फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Sunil gets 192 rank in UPSC exam 2019

असिस्टेंट कमिश्नर ने पास की यूपीएससी परीक्षा, पत्नी ने भी किया नाम रोशन, पढ़ें हौसले की कहानी

Sat, 06 Apr 2019 12:34 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sat, 06 Apr 2019 12:34 AM IST
विज्ञापन
Sunil gets 192 rank in UPSC exam 2019
सुनील श्योराण - फोटो : अमर उजाला

यूपीएससी परीक्षा में सुनील श्योराण ने 192वीं रैंक हासिल कर शहर का नाम रोशन किया। सुनील ने चौथी बार यह परीक्षा पास की है। इससे पहले भी वह तीन बार यूपीएससी की परीक्षा दे चुके हैं। वर्ष 2018 में उन्होंने 250वीं रैंक हासिल की थी। इसके अलावा उन्होंने पहली बार वर्ष 2016 में पत्नी के साथ परीक्षा दी थी, जिसमें पत्नी स्वाति ने 313वीं रैंक हासिल की थी। 

विज्ञापन


फिलहाल दोनों पति-पत्नी नागपुर में इनकम टैक्स विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद तैनात हैं। मूल रूप से बेरी के डराणा गांव और फिलहाल रामगोपाल कॉलोनी के रहने वाले सुनील श्योराण ने यूपीएससी की परीक्षा में 192वीं रैंक हासिल पर परीक्षा पास की है। परीक्षा का परिणाम आते ही घर में खुशियों की लहर दौड़ पड़ी। घर और फोन पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। उन्होंने बताया कि यह सब माता-पिता के आशीर्वाद से ही हो पाया है।
विज्ञापन


सेल्फ स्टडी पर किया ज्यादा फोकस
सुनील ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान सेल्फी स्टडी पर ज्यादा फोकस किया। तैयारी के दौरान करेंट मुद्दों पर ज्यादा ध्यान दिया। परीक्षा को पास करने के लिए अखबार और मैगजीन से ज्यादा मदद मिली। जो अन्य तैयारी करने वालों के लिए भी यह जरूरी होता है। राइटिंग प्रैक्टिस पर भी फोकस किया। रोजाना ऑनलाइन 6 से 8 घंटे तक लगातार पढ़ाई करते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

तीन साल पहले ही हुई शादी

सुनील ने बताया कि उनकी शादी तीन साल पहले चरखी दादरी की रहने वाली स्वाति से हुई थी। दोनों ने शादी के बाद से ही साथ में सिविल सेवा की तैयारी करनी शुरू कर दी थी। दोनों ने तैयारी के दौरान एक-दूसरे का सहयोग किया। किसी भी समस्या के समाधान के लिए आपस में ही डिस्कस कर हल निकाल लेते थे। जिससे तैयारी के दौरान काफी मदद मिलती थी।

कानपुर आईआईटी से किया बीटेक
रोहतक के अंबेडकर चौक स्थित मॉडल स्कूल से प्रारंभिक पढ़ाई की। इसके बाद कानपुर आईआईटी से मेकैनिकल इंजीनियरिंग की। इंजीनियरिंग करने के बाद यूके की एक फाइनेंस कंपनी में चार साल काम किया।

बचपन के सपने को किया साकार

यूके में चार साल नौकरी करने के बाद जब रोहतक वापस आया तो बचपन के सपने को साकार करने के लिए सिविल सेवा की तैयारी करनी शुरू की। आज परीक्षा में 192वीं रैंक हासिल करने के बाद बचपन का सपने साकार हो गया। सुनील ने बताया कि यूके गए तब सभी दोस्तों ने सोचा था, सरकारी नौकरी नहीं करेंगे, लेकिन वहां जब एक दोस्त का यूपीएससी में सिलेक्शन हुआ तो लगा कि यह मुझे भी करना होगा और स्वदेश वापस आकर तैयारियों में जुट गया।

मां होती तो खुशियां और बढ़ जातीं
सुनील ने बताया कि उनके पिता धर्मवीर श्योराण खेरड़ी गांव से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से टीचर रिटायर हुए हैं। मां भी टीचर थीं। दो साल पहले उनसे हमारा साथ छूट गया। अगर वह आज होतीं तो खुशियां और बढ़ जातीं। इतना कहते ही उनकी आंखें भर आईं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed