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पंजाब: मंत्री राणा गुरजीत पर जमीन घोटाले का आरोप, शामलात जमीन की कराई रजिस्ट्री

Thu, 15 Jun 2017 09:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 15 Jun 2017 09:25 AM IST
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Sukhpal singh khaira allegation on punjab minister rana gurjit
सुखपाल खैरा का मंत्री राणा गुरजीत पर आरोप
आम आदमी पार्टी के विधायक सुखपाल खैरा ने कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह पर फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। खैरा ने कहा कि राणा ने चंडीगढ़ के निकट स्यूंक गांव में ऐसी जमीन की रजिस्ट्री और गिरदावरी कराई, जो शामलात थी। उस जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकती। इसके बाद उसी जमीन पर बैंक से लोन लिया। लोन की रकम रेत खदानों की नीलामी में बोली लगाने वाले राणा के पूर्व कुक अमित बहादुर के खाते में ट्रांसफर की गई।
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विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन के समापन के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान खैरा ने आरोप लगाया कि राणा परिवार ने स्यूंक में 142 कनाल जमीन की रजिस्ट्री कराई और 458 कनाल कास्त की जमीन की गिरदावरी कराई। शामलात जमीन होने के कारण इनकी गिरदावरी या रजिस्ट्री नहीं हो सकती। पंजाब विधानसभा ने इसके लिए ईस्ट पंजाब कॉन्सोलिडेट लैंड होल्डिंग एक्ट 2007 बनाया था। 
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आप विधायक ने कहा कि राणा ने अफसरशाही की मिलीभगत से उसका भी उल्लंघन किया। इस मामले में एक सुनवाई निकाय विभाग के डिप्टी डायरेक्टर के पास पेंडिंग है। खैरा ने कहा कि पूरी जमीन की कीमत करीब 50 लाख रुपये है। उस पर राणा ने चंडीगढ़ सेक्टर 35 स्थित यूनियन बैंक से 109 करोड़ रुपये का लोन भी ले लिया। बैंक ने इतना बड़ा लोन कैसे दे दिया, यह भी जांच का विषय है क्योंकि एक स्कूटर के लिए लोन लेते समय सौ सबूत लिए जाते हैं। 
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'पैसा राणा के पूर्व कुक के खाते में ट्रांसफर किया'

Sukhpal singh khaira allegation on punjab minister rana gurjit
सुखपाल खैरा - फोटो : file photo
आप विधायक ने कहा कि लोन की 12 करोड़ की आखिरी किस्त 17 अप्रैल को ली गई। यही पैसा राणा के पूर्व कुक अमित बहादुर के खाते में ट्रांसफर किया गया, जिसने रेत खदानों की ई-ऑक्शन में करोड़ों की बोली लगाकर सफलता हासिल की थी।

जमीन की रजिस्ट्री मीडिया के सामने रखते हुए खैरा ने कहा कि ये सारी रजिस्ट्री कुलविंदर पाल ने पावर ऑफ अटार्नी के जरिए राणा परिवार के नाम पर करवाईं। यह वही कुलविंदर पाल है, जिसका नाम रेत खदानों की नीलामी में आया था।

तब राणा ने कहा था कि वह उनका पूर्व मुलाजिम था, लेकिन मई की गर्मी में कौन सा पूर्व मुलाजिम लाइन में लगकर इतना काम करेगा। इससे साफ है कि ये सब राणा के साथ ही हैं। खैरा ने मांग की कि इस मामले की जांच सीबीआई या हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए। वह खुद सीबीआई को इसकी शिकायत जल्द देंगे।
 

खैरा के आरोप बैखलाहट का नतीजा - राणा

Sukhpal singh khaira allegation on punjab minister rana gurjit
कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह - फोटो : file photo
कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने कहा है कि सुखपाल खैरा के आरोप बौखलाहट का नतीजा हैं। वह आरोप साबित करें या फिर अपना मुंह बंद रखें। मोहाली एडीसी ने एक जुलाई 2016 को फैसला सुनाया था कि गांव स्यूंक की जमीन 2 (जी) की परिभाषा के तहत नहीं आती।

इसलिए इसकी मिलकियत ग्राम पंचायत के अधीन नहीं आती। अदालत ने गांव के 180 लोगों की याचिका भी स्वीकार कर ली थी। जिनको जमीन का मालिक माना गया था। राणा ने कहा कि उन्होंने कोई कर्ज नहीं लिया। 109 करोड़ का कर्ज सुपीरियर फूड ग्रेन प्राइवेट लिमिटेड ने तीन साल पहले लिया था।

जिसमें 55 करोड़ टर्म लोन और 40 करोड़ वर्किंग कैपिटल था। जमीन इसलिए गिरवी रखी ताकि बैंक को ज्यादा जमानत दी जा सके। यह ऐसा ही है जैसे हाउस लोन में घर बैंक के पास गिरवी होता है। अगर खैरा यह साबित कर दें कि आखिरी भुगतान 17 अप्रैल 2017 को हुआ था तो वह इस्तीफा दे देंगे। खैरा कह रहे हैं कि कुलविंदर ने राणा परिवार के लिए जमीन खरीदी। जबकि, जमीन राणा गुरजीत और सुखजिंदर कौर ने खरीदी है।
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