फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Survey on Drug Addiction Tendency in Youngers

युवाओं में नशे की लत पर सर्वे, चौंकाने वाला खुलासा

Mon, 05 Jan 2015 03:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 05 Jan 2015 03:01 PM IST
विज्ञापन
Survey on Drug Addiction Tendency in Youngers

पंजाब का युवा किस प्रकार नशे की चपेट में आता जा रहा है, इसपर कराए सर्वे में काफी चौंकाने वाला खुलासा हुआ। यह खुलासा ड्रग डी-एडिक्शन मुहिम के दौरान नशा छुड़ाने पहुंचे लोगों के सर्वे से हुआ है। सर्वे बताता है कि पंजाब में नशों के आदी लोग अफीम, भुक्की, स्मैक और ब्राउन शुगर का ही अधिक प्रयोग करते हैं।

विज्ञापन


पीजीआई के मनोचिकित्सक डॉ. अजीत अवस्थी बताते हैं कि नशा मुक्ति केंद्रों में आने वाले ज्यादातर मरीज इन्हीं चार नशों के आदी हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में कितने लोग नशों से प्रभावित हैं, इसकेबारे में अभी तक कोई ठोस आकलन नहीं हो सका है।
विज्ञापन

70 फीसदी युवा है नशों के आदी

Survey on Drug Addiction Tendency in Youngers

डॉ. अवस्थी ने कहा कि पंजाब में 70 प्रतिशत युवा नशों के आदी हैं, भी एक स्टडी को तोड़-मरोड़ कर पेश की गई है। पंजाब में नशों केप्रभाव के आकलन की योजना बनाई गई है। इसके लिए इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च को लिखा गया है।

स्टडी में शहरी और ग्रामीण इलाकों में हाउस-टु-हाउस सर्वे कराया जाएगा। इसमें इलाज को भी शामिल किया जाएगा। स्टडी के लिए तकनीकी अप्रूवल मिल चुका है, फंड का इंतजार है।

इस स्टडी में अमृतसर, फरीदकोट और पटियाला मेडिकल कॉलेजों तथा इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ अमृतसर के माहिर भी सहयोग करेंगे। स्टडी की रिपोर्ट आने के बाद ही पंजाब में नशों के प्रभाव का सही आकलन हो सकेगा।

पंजाब में चलाई जा रही जागरूकता मुहिम

Survey on Drug Addiction Tendency in Youngers

डॉ. अवस्थी ने बताया कि पंजाब में नशा मुक्ति मुहिम की योजना पर करीब ढाई साल पहले काम शुरु किया गया था। जून, 2014 से लेकर 15 दिसंबर, 2014 तक ओपीडी में 3.30 लाख और इंडोर में 11,656 मरीजों का इलाज किया जा चुका है।

प्रमुख सचिव विन्नी महाजन ने बताया कि राज्य में 27 डी-एडिक्शन सेंटर शुरु हो चुके हैं। जल्द ही 450 बेड की डी-एडिक्शन और 1000 बेड की रिहैबिलिटेशन सेंटर की सुविधा होगी। डॉ. केके तलवार ने नशों की समस्या को ड्रग टैरोरिज्म बताया। साथ ही युवाओं के लिए जागरूकता मुहिम पर जोर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed