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राहत: सुप्रीम कोर्ट ने विधायक सिमरजीत बैंस की गिरफ्तारी पर एक हफ्ते की रोक लगाई, पंजाब सरकार से मांगा जवाब
Thu, 03 Feb 2022 01:31 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 03 Feb 2022 01:31 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को विधायक सिमरजीत सिंह बैंस की याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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सिमरजीत सिंह बैंस।
- फोटो : File Photo
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने लोक इंसाफ पार्टी के नेता और पंजाब के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को दुष्कर्म के कथित मामले में एक हफ्ते तक गिरफ्तार नहीं करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को विधायक बैंस की याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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बैंस ने लुधियाना की एक अदालत के आदेश को चुनौती दी है जिसने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। यह वारंट इसलिए जारी किया गया था क्योंकि वह दुष्कर्म के एक मामले में पेश नहीं हुए थे। एक फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बैंस की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि बैंस के खिलाफ लगाए गए दुष्कर्म के आरोप निराधार हैं और इसके खिलाफ एक याचिका हाईकोर्ट में लंबित है।
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पीठ ने कहा कि बैंस विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार हैं। उन्हें चुनाव लड़ने दीजिए और फिर गिरफ्तार कीजिए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हाईकोर्ट ने इस मामले में कोई आदेश जारी नहीं किया है। बता दें कि बैंस तीन बार विधायक रह चुके हैं।
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नवंबर 2020 में हुई थी शिकायत
इस मामले में पीड़िता ने सबसे पहले 16 नवंबर 2020 को विधायक सिमरजीत सिंह बैंस, कमलजीत सिंह, बलजिंदर कौर, जसबीर कौर उर्फ भाभी, सुखचैन सिंह, परमजीत सिंह उर्फ पम्मा और गोगी शर्मा के खिलाफ पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी थी लेकिन पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। केवल जांच के नाम पर मामले को लटकाया गया।आखिरकार पीड़िता ने स्थानीय अदालत की शरण ली। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट हरसिमरन जीत सिंह की अदालत ने 7 जुलाई 2021 को थाना डिविजन नंबर 6 की पुलिस को मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने विधायक बैंस सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था।