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बच्चों की पढ़ाई छूटने और कर्ज से परेशान था, स्प्रे निगल लिया
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब)
Updated Mon, 16 May 2016 12:00 PM IST
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एक तरफ कर्ज, दूसरी ओर आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई छूट गई। परेशान होकर किसान ने स्प्रे निगल लिया। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना पंजाब के बठिंडा की है। मौड़ मंडी के गांव संदोहा में कर्ज के बोझ तले दबे एक किसान ने सप्रे निगलकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। किसान की पहचान सुरजीत सिंह (50) निवासी संदोहा के तौर पर हुई है।
भाकियू एकता (उगराहां) के नेता हरजिंदर सिंह, अमरीक सिंह फौजी और सुखदेव सिंह संदोहा ने बताया कि किसान के पास तीन एकड़ जमीन थी। इसपर उसने करीब चार लाख रुपये सरकारी व गैर सरकारी कर्ज लिया हुआ था। लंबे समय से चल रही आर्थिक तंगी के कारण वह कर्ज नहीं चुका पा रहा था जिससे वह मानसिक तौर पर परेशान था। तंगी के कारण उसके बच्चों को अपनी पढ़ाई भी बीच में ही छोड़नी पड़ी। शुक्रवार शाम सुरजीत सिंह अपने खेत गया।
वहीं उसने कीटनाशक निगल लिया जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। सूचना मिलते ही उसके परिजनों ने उसे सिविल अस्पताल तलवंडी साबो में भर्ती करवाया जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। किसान नेताओं ने सरकार से मांग की कि पीड़ित परिवार का सरकारी व गैर सरकारी कर्ज माफ किया जाए। मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
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भाकियू एकता (उगराहां) के नेता हरजिंदर सिंह, अमरीक सिंह फौजी और सुखदेव सिंह संदोहा ने बताया कि किसान के पास तीन एकड़ जमीन थी। इसपर उसने करीब चार लाख रुपये सरकारी व गैर सरकारी कर्ज लिया हुआ था। लंबे समय से चल रही आर्थिक तंगी के कारण वह कर्ज नहीं चुका पा रहा था जिससे वह मानसिक तौर पर परेशान था। तंगी के कारण उसके बच्चों को अपनी पढ़ाई भी बीच में ही छोड़नी पड़ी। शुक्रवार शाम सुरजीत सिंह अपने खेत गया।
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वहीं उसने कीटनाशक निगल लिया जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। सूचना मिलते ही उसके परिजनों ने उसे सिविल अस्पताल तलवंडी साबो में भर्ती करवाया जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। किसान नेताओं ने सरकार से मांग की कि पीड़ित परिवार का सरकारी व गैर सरकारी कर्ज माफ किया जाए। मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
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