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Hindi News ›   Chandigarh ›   Survey on Health issue of Chandigarh, Punjab and Haryana people on World Health Day

World Health Day: फास्ट फूड की संस्कृति से कमजोर हो रही रोग प्रतिरोधक क्षमता, अपनी आदतों से लोग पड़ रहे बीमार

Fri, 07 Apr 2023 11:30 AM IST
निवेदिता वर्मा वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 07 Apr 2023 11:30 AM IST
सार

शोध के प्रमुख अन्वेषणकर्ता सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर जेएस ठाकुर ने बताया कि अगर पिछले कुछ दशकों पर गौर किया जाए तो हमारी आदतों में काफी बदलाव आया है। परंपरागत भोजन अब पूरी तरह से बदल चुका है। लोगों पर फास्ट फूड कल्चर हावी हो गया है।

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Survey on Health issue of Chandigarh, Punjab and Haryana people on World Health Day
world health day - फोटो : Istock

विस्तार

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर हेल्थ फॉर ऑल यानी सबके लिए सेहत पर बात की जा रही है, लेकिन सेहत के मुद्दे पर चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के लोग अपनी आदतों से मात खा रहे हैं। स्थिति यह है कि तेजी से बदलते खानपान और रहन-सहन की आदत इन तीनों प्रदेशों के लोगों को गंभीर बीमारियों की चपेट में ला रही है। 
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पीजीआई सामुदायिक चिकित्सा विभाग के विशेषज्ञ द्वारा इन तीनों प्रदेशों में गैर संचारी रोगों की स्थिति व सरकारी इलाज की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद उसके खर्च पर बढ़ रहे बोझ को सर्वे के द्वारा पेश किया गया है। जिसमें यह बात साफ हुई है कि इन तीनों प्रदेशों में उच्च रक्तचाप के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है। वहीं, मधुमेह और कैंसर भी दिनों दिन गंभीर स्थिति में पहुंच रहा है। पीजीआई के इस शोध को प्लोस जनरल में प्रकाशित किया गया है।
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शोध के प्रमुख अन्वेषणकर्ता सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर जेएस ठाकुर ने बताया कि अगर पिछले कुछ दशकों पर गौर किया जाए तो हमारी आदतों में काफी बदलाव आया है। परंपरागत भोजन अब पूरी तरह से बदल चुका है। लोगों पर फास्ट फूड कल्चर हावी हो गया है। जिसे पोषण के हिसाब से अच्छा भोजन नहीं माना जाता। क्योंकि उसमें कार्बोहाइड्रेट, घी तेल की प्रचुरता के साथ ही पकाने का तरीका भी गलत होता है। ऐसे भोजन के सेवन से हमारे शरीर पर बीमारियों का कब्जा हो रहा है, रोग प्रतिरोधक क्षमता दिनों दिन कमजोर हो रही है। वहीं हम गैर संचारी बीमारियों के साथ ही गंभीर संचारी बीमारियों की चपेट में भी आ रहे हैं। इन बीमारियों के बढ़ने का दूसरा प्रमुख कारण शारीरिक गतिविधियों का कम होना भी है। 


शोध में यह बात सामने आई है कि तीनों ही प्रदेशों में खानपान के परंपरागत तरीके में बदलाव के साथ ही शारीरिक गतिविधियां तेजी से कम हुई है। वहीं विभिन्न प्रकार के नशे का दायरा बढ़ा है, जो युवाओं को बीमारियों की चपेट में ला रहा है। ऐसे में ध्यान देना होगा कि जो बीमारियां हमारी आदतों के कारण हमें अपने शिकंजे में ले रही हैं उससे बचाव पर फोकस किया जा सके।

सबकी सेहत के लिए ये काम जरूरी
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करना होगा
  • 70 से 80 प्रतिशत मरीज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही ठीक किए जा सकते हैं।
  • बड़े चिकित्सा संस्थानों में रेफर मरीजों की बढ़ती संख्या पर काबू के लिए हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर को सुदृढ़ बनाना होगा।
  • स्कूल हेल्थ प्रोग्राम पर व्यापक स्तर पर काम करने की जरूरत।
  • गैर संचारी रोगों के साथ ही संचारी रोग और मदर एंड चाइल्ड हेल्थ पर समान रूप से काम करने की जरूरत
  • पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन को लेकर सचेत रहने की जरूरत
  • अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यरत नौकरी पेशा जनता की सेहत का मूल्यांकन जरूरी है।
  • आम जनता के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम किए जाने चाहिए।
  • बीमार लोगों को शत-प्रतिशत इलाज मुहैया कराने पर फोकस होना जरूरी।

तीनों प्रदेशों में उच्चरक्तचाप का बोझ सबसे ज्यादा
राज्य                  बीमारी              मरीजों की स्थिति

चंडीगढ़           उच्च रक्तचाप          40 से 50 प्रतिशत
पंजाब             उच्च रक्तचाप             40 प्रतिशत
हरियाणा          उच्च रक्तचाप              26 प्रतिशत

ये बीमारियां भी फैला रही जड़
बीमारी              तीनों प्रदेशों में मरीजों की स्थिति

मधुमेह                      15 प्रतिशत
कैंसर                      प्रति 1 लाख की आबादी पर 90 से 100 मरीज

सरकारी इलाज फिर भी जेब ढीली
राज्य                       गैर संचारी रोगों पर प्रति मरीज खर्च

चंडीगढ़                         2 से 3 हजार रुपये प्रतिमाह
पंजाब                           2 हजार रुपये प्रतिमाह
हरियाणा                        1100 रुपये प्रतिमाह

भर्ती होने पर इतना कर रहे खर्च
राज्य                          भर्ती पर खर्च

पंजाब                      11 हजार रुपये प्रतिमाह
चंडीगढ़                    11 हजार रुपये प्रतिमाह
हरियाणा                      5500 रुपये प्रतिमाह

इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसलिए संगठन हेल्थ फ़ॉर ऑल की थीम पर अलग-अलग बिंदुओं पर कार्य करने की तैयारी में है। जिसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य में पिछले कुछ दशकों में आए बदलाव से भविष्य में आने वाली समस्याओं पर गंभीरता से गौर किया जाएगा। - प्रो जेएस ठाकुर, पीजीआई सामुदायिक चिकित्सा विभाग
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