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CET: हरियाणा सरकार के लिए सीईटी बनी अग्निपरीक्षा, सीआईडी, विजिलेंस समेत साइबर सेल अलर्ट
Fri, 12 Aug 2022 02:12 AM IST
ajay kumar
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 12 Aug 2022 02:12 AM IST
सार
परीक्षा डेढ़ साल से लंबित है, सरकार इसे हर हाल में पूरी कराना चाह रही है। परीक्षा नहीं होने से युवाओं में रोष बढ़ रहा है। साथ ही हरियाणा में अब तक कई परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। दूसरा, प्रदेश में एक दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
ग्रुप सी के 32 हजार पदों के लिए 5 व 6 नवंबर को होने वाली संयुक्त पात्रता परीक्षा हरियाणा सरकार के लिए अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है। पूरी परीक्षा की निगरानी खुद मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा। साथ ही पेपर लीक माफिया और प्रदेश के संदिग्ध कोचिंग सेंटर अभी से सरकार के रडार पर आ गए हैं। सीआईडी, विजिलेंस समेत जिला पुलिस और साइबर सेल को संदिग्ध लोगों पर निगरानी रखने के लिए कहा गया है।
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खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल परीक्षा की तैयारियों के संबंध में उच्च अधिकारियों से फीडबैक ले चुके हैं। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी उमाशंकर, अतिरिक्त प्रधान सचिव आशिमा बराड़ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के साथ कई घंटे की बैठक कर चुके हैं। हरियाणा सरकार के लिए यह परीक्षा इसलिए भी बड़ी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बेरोजगारी को लेकर लगातार विपक्ष हमलावर है और पिछले काफी समय से लंबित भर्तियां बड़ा मुद्दा है।
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इसलिए प्रदेश सरकार परीक्षा के आयोजन में किसी भी प्रकार की ढील नहीं छोड़ना चाहती और किसी भी सूरत में सफल तरीके से परीक्षा संपन्न कराना चाहती है। इस परीक्षा के लिए 11.32 लाख युवाओं ने आवेदन कर रखा है। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यिर्थियों की परीक्षा को व्यवस्थित तरीके से कराना बड़ी चुनौती है।
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इसलिए बड़ी चुनौती है परीक्षा
परीक्षा डेढ़ साल से लंबित है, सरकार इसे हर हाल में पूरी कराना चाह रही है। परीक्षा नहीं होने से युवाओं में रोष बढ़ रहा है। साथ ही हरियाणा में अब तक कई परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। दूसरा, प्रदेश में एक दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं फर्जी अभ्यर्थी पास कर जाते हैं और नियुक्ति के समय बायोमीट्रिक होने पर ऐसे फर्जी पकड़े जाते हैं।
सिपाही पुलिस, सब इंस्पेक्टर, क्लर्क भर्ती समेत अन्य भर्तियों में इस तरह के कई केस सामने आ चुके हैं। सरकार के लिए दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने से रोकना सबसे बड़ी चुनौती है। हालांकि, सरकार इस पर भी मंथन कर रही है, ताकि फर्जी अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के अंदर ही प्रवेश न कर पाए और सभी प्रकार की जांच परीक्षा केंद्र के बाहर ही हो जाए।
पहले रही खामियों से सबक लेगी सरकार
अब नौकरियों को लेकर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा लेता रहा है। पहली बार संयुक्त पात्रता परीक्षा हरियाणा सरकार ले रही है। इसलिए सरकार ने अब तक कराई गई परीक्षाओं में आई दिक्कतों और रही खामियों को लेकर आयोग से फीडबैक लिया है। आयोग ने दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने वालों को रोकना बड़ी चुनौती बताया है। हरियाणा सरकार के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि परीक्षा के लिए पूरी जांच पड़ताल के बाद केंद्र बनाए जाएंगे। पहले से लीक मामले में आरोपी रहे और संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जाएगी। साइबर सेल भी सोशल मीडिया समेत तमाम चीजों पर नजर रखे हुए है।