंस कंपनी को देने हैं। धर्मपाल ने पहली किस्त में तीन हजार रुपये दिए। दूसरी किस्त दस हजार के रूप में देने की बात तय हुई थी। इसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाकर सेक्टर-32 से आरोपी को 10 हजार रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
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