Punjab: प्राण प्रतिष्ठा के दिन पंजाब में नहीं हुई छुट्टी, भड़के सुखबीर बोले- हिंदू भाई-बहनों से माफी मांगे CM
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन पंजाब में छुट्टी घोषित नहीं करने पर शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर बादल ने पंजाब सरकार पर जमकर निशाना साथा। वहीं भाजपा ने भी इस मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया है। सुखबीर बादल ने सीएम से माफी मांगने को कहा है।
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राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर शिरोमणि अकाली दल बादल ने अमृतसर के कंपनी बाग में लंगर लगाया। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल इसमें पहुंचे। सुखबीर बादल ने सभी देशवासियों को बधाई दी। वहीं बादल ने पंजाब में प्राण प्रतिष्ठा के दिन छुट्टी नहीं देने पर भगवंत मान सरकार की आलोचना की।
सुखबीर ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है, जहां हर धर्म के लोग हर सुख-दुख में एक साथ मिलकर खड़े रहते हैं। इसी तरह लोग जाति-धर्म से ऊपर उठकर धार्मिक आयोजनों में भाग लेते हैं। सुखबीर ने पंजाब में इस दिन छुट्टी नहीं करने पर सीएम भगवंत मान की आलोचना की और कहा कि मुख्यमंत्री ने धार्मिक स्थलों के विकास एवं कल्याण के लिए कुछ भी नहीं किया है।
ਕੱਲ੍ਹ ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਮ ਜਨਮ ਭੂਮੀ 'ਤੇ ਪ੍ਰਾਣ ਪ੍ਰਤਿਸ਼ਠਾ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸਿਕ-ਧਾਰਮਿਕ ਅਵਸਰ ਉੱਤੇ ਹਿੰਦੂ ਭਾਈਚਾਰੇ ਦੀ ਧਾਰਮਿਕ ਸ਼ਰਧਾ ਦੇ ਸਤਿਕਾਰ ਵੱਜੋਂ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਛੁੱਟੀ ਨਾ ਕਰਕੇ ਕਠਪੁਤਲੀ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਨੇ ਹਿੰਦੂ ਵੀਰਾਂ ਭੈਣਾਂ ਦੀਆਂ ਧਾਰਮਿਕ ਭਾਵਨਾਵਾਂ ਦਾ ਨਿਰਾਦਰ ਕੀਤਾ ਹੈ।
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ਇਹ ਉਹੀ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਹੈ ਜੋ ਸਿਆਸੀ ਰੈਲੀਆਂ ਵਿੱਚ… pic.twitter.com/Q1VokgBm1v — Sukhbir Singh Badal (@officeofssbadal) January 23, 2024
उन्होंने ने कहा कि मुख्यमंत्री होने के नाते भगवंत मान को श्री राम तीर्थ मंदिर में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित करना चाहिए था। अकाली भाजपा गठबंधन सरकार के दौरान दिवंगत प्रकाश सिंह बादल ने 300 करोड़ रुपये से श्री राम तीर्थ का विकास करवाया था।
वहीं सोशल मीडिया पर भी सुखबीर बादल ने सीएम मान पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट किया कि सीएम भगवंत मान ने श्री राम जन्मभूमि पर प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक-धार्मिक अवसर पर कल पंजाब में छुट्टी न करके बहादुर हिंदू बहनों की धार्मिक भावनाओं का अपमान किया है।
सुखबीर बादल ने कहा कि दरअसल, ये लोग हर जगह महान लोगों की जगह सिर्फ अपना चेहरा देखना पसंद करते हैं और सभी धर्मों का अनादर करते हैं। भगवंत मान ने कल यानी 22 जनवरी को धार्मिक भावनाओं का अपमान करने के लिए उन्हें सभी पंजाबियों विशेषकर हिंदू भाई-बहनों से माफी मांगनी चाहिए।