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भाजपा के साथ अकालियों का गठबंधन अटूट, आखिरी सांस तक रहेगा: सुखबीर बादल
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 08 Jun 2018 09:44 AM IST
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सुखबीर बादल
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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि भाजपा के साथ मेरी आखिरी सांस तक गठबंधन रहेगा। यह बात मैं सुखबीर को भी कह चुका हूं और अकाली नेताओं को भी। वहीं, शिअद प्रमुख सुखबीर बादल ने कहा कि दोनों दलों का गठबंधन स्थायी है। हम मिलकर ही 2019 लोकसभा और अगले सभी चुनाव लड़ेंगे। मेरी सहयोगियों से भी अपील है कि सभी साथ रहें। पहले राज्यस्तरीय कोआर्डिनेशन कमेटी बनाओ, फिर जिलास्तर पर भी कमेटियां बनाई जाएं।
दोनों नेताओं ने उक्त बातें बृहस्पतिवार को प्रकाश सिंह बादल के आवास पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ हुई शिअद-भाजपा नेताओं की बैठक के बाद कही। बैठक में फैसला लिया गया कि 2019 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर शिरोमणि अकाली दल और भाजपा जल्द एक राज्यस्तरीय को-ऑर्डिनेशन कमेटी बनाएगी। ताकि दोनों दलों के बीच तालमेल की कमी को दूर किया जा सके। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि भाजपा एक सीट की अदला-बदली चाहती है। पार्टी के पास इस समय होशियारपुर सीट है, वह इसकी जगह जालंधर सीट चाहती है।
अमित शाह ने कहा कि सीट स्वैपिंग पर अंतिम फैसला भी यह कमेटी ही लेगी। यह कमेटी ही चुनाव को लेकर सारी रणनीति तय करेगी। इसके बाद जिलास्तर पर भी को-ऑर्डिनेशन कमेटियां बनाई जाएं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने वीरवार को चंडीगढ़ में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पंजाब मिशन 2019 की नींव रखी। एक तरफ उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन की गांठें सुलझाईं। तो दूसरी तरफ सुस्त पड़ी पार्टी में नई जान फूंकी। शाह करीब पौने दो बजे शिअद के सरपरस्त प्रकाश सिंह बादल के एमएलए हॉस्टल स्थित आवास पर पहुंचे।
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पहले उन्होंने बादल और शिअद सुप्रीमो सुखबीर बादल के साथ बंद कमरे में करीब 25 मिनट तक बातचीत की। उसके बाद भाजपा और शिअद नेताओं की सांझी बैठक हुई। बैठक में दोनों दलों की कोआर्डिनेशन कमेटी बनाने का फैसला किया गया। इसी के साथ दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर हल्की-फुल्की भड़ास निकालनी शुरू कर दी। भाजपाइयों का कहना था कि कोआर्डिनेशन कमेटी का क्या फायदा है, कोई काम तो करता नहीं है। अकाली दल दस सीटों पर लड़ता है, उसे ज्यादा दिलचस्पी लेनी चाहिए।
बादल के आवास पर किया लंच
इस समय गठबंधन साझीदारों से चुनौतियां झेल रही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बादल के घर पर ही लंच किया और करीब दो घंटे वहां रहे। उन्होेंने यह संदेश देने की कोशिश की कि अकाली दल, भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है। इसके बाद शाह पार्टी मुख्यालय पहुंचे और कुछ समय पहले नियुक्त किए गए 13 लोकसभा हलकों के प्रभारियों के साथ बैठक की। हलकों के बारे में फीडबैक लेने के बाद उन्होंने सभी से साफ कहा कि किसी भी हलके में भाजपा की तरफ से कोई कमी नहीं आनी चाहिए। अभी से बूथ स्तर पर तैयारी में जुट जाएं। कोई मैटीरियल या केंद्रीय टीम की तरफ से जो भी मदद चाहिए, वह मिलेगी।
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दोनों नेताओं ने उक्त बातें बृहस्पतिवार को प्रकाश सिंह बादल के आवास पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ हुई शिअद-भाजपा नेताओं की बैठक के बाद कही। बैठक में फैसला लिया गया कि 2019 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर शिरोमणि अकाली दल और भाजपा जल्द एक राज्यस्तरीय को-ऑर्डिनेशन कमेटी बनाएगी। ताकि दोनों दलों के बीच तालमेल की कमी को दूर किया जा सके। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि भाजपा एक सीट की अदला-बदली चाहती है। पार्टी के पास इस समय होशियारपुर सीट है, वह इसकी जगह जालंधर सीट चाहती है।
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अमित शाह ने कहा कि सीट स्वैपिंग पर अंतिम फैसला भी यह कमेटी ही लेगी। यह कमेटी ही चुनाव को लेकर सारी रणनीति तय करेगी। इसके बाद जिलास्तर पर भी को-ऑर्डिनेशन कमेटियां बनाई जाएं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने वीरवार को चंडीगढ़ में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पंजाब मिशन 2019 की नींव रखी। एक तरफ उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन की गांठें सुलझाईं। तो दूसरी तरफ सुस्त पड़ी पार्टी में नई जान फूंकी। शाह करीब पौने दो बजे शिअद के सरपरस्त प्रकाश सिंह बादल के एमएलए हॉस्टल स्थित आवास पर पहुंचे।
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पहले उन्होंने बादल और शिअद सुप्रीमो सुखबीर बादल के साथ बंद कमरे में करीब 25 मिनट तक बातचीत की। उसके बाद भाजपा और शिअद नेताओं की सांझी बैठक हुई। बैठक में दोनों दलों की कोआर्डिनेशन कमेटी बनाने का फैसला किया गया। इसी के साथ दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर हल्की-फुल्की भड़ास निकालनी शुरू कर दी। भाजपाइयों का कहना था कि कोआर्डिनेशन कमेटी का क्या फायदा है, कोई काम तो करता नहीं है। अकाली दल दस सीटों पर लड़ता है, उसे ज्यादा दिलचस्पी लेनी चाहिए।
बादल के आवास पर किया लंच
इस समय गठबंधन साझीदारों से चुनौतियां झेल रही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बादल के घर पर ही लंच किया और करीब दो घंटे वहां रहे। उन्होेंने यह संदेश देने की कोशिश की कि अकाली दल, भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है। इसके बाद शाह पार्टी मुख्यालय पहुंचे और कुछ समय पहले नियुक्त किए गए 13 लोकसभा हलकों के प्रभारियों के साथ बैठक की। हलकों के बारे में फीडबैक लेने के बाद उन्होंने सभी से साफ कहा कि किसी भी हलके में भाजपा की तरफ से कोई कमी नहीं आनी चाहिए। अभी से बूथ स्तर पर तैयारी में जुट जाएं। कोई मैटीरियल या केंद्रीय टीम की तरफ से जो भी मदद चाहिए, वह मिलेगी।