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जो नशा बेचता दिखे, उसकी प्रापर्टी जब्त करे पुलिस: सुखबीर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Mon, 09 May 2016 10:29 AM IST
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सुखबीर बादल के लिए जीत दिलाने का फॉर्मूला भी है और अभिशाप भी
- फोटो : BBC
डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने पुलिस को हिदायत दी है नशा तस्करों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी प्रॉपर्टी जब्त की जाए। एक महीने के अंदर नशा तस्करों की सप्लाई चेन तोड़ी जाए, तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा जाए।
पंजाब के सभी एसएसपी के साथ मीटिंग में सुखबीर ने कहा कि किसी बेगुनाह के खिलाफ झूठा परचा दर्ज नहीं होना चाहिए। थाना स्तर पर भ्रष्टाचार बिल्कुल बंद किया जाए। नशों के खिलाफ मुहिम के तहत गांवों और वार्डों में लोगों को जागरूक किया जाए। एडीजीपी से लेकर एसपी स्तर तक के अधिकारी जन सभाएं करें। सीमा पार से आने वाले नशों को रोकने के लिए पुलिस को और मुस्तैदी से काम करना होगा। लोगों को हेल्पलाइन नंबर 181 के बारे में भी और जागरूक किया जाए।
नशों के बारे में सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाए, उसे दस हजार रुपये का ईनाम दिया जाए। क्योंकि आम लोगों के सहयोग के बिना नशों से जंग नहीं हो सकती। उन्होंने गांवों और शहरों में पांच मेंबरी पुलिस-पब्लिक कमेटियां गठित करने के भी निर्देश दिए। ताकि समाज विरोधी तत्वों पर लगाम कसी जा सके।
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इसके तहत छह महीने में पंजाब के तीन हजार गांवों को कवर किया जाए। जो मुलाजिम लंबे समय तक एक ही जगह तैनात हैं या जिलों में लंबे समय से अफसरों के साथ हैं, उनके तबादले किए जाएं। पुलिस विभाग में काली भेड़ों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने डिप्टी सीएम को बताया कि सीसीटीवी कैमरे लगाने को 34 हजार प्वाइंट्स की निशानदेही की गई है। पांच हजार कैमरे फील्ड अफसरों की सहायता से लगा भी दिए गए हैं। चौकसी के लिए पंद्रह हजार कैमरों की जरूरत है, बाकी कैमरे पुलिस अधिकारी जनता के सहयोग से लगा लेंगे।
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पंजाब के सभी एसएसपी के साथ मीटिंग में सुखबीर ने कहा कि किसी बेगुनाह के खिलाफ झूठा परचा दर्ज नहीं होना चाहिए। थाना स्तर पर भ्रष्टाचार बिल्कुल बंद किया जाए। नशों के खिलाफ मुहिम के तहत गांवों और वार्डों में लोगों को जागरूक किया जाए। एडीजीपी से लेकर एसपी स्तर तक के अधिकारी जन सभाएं करें। सीमा पार से आने वाले नशों को रोकने के लिए पुलिस को और मुस्तैदी से काम करना होगा। लोगों को हेल्पलाइन नंबर 181 के बारे में भी और जागरूक किया जाए।
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नशों के बारे में सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाए, उसे दस हजार रुपये का ईनाम दिया जाए। क्योंकि आम लोगों के सहयोग के बिना नशों से जंग नहीं हो सकती। उन्होंने गांवों और शहरों में पांच मेंबरी पुलिस-पब्लिक कमेटियां गठित करने के भी निर्देश दिए। ताकि समाज विरोधी तत्वों पर लगाम कसी जा सके।
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इसके तहत छह महीने में पंजाब के तीन हजार गांवों को कवर किया जाए। जो मुलाजिम लंबे समय तक एक ही जगह तैनात हैं या जिलों में लंबे समय से अफसरों के साथ हैं, उनके तबादले किए जाएं। पुलिस विभाग में काली भेड़ों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने डिप्टी सीएम को बताया कि सीसीटीवी कैमरे लगाने को 34 हजार प्वाइंट्स की निशानदेही की गई है। पांच हजार कैमरे फील्ड अफसरों की सहायता से लगा भी दिए गए हैं। चौकसी के लिए पंद्रह हजार कैमरों की जरूरत है, बाकी कैमरे पुलिस अधिकारी जनता के सहयोग से लगा लेंगे।