{"_id":"6615cc728414067a240e02a4","slug":"sub-inspector-krishna-kumar-gets-bail-in-bribery-case-chandigarh-news-c-16-pkl1043-394360-2024-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: रिश्वतखोरी के मामले में सब इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार को जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: रिश्वतखोरी के मामले में सब इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार को जमानत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। रिश्वतखोरी के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के सब इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार को जमानत दे दी। आरोपी द्वारा जिला अदालत में जमानत याचिका दायर की गई थी। 6 अक्तूबर 2023 को सीबीआई ने रिश्वत लेने के आरोप में सब इंस्पेक्टर अख्तर हुसैन को गिरफ्तार किया था। हालांकि सब इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार मौके से फरार हो गया था। इसके बाद कृष्ण कुमार ने अदालत में सरेंडर किया था।
क्या है मामला
राम मेहर ने सीबीआई को दी शिकायत के मुताबिक निलंबित एसआई कृष्ण कुमार शिकायतकर्ता राम मेहर शर्मा के भाई से जुड़े वर्ष 2021 के जीएसटी से जुड़े धोखाधड़ी के एक मामले में जांचकर्ता था। आरोप के मुताबिक वह और अख्तर हुसैन शिकायतकर्ता को डरा-धमकाकर उसके भाई को राहत देने के नाम पर पांच लाख रुपये रिश्वत मांग रहे थे। वहीं, शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके भाई रामदिया का आधार कार्ड, बैंक खाता और बाकी निजी दस्तावेजों का ईश्वर चंद नामक व्यक्ति ने दुरुपयोग किया था। वह भी उस धोखाधड़ी के मामले में सह-आरोपी है। होम लोन के नाम पर ईश्वर चंद ने रामदिया के दस्तावेज लिए थे।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि एसआई कृष्ण कुमार उर्फ फौजी और अख्तर हुसैन ने मामले में उसके भाई राम दहिया की मदद करने के लिए पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी। वहीं, धमकी भी दी कि अगर पांच लाख रुपये नहीं दिए तो मामले में उसके भाई को भगोड़ा घोषित कर उसे गिरफ्तार कर लेंगे। इसके बाद सौदा ढाई लाख रुपये में तय हुआ था। सीबीआई ने शिकायत पर की गई प्रारंभिक जांच के बाद ट्रैप लगा अख्तर हुसैन को गिरफ्तार कर लिया था। दूसरा आरोपी सब इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार उर्फ फौजी फरार हो गया था। सीबीआई ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्या है मामला
राम मेहर ने सीबीआई को दी शिकायत के मुताबिक निलंबित एसआई कृष्ण कुमार शिकायतकर्ता राम मेहर शर्मा के भाई से जुड़े वर्ष 2021 के जीएसटी से जुड़े धोखाधड़ी के एक मामले में जांचकर्ता था। आरोप के मुताबिक वह और अख्तर हुसैन शिकायतकर्ता को डरा-धमकाकर उसके भाई को राहत देने के नाम पर पांच लाख रुपये रिश्वत मांग रहे थे। वहीं, शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके भाई रामदिया का आधार कार्ड, बैंक खाता और बाकी निजी दस्तावेजों का ईश्वर चंद नामक व्यक्ति ने दुरुपयोग किया था। वह भी उस धोखाधड़ी के मामले में सह-आरोपी है। होम लोन के नाम पर ईश्वर चंद ने रामदिया के दस्तावेज लिए थे।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि एसआई कृष्ण कुमार उर्फ फौजी और अख्तर हुसैन ने मामले में उसके भाई राम दहिया की मदद करने के लिए पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी। वहीं, धमकी भी दी कि अगर पांच लाख रुपये नहीं दिए तो मामले में उसके भाई को भगोड़ा घोषित कर उसे गिरफ्तार कर लेंगे। इसके बाद सौदा ढाई लाख रुपये में तय हुआ था। सीबीआई ने शिकायत पर की गई प्रारंभिक जांच के बाद ट्रैप लगा अख्तर हुसैन को गिरफ्तार कर लिया था। दूसरा आरोपी सब इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार उर्फ फौजी फरार हो गया था। सीबीआई ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
विज्ञापन