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अब सुखना लेक में दिखेगी पियरे जेनरे की डिजाइन की हुई पैडल बोट, एडवाइजर ने उठाया लुत्फ

Wed, 02 Oct 2019 02:23 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 02 Oct 2019 02:23 PM IST
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pierre genre designed padal boat in sukhna lake chandigarh
सुखना लेक में पैडल बोट - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ सुखना लेक में एक बार फिर आर्किटेक्ट पियरे जेनरे की डिजाइन की हुई पैडल बोट दिखाई देगी। मंगलवार को एडवाइजर मनोज परिदा ने इस पैडल बोट को लांच किया। इस बोट को फ्रैंच आर्टिस्ट पैरेक मुटून व टीम ने शहर में ही तैयार किया है। पैरेक मुटून स्विटजरलैंड से एक पालोनिया का एक पौधा भी लेकर आए, जिसे एडवाइजर ने सुखना लेक पर लगाया। इसी तरह के एक पेड़ को ली काबूर्जिए स्विटजरलैंड से चंडीगढ़ लाए थे।
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आर्किटेक्ट पियरे जेनरे जब शहर को डिजाइन कर रहे थे, उस वक्त उन्होंने अपनी पैडल बोट तैयार की थी। सुखना लेक में अब उसी बोट से मिलती जुलती पैडल बोट नजर आएगी। लांचिंग के मौके पर एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि वह गोवा, पुडुचेरी में रहे हैं और अब चंडीगढ़ में हैं। तीनों जगह में एक समानता है कि यह सभी एतिहासिक जगहें हैं। परिदा ने कहा कि इस कार्यक्रम में मौजूद ज्यादातर लोग सीनियर सिटीजन है, युवाओं की भागीदारी काफी कम है।
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शहर की खूबसूरती को प्रोटेक्ट करने के लिए युवाओं को भी आगे आना चाहिए। गौरतलब है कि बिल्डिंग प्रोजेक्ट के तहत फ्रैंच आर्टिस्ट पैरेक मुटून ने एलायेंज फ्रैंकेज के साथ मिलकर इस पैडल बोट का रेप्लिका तैयार किया है। पुरानी पिक्चर व डिजायन को देखकर इस बोट को तैयार किया गया। ली काबूर्जिये सेंटर की डायरेक्टर दीपिका गांधी के अनुसार पैडल बोट का लांच किया जाना पियरे जेनरे के काम को सम्मान देना है।
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उन्होंने बताया कि पियरे जेनरे का चंडीगढ़ के प्रति और सुखना लेक के प्रति प्यार उनके डिजाइनों के जरिए दिखता है। उन्होंने इच्छा जताई थी कि उनकी मौत के बाद उनके शरीर को दबाया न जाए बल्कि जला दिया जाए और उनकी राख को सुखना में विसर्जित कर दिया जाए। उनकी भतीजी जेनेवा से उनकी अस्थियां लेकर आई जिन्हें 1970 में सुखना में विसर्जित किया गया।


एक समय था, जब सुखना में नहीं चलती थी मोटर बोट
ली काबूर्जियर ने सुखना लेक में मोटर बोट चलाने की पूरी तरह मनाही की थी ताकि लेक की शांति बरकरार रह सके। 1954 में पियरे जेनरे ने पहली पैडल बोट डिजाइन की थी जिसने उनकी डिजाइनिंग क्षमता को दिखाया था। इस पैडल बोट का डिजायन बेहद साधारण और अलग था। शुरुआत के सालों में सुखना में यही बोट नजर आती थी लेकिन धीरे-धीरे सुखना से पियरे जेनरे की डिजायन की हुई बोट गायब हो गई और उनका स्थान मोटर बोट ने ले लिया।
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