संकट पर सियासत: सुखबीर बादल बोले- उधार मांगिए लेकिन 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करे अमरिंदर सरकार
अकाली दल नेता प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने पंजाब में ट्रक यूनियनों को दोबारा चलाए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा ट्रक यूनियनें भंग होने के कारण ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है। अपने चहेतों को फायदा देने के लिए कांग्रेस की कैप्टन सरकार ने एक सिंडिकेट बना दिया, जिसमें व्यापारी और ट्रक ऑपरेटर को काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्होंने पेट्रो पदार्थों की महंगाई के विरोध में 12 जुलाई को सांकेतिक प्रदर्शन की चेतावनी भी दी।
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पंजाब में बिजली संकट को लेकर विपक्ष अमरिंदर सरकार पर हमलावर है। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि चाहे बिजली उधार मांगिए लेकिन 24 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने सरकार से बिजली कट की वजह से उद्योगों को होने वाले नुकसान के लिए आर्थिक पैकेज की मांग भी की। बता दें कि पंजाब में इन दिनों बिजली संकट काफी गहरा गया है। भीषण गर्मी और धान सीजन मे लोगों को घंटों कट का सामना करना पड़ रहा है। किसान इसके विरोध में धरना-प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
सुखबीर बादल ने ट्वीट किया कि कैप्टन अमरिंदर बिजली उधार मांगे, खरीदे या किसी समझौते पर हस्ताक्षर करे लेकिन घरेलू उपयोग के लिए 24 घंटे और उद्योगों व किसानों को दिन में आठ घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करें। आसमान या इंद्र देवता की तरफ देखना बंद करे। लोगों को बिजली की जरूरत है, बहाने की नहीं।
बिजली संकट के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार
सुखबीर बादल ने कांग्रेस सरकार से मांग की है कि जबरन लॉकडाउन से राज्य के उद्योग को हुए नुकसान के लिए सरकार को एक आर्थिक पैकेज की पेशकश करनी चाहिए। साथ ही वादे के अनुसार पांच रुपये प्रति यूनिट के आधार पर उद्योगों को बिजली देनी चाहिए। उन्होंने राज्य में चल रहे बिजली संकट के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया।
सुखबीर बादल ने कहा कि डेढ़ सालों से कोविड लॉकडाउन के कारण भारी नुकसान झेलने के बाद उद्योग बिजली लॉकडाउन की चपेट में है। इससे राज्य के उद्योगों की कमर टूट गई है। उन्हें दैनिक आधार पर करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा हैं, क्योंकि वे उतने ऑर्डर बना नहीं पा रहे हैं और नुकसान झेल रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र के लिए पर्याप्त बिजली सुनिश्चित करने के लिए तत्काल बिजली खरीदी जानी चाहिए। शिअद प्रधान ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की भी मांग की।