सुखबीर बादल बोले- पंजाब का पानी इस्तेमाल कर रहा राजस्थान तो रॉयल्टी भी देनी चाहिए
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शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने संसद में चंडीगढ़ को पंजाब की राजधानी बनाने का मुद्दा उठाया। साथ ही कहा कि चंडीगढ़ का सारा राजस्व पंजाब को दिया जाए। उन्होंने राज्य के जल संसाधनों के उपयोग के लिए रॉयल्टी दिए जाने का मुद्दा भी उठाया। केंद्रीय बजट पर बोलते हुए सुखबीर ने कहा कि चंडीगढ़ को पंजाब की राजधानी बनाने का मुद्दा अब तक अधूरा पड़ा है।
राज्य की राजधानी द्वारा एकत्र किए जाने वाले राजस्व की राशि बहुत बड़ी होती है। मुंबई, महाराष्ट्र के लिए इतना राजस्व जुटा रही है कि इसकी गैर मौजूदगी में वह गंभीर आर्थिक संकट का शिकार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान को पंजाब का पानी इस्तेमाल करने के लिए रॉयल्टी देनी चाहिए। आजादी के बाद से अब तक पंजाब देश का पेट भरता आ रहा है। जिससे राज्य में पानी का संकट पैदा हो गया है।
हालत यह है कि पंजाब के कई ब्लॉकों में राजस्थान से भी ज्यादा पानी निकाला जा रहा है। 80 फीसदी ब्लॉकों में आवश्यकता से ज्यादा पानी निकाला गया है। जबकि, राजस्थान में 71 फीसदी पानी के ब्लॉकों से अतिरिक्त पानी निकाला गया है। पिछले दस सालों में छह कमजोर मानसून के बावजूद पंजाब ने गेहूं, धान का उत्पादन बढ़ाया है। पर सूबे को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है।
अब मौका है कि देश पंजाब की सहायता करे। पंजाब को अपने नहरी सिस्टम को आधुनिक बनाने, भूमिगत जल का कायाकल्प करने गेहूं-धान के फसली चक्र से निकालने और दूसरी फसलों का एमएसपी यकीनी बनाने को फंड जारी किए जाए।
सुखबीर ने कहा कि सीमा पर नो मेन्स लैंड की 17 हजार एकड़ जमीन एक्वायर करके किसानो को बीस हजार रुपये प्रति एकड़ सालाना मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने पंजाब को टैक्स हॉलीडे देने का मुद्दा भी उठाया। साथ ही कहा कि दो दशक से पंजाब इंडस्ट्री के पड़ोसी राज्यों में पलायन का संताप झेल रहा है।