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बुरी खबर: सुखना लेक और रॉक गार्डन में अब नहीं मिलेगा स्ट्रीट फूड
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 09 Oct 2017 09:18 AM IST
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Sukhna Lake
सुखना लेक और रॉक गार्डन के बाहर जल्द ही स्ट्रीट फूड का स्वाद लोगों को नहीं मिलेगा। जबकि यहां पर चाट, पापड़ी, गोल गप्पे, टिक्की, बर्गर, छल्ली(मक्की), आईसक्रीम और अन्य खाने पीने की चीजें बिकती हैं, जिसका स्वाद यहां पर सैर करने आए शहरवासियों के अलावा दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटक करते हैं। 25 अक्तूबर के बाद यहां पर बैठे वेंडर्स को हटा दिया जाएगा।
वेंडर्स हटाने का बड़ा कारण यह है कि सेक्टर-1 से 6 को नो वेडिंग जोन बनाने का निर्णय प्रशासन ने लिया है, ऐसे में इन सेक्टरों में एक भी वेंडर्स नहीं दिखेगा सिर्फ मोची, नाई और धोबी ही दिखेंगे। सुखना लेक और रॉक गार्डन इन सेक्टरों में आता है। सुखना लेक और रॉक गार्डन शहर का प्रमुख सिटी के पर्यटक स्थल में आते हैं। इनके बाहर वेंडर्स पिछले कई सालों से काम कर रहे हैं।
सेक्टर-1 से 6 में बैठे वेंडर्स को सेक्टर-7 से 11 में तय हुए वेडिंग जोन में शिफ्ट किया जा रहा है, लेकिन सुखना लेक और रॉक गार्डन के बाहर वेंडर्स यहां से हटने के लिए तैयार नहीं है। 25 को सेक्टर-7 से 11 में बैठने वाले वेंडर्स का ड्रा निकाला जा रहा है। प्रशासन के वास्तुकार विभाग के अनुसार सेक्टर-1 से लेकर 6 को हेरिटेज का स्टेटस मिला हुआ है। इसलिए यहां पर कोई वेंडर्स को नहीं बिठाया जा सकता।
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वेंडर्स हटाने का बड़ा कारण यह है कि सेक्टर-1 से 6 को नो वेडिंग जोन बनाने का निर्णय प्रशासन ने लिया है, ऐसे में इन सेक्टरों में एक भी वेंडर्स नहीं दिखेगा सिर्फ मोची, नाई और धोबी ही दिखेंगे। सुखना लेक और रॉक गार्डन इन सेक्टरों में आता है। सुखना लेक और रॉक गार्डन शहर का प्रमुख सिटी के पर्यटक स्थल में आते हैं। इनके बाहर वेंडर्स पिछले कई सालों से काम कर रहे हैं।
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सेक्टर-1 से 6 में बैठे वेंडर्स को सेक्टर-7 से 11 में तय हुए वेडिंग जोन में शिफ्ट किया जा रहा है, लेकिन सुखना लेक और रॉक गार्डन के बाहर वेंडर्स यहां से हटने के लिए तैयार नहीं है। 25 को सेक्टर-7 से 11 में बैठने वाले वेंडर्स का ड्रा निकाला जा रहा है। प्रशासन के वास्तुकार विभाग के अनुसार सेक्टर-1 से लेकर 6 को हेरिटेज का स्टेटस मिला हुआ है। इसलिए यहां पर कोई वेंडर्स को नहीं बिठाया जा सकता।
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सेक्टर-17 भी नो वेडिंग जोन
सेक्टर-17 भी नो वेडिंग जोन
सेक्टर-19 और 22 को नो वेडिंग जोन बनाने का फैसला अभी अटका हुआ है, लेकिन सेक्टर-17 प्लाजा को नो वेडिंग जोन बनाने का फैसला हो चुका है। इसलिए यहां से वेंडर्स को हटाया जाना तय है। इस समय प्लाजा में जगह जगह लग रही फड़ियों से शोरूम के दुकानदार भी परेशान हैं।
सुखना के अंदर है सिटको का रेस्तरा
सुखना लेक के अंदर सिटको का रेस्तरा है जहां पर फूड मिलता है। इसके साथ ही सिटको द्वारा अलॉट की गई एक गोल गप्पे और चाट की दुकान भी है, ऐसे में वेंडर्स के हटने से इनको फायदा है जबकि इनके रेट वेंडर्स द्वारा बेचे जा रहे खाने पीने के सामान से ज्यादा हैं।
डेढ़ साल से ज्यादा हो गया एक्ट लागू हुए
शहर में स्ट्रीट वेंडर एक्ट लागू हुए डेढ़ साल से ज्यादा समय हो गया है। जिस कारण शहर के बाजारों में पैदल चलने की जगह पर भी फड़ियां लग गई है। इस दौरान नगर निगम ने जिनका सर्वे हुआ है उन फड़ी वालों के चालान नहीं काटे हैं, जिससे नगर निगम की लाखों रुपये की कमाई भी कम हुई वहीं शहर में अतिक्रमण भी बढ़ा है। रविवार को करवाचौथ के मौके पर भी सेक्टर-22 और 19 में जमकर फड़ियां लगी यहां पर पैदल चलने की जगह भी नहीं बची।
सेक्टर-19 और 22 को नो वेडिंग जोन बनाने का फैसला अभी अटका हुआ है, लेकिन सेक्टर-17 प्लाजा को नो वेडिंग जोन बनाने का फैसला हो चुका है। इसलिए यहां से वेंडर्स को हटाया जाना तय है। इस समय प्लाजा में जगह जगह लग रही फड़ियों से शोरूम के दुकानदार भी परेशान हैं।
सुखना के अंदर है सिटको का रेस्तरा
सुखना लेक के अंदर सिटको का रेस्तरा है जहां पर फूड मिलता है। इसके साथ ही सिटको द्वारा अलॉट की गई एक गोल गप्पे और चाट की दुकान भी है, ऐसे में वेंडर्स के हटने से इनको फायदा है जबकि इनके रेट वेंडर्स द्वारा बेचे जा रहे खाने पीने के सामान से ज्यादा हैं।
डेढ़ साल से ज्यादा हो गया एक्ट लागू हुए
शहर में स्ट्रीट वेंडर एक्ट लागू हुए डेढ़ साल से ज्यादा समय हो गया है। जिस कारण शहर के बाजारों में पैदल चलने की जगह पर भी फड़ियां लग गई है। इस दौरान नगर निगम ने जिनका सर्वे हुआ है उन फड़ी वालों के चालान नहीं काटे हैं, जिससे नगर निगम की लाखों रुपये की कमाई भी कम हुई वहीं शहर में अतिक्रमण भी बढ़ा है। रविवार को करवाचौथ के मौके पर भी सेक्टर-22 और 19 में जमकर फड़ियां लगी यहां पर पैदल चलने की जगह भी नहीं बची।