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Hindi News ›   Chandigarh ›   Students will listen to the speech of PM 70 thousand hungry today

आज भूखे पेट पीएम का भाषण सुनेंगे 70 हजार विद्यार्थी

Fri, 05 Sep 2014 12:47 AM IST
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र Updated Fri, 05 Sep 2014 12:47 AM IST
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शिक्षक दिवस परकुरुक्षेत्र के तीन ब्लॉक में अध्ययनरत हजारों विद्याथियों को शाम पांच बजे तक बगैर भोजन के सिर्फ खीर के सहारे बैठना होगा।
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बता दें कि शिक्षक दिवस पर केंद्र सरकार के निर्देशानुसार सभी सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत सभी श्रेणी के विद्यार्थियों को पूरे छोले और हलवा मिड डे मील में उपलब्ध कराना है।

लेकिन हरियाणा के तीन जिलों के लाखों विद्यार्थियों को न तो पूरी-छोले मिलेंगे और ना ही हलवा उन्हें सिर्फ खीर के सहारे ही पांच बजे तक स्कूल में बिठाया जाएगा और पीएम और प्रदेश के सीएम के संदेश सुनने पड़ेंगे।
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वहीं जब इस विषय में इस्कॉन के मिड-डे मील प्रभारी बलवान सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि संस्थान जिन उपकरणों के माध्यम से रोजाना सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील तैयार करके भेजती है।
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उनमें केंद्र सरकार की ओर से शिक्षक दिवस पर दिए जाने वाला भोजन तैयार नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि इसकी जगह हम स्पेशल खीर बच्चों को उपलब्ध कराएंगे। जिला शिक्षाधिकारी सुमन आर्य के अनुसार उन्होंने इस्कॉन के मिड-डे मील डायरेक्टर से बात की थी। लेकिन उन्होंने शिक्षक दिवस पर पूरी-छोले और हलवा उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई है।

सिर्फ इस्कॉन फूड रिलीफ फाउंडेशन में अड़चन
हरियाणा के कुरुक्षेत्र, फरीबाद और गुड़गांव के नौ ब्लॉक में इस्कॉन फूड रिलीफ फाउंडेशन पहली से आठवीं कक्षा तक के लगभग 3 लाख 20 हजार बच्चों को मीड डे मील उपलब्ध कराता है।

इनमें कुरुक्षेत्र के पांच शिक्षा ब्लॉकों में से तीन थानेसर, पिहोवा और लाडवा के 50 हजार विद्यार्थी शामिल हैं। लेकिन कुरुक्षेत्र के शाहाबाद और बाबैन ब्लॉक में इस्कॉन की जगह स्कूलों में ही भोजन तैयार होता है और यहां शिक्षक दिवस पर सभी बच्चों को पूरी-छोले और हलवा ही खाने को मिलेगा।

काजू, बदाम वाली स्पेशल खीर देंगे : इस्कॉन
इस्कॉन फूड रिलीफ फाउंडेशन के प्रभारी बलवान सिंह के मुताबिक कुरुक्षेत्र में 50 हजार बच्चों की जगह सरकारी निर्देशानुसार उन 20 हजार अतिरिक्त विद्यार्थियों को भी खीर उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्हें रोजाना मिड-डे मील नहीं दिया जाता। उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए शिक्षक दिवस पर स्पेशल खीर दी जाएगी। इसके लिए मदर डेयरी का क्रीम वाला दूध मंगाया गया है। वहीं इसमें बदाम, काजू, चिरोंजी और किशमिश डाली जाएगी। इसकी सप्लाई के लिए 22 गाड़ियों को दो चक्कर लगाने पड़ेंगे।

अब कैसे खिला रहे हैं खीर
सरकारी स्कूल के कुछ शिक्षकों का कहना है कि दो माह पहले तक इस्कॉन मिड डे मील में खीर देता रहा है। लेकिन दो माह पहले खीर ये कहकर देना बंद कर दिया कि बच्चे खीर पसंद नहीं करते। लेकिन अब दो माह बाद शिक्षक दिवस पर इसी खीर को विशेष भोजन के रूप में उपलब्ध कराया जा रहा है।

धातु के लड्डू गोपाल को 56 भोग और असली को...
जिला शिक्षा अधिकारी सुमन आर्य ने भी बच्चों को मिलने वाले भोजन में हो रहे भेदभाव पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने बताया कि वे खुद इस बात को महसूस कर रही हैं कि उनके जिले में एक वे ब्लॉक होंगे, जहां बच्चों को पूरी-छोले और हलवा मिलेगा।

जबकि 70 हजार वे बच्चे भी होंगे, जिन्हें सिर्फ खीर खाकर ही पांच बजे तक रहना पड़ेगा। आर्य ने कहा कि वे इस्कॉन के प्रबंधकों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर कर चुकीं हैं। उन्होंने कहा कि आपकी संस्था पीत्तल के लड्डू गोपाल को 56 भोग लगाती हैं और असली को आप पेटभर भोजन की जगह सिर्फ खीर ही देंगे।

अधिकांश एजुसेट बंद, सरपंच-शिक्षक करेंगे टीवी का जुगाड़
कुरुक्षेत्र ही नहीं, बल्कि राज्यभर में अधिकांश एजुसेट सिस्टम बंद हैं। लिहाजा पीएम और सीएम के संबोधन को सुनने के लिए टीवी की व्यवस्था की जा रही है।

प्रशासन ने गांव के सरपंचों और शिक्षकों को उन स्कूलों में टीवी का जुगाड़ करने के निर्देश दिए हैं। जहां एजुसेट के टीवी भी काम नहीं करते। बता दें कि एजुसेट की बजाय टीवी के माध्यम से बच्चों को पीएम-सीएम का संबोधन दिखाने के प्रयास होंगे।

केयू में अनुबंध वाले शिक्षकों का दर्द
सरकारी स्कूलों में तो जैसे तैसे बच्चों को शिक्षकों और सुविधाओं के अभाव में शिक्षा-दीक्षा दी जा रही है। लेकिन यूनिवर्सिटी में भी हालात कोई ज्यादा बेहतर नहीं है।


यहां देश की ए ग्रेड यूनिवर्सिटी का कीर्तिमान बताने वाले कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में इस समय 305 शिक्षक ऐसे हैं, जो नौ माह बाद बेरोजगार हो जाते हैं। क्योंकि उनसे 9 माह तक पढ़ाने का ही अनुबंध होता है। अब वर्ष के नौवें माह में शिक्षक दिवस आते ही इनका नौ माह वाला दर्द भी हरा हो गया है।
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