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पंजाब सरकान ने बढ़ाए गन्ने के रेट, पर हरियाणा और यूपी से कम है
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 28 Nov 2017 01:34 PM IST
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sugar cane
- फोटो : amar ujala
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किसान संगठनों के आंदोलन की चेतावनी के बाद आखिरकार पंजाब सरकार ने गन्ने के रेट बढ़ाने का फैसला कर लिया। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में सोमवार को हुई कैबिनेट की मीटिंग में गन्ने का रेट दस रुपये बढ़ाने को मंजूरी दे दी गई।
2017-18 के पिराई सीजन के लिए अब गन्ने का रेट 295-310 रुपये प्रति क्विंटल होगा। गन्ने की अग्रिम किस्म का रेट तीन सौ से बढ़कर 310, मध्यम किस्म का रेट 290 से बढ़ 300 और पछेती किस्म का रेट 285 से बढ़ कर 295 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगा।
उधर, किसान संगठन अभी भी इस बढ़ोतरी से खुश नजर नहीं आए। उनका कहना था कि हरियाणा में गन्ने के रेट 330 रुपये और उत्तर प्रदेश में 325 रुपये प्रति क्विंटल हैं। पंजाब के रेट अभी भी उनसे कम हैं।
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सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि हरियाणा और यूपी की तर्ज पर ही दस रुपये बढ़ाए गए हैं, इससे खजाने पर 20 करोड़ का बोझ पड़ेगा। मौजूदा सीजन में नौ सहकारी और सात निजी मिलों में 675 लाख क्विंटल गन्ना पहुंचने की उम्मीद है।
वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल की अगुवाई वाली कैबिनेट सब कमेटी की विभिन्न गन्ना उत्पादक यूनियनों से बातचीत के बाद कैबिनेट ने बढ़ोतरी का फैसला किया है। यूनियनों ने सोमवार सुबह किसान भवन में कमेटी से मुलाकात की थी। बैठक में कमेटी के दो अन्य सदस्य परगट सिंह और सुखबिंदर सिंह सुखकारिया भी मौजूद थे। जबकि, गन्ना किसानों की ओर से कुलवंत संधू, सतनाम साहनी, जसवंत सिंह, बलवंत सिंह, सतनाम सिंह, बलकार सिंह शामिल हुए थे।
जाखड़ ने ठहराया जायज
प्रदेश कांग्रेस प्रधान व सांसद सुनील जाखड़ ने इस बढ़ोतरी को सही ठहराया है। हरियाणा और यूपी के मुकाबले गन्ने के रेट पंजाब में कम होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने खराब आर्थिक स्थिति के बावजूद रेट बढ़ाए हैं। इसके अलावा पंजाब ने किसानों का कर्ज माफ किया है। हरियाणा पर ऐसा कोई बोझ नहीं है। इसलिए इतनी बढ़ोतरी जायज है।
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2017-18 के पिराई सीजन के लिए अब गन्ने का रेट 295-310 रुपये प्रति क्विंटल होगा। गन्ने की अग्रिम किस्म का रेट तीन सौ से बढ़कर 310, मध्यम किस्म का रेट 290 से बढ़ 300 और पछेती किस्म का रेट 285 से बढ़ कर 295 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगा।
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उधर, किसान संगठन अभी भी इस बढ़ोतरी से खुश नजर नहीं आए। उनका कहना था कि हरियाणा में गन्ने के रेट 330 रुपये और उत्तर प्रदेश में 325 रुपये प्रति क्विंटल हैं। पंजाब के रेट अभी भी उनसे कम हैं।
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सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि हरियाणा और यूपी की तर्ज पर ही दस रुपये बढ़ाए गए हैं, इससे खजाने पर 20 करोड़ का बोझ पड़ेगा। मौजूदा सीजन में नौ सहकारी और सात निजी मिलों में 675 लाख क्विंटल गन्ना पहुंचने की उम्मीद है।
वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल की अगुवाई वाली कैबिनेट सब कमेटी की विभिन्न गन्ना उत्पादक यूनियनों से बातचीत के बाद कैबिनेट ने बढ़ोतरी का फैसला किया है। यूनियनों ने सोमवार सुबह किसान भवन में कमेटी से मुलाकात की थी। बैठक में कमेटी के दो अन्य सदस्य परगट सिंह और सुखबिंदर सिंह सुखकारिया भी मौजूद थे। जबकि, गन्ना किसानों की ओर से कुलवंत संधू, सतनाम साहनी, जसवंत सिंह, बलवंत सिंह, सतनाम सिंह, बलकार सिंह शामिल हुए थे।
जाखड़ ने ठहराया जायज
प्रदेश कांग्रेस प्रधान व सांसद सुनील जाखड़ ने इस बढ़ोतरी को सही ठहराया है। हरियाणा और यूपी के मुकाबले गन्ने के रेट पंजाब में कम होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने खराब आर्थिक स्थिति के बावजूद रेट बढ़ाए हैं। इसके अलावा पंजाब ने किसानों का कर्ज माफ किया है। हरियाणा पर ऐसा कोई बोझ नहीं है। इसलिए इतनी बढ़ोतरी जायज है।