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Chandigarh News: पेट्रोल-डीजल की जद्दोजहद समाप्त, स्थिति सामान्य...प्रशासन ने भी आदेश लिए वापस
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चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली। ट्राइसिटी में पेट्रोल-डीजल की जद्दोजहद अब खत्म हो गई है। स्थिति सामान्य होने के बाद बुधवार दोपहर यूटी प्रशासन ने दोपहिया वाहनों में दो लीटर और चारपहिया में पांच लीटर तेल डलवाने के अपने आदेश को वापस ले लिया। आदेश में कहा गया कि पंपों पर पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सामान्य हो गई है, इसलिए आदेश को वापस लेने का फैसला लिया गया है।
ट्राइसिटी के जो पेट्रोल पंप मंगलवार को तेल की कमी की वजह से बंद हो गए थे, वे सभी बुधवार को सुबह के समय खुल गए थे। पंप संचालकों ने बताया कि रात में ही पेट्रोल के टैंकर पहुंचने शुरू हो गए थे, जिसके बाद सुबह पंप खोल दिए गए। पंपों के खुलने की खबर फैलने के बाद सुबह के समय लोगों की भीड़ कुछ पंपों पर पहुंची लेकिन दोपहर होते-होते स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो गई। अब सप्लाई चेन भी बहाल हो चुकी है, इसलिए अब आने वाले दिनों में भी तेल की कमी नहीं देखी जाएगी। बुधवार को लोगों ने फैले डर की वजह से तीन-तीन घंटे लाइन में लगकर तेल भरवाया।
ड्राइवरों को धमकाने की हो रही कोशिशः अमनप्रीत सिंह
चंडीगढ़ पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के सचिव अमनप्रीत सिंह ने बताया कि बुधवार दोपहर तक सप्लाई सामान्य हो गई। हालांकि, अभी भी बीच-बीच में सप्लाई को बाधित करने की कोशिश की जा रही है। इसे लेकर वह प्रशासन के साथ संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को भी तेल ला रहे टैंकर्स के ड्राइवर्स को धमकाने की कोशिश की गई है। ऐसा नहीं होना चाहिए, क्योंकि अगर ड्राइवरों को धमकाया जाएगा तो फिर से काम प्रभावित हो सकता है। जहां से सप्लाई आ रही है, वहां पूरी तरह से शांति होनी चाहिए ताकि बाकी शहरों में स्थिति काबू में रहे। अमनप्रीत सिंह ने कहा कि अब सब कुछ ठीक है और पंपों की लाइनें भी समाप्त हो चुकी हैं।
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बीपीसीएल तेल डिपो ने भेजे 71 टैंकरमोहाली की डीसी आशिका जैन ने बताया कि पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और बिक्री सामान्य हो गई है। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) लालड़ू तेल डिपो से मंगलवार की आधी रात से बुधवार शाम पांच बजे तक तेल के 71 टैंकर भेजे गए। वहीं, स्थिति को सामान्य बनाने के लिए जिला प्रशासन को दिए गए सहयोग के लिए उन्होंने ट्रक ऑपरेटरों और पेट्रोल पंप मालिकों के प्रति आभार जताया। बीपीसीएल लालड़ू के बिक्री अधिकारी पवन कुमार ने कहा कि मांग और आपूर्ति के बीच तालमेल के लिए बीपीसीएल तेल डिपो दिन-रात काम कर रहा है।
मंडी में फल और-सब्जी की आवक नहीं हुई प्रभावित
ट्रक की हड़ताल के कारण सब्जियों और फलों की आवक पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। सेक्टर 26 की मंडी में सामान्य दिनों की ही तरह बुधवार को भी फल और सब्जियों के छोटे-बड़े मिलाकर 45 ट्रक पहुंचे। मंडी के आढ़तियों ने बताया कि हड़ताल के दौरान भी फल और सब्जी लोड वाहन कहीं भी नहीं रोके गए। इस कारण आवक प्रभावित नहीं हुई।
मोहाली में नहीं चली कैब, नौकरीपेशा दिनभर परेशानशाम चार बजे खत्म की हड़ताल, फेज-8 के मैदान में टीसीए के नेतृत्व में एकत्रित हुए कैब चालक
कहा- नया कानून वापस नहीं हुआ तो तेज करेंगे प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। देशभर में चल रही ट्रक चालकों और ट्रांसपोर्टर यूनियन की हड़ताल का बुधवार को ट्राइसिटी के कैब चालकों ने भी समर्थन किया। हिट एंड रन कानून का हर तरफ विरोध हो रहा है। तीन दिन से ऑल इंडिया ट्रक यूनियन हड़ताल पर थी। बुधवार को ट्राइसिटी के कैब चालकों ने भी इस कानून का विरोध किया और शाम तक पूर्ण हड़ताल रखी। इस प्रदर्शन में टैक्सी चालक यूनियन के हजारों कैब चालक शामिल हुए।
इस हड़ताल में ट्राइसिटी कैब एसोसिएशन के सभी कैब चालक सुबह आठ बजे फेज-8 के गुरुद्वारा श्री अंब साहिब के पास खाली मैदान में इकट्ठे हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। शाम करीब चार बजे फेज-8 के एसएचओ सिमरन सिंह ने कैब चालक एसोसिएशन से एक मांगपत्र लेकर इस हड़ताल को खत्म करवाया।
ट्राइसिटी कैब चालक एसोसिएशन के प्रधान विक्रम सिंह पुंडीर ने बताया कि ड्राइवर दिन-रात सड़कों पर वाहन चलाते हैं। हर ड्राइवर को यही डर रहता है कि अगर वे ऐसी किसी दुर्घटना में शामिल हो गए तो कई बार निर्दोष होते हुए भी उन्हें भीड़ की हिंसा का सामना करना पड़ सकता है। इसे देखते वे केंद्र सरकार से अनुरोध करते हैं कि नए कानून को वापस लिया जाए।
इंश्योरेंस का क्या फायदा, जब हादसे के बाद देना पड़े जुर्माना
एसोसिएशन के प्रधान पुंडीर ने कहा कि वह 20-30 हजार रुपये देकर इंश्योरेंस करवाते हैं लेकिन केंद्र सरकार अब इंश्योरेंस कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए सात लाख रुपये जुर्माने के रूप में चालकों से वसूलना चाहती है। इस संबंधी अब उनकी कोर कमेटी जो फैसला लेगी, वह उसके मुताबिक ही चलेंगे।
ट्राइसिटी में चलती हैं करीब 20 हजार कैब
ट्राइसिटी के अंदर अलग-अलग सर्विस कंपनी जैसे ओला, उबर और इन ड्राइव की करीब 20 हजार कैब चलती हैं। बुधवार को करीब चार हजार कैब चालक हड़ताल पर रहे। हालांकि, पूरी तरह से कैब बंद नहीं थी, लेकिन काफी जगह लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। शहर में ज्यादातर दफ्तर, कॉलेज और शॉपिंग के लिए जाने वाले लोग कैब का इस्तेमाल करते हैं लेकिन शाम 4 बजे तक कैब न चलने के कारण लोगों को परेशान होना पड़ा। मोहाली में सिटी बस सर्विस न होने के कारण कैब और ऑटो ही यातायात के साधन हैं।
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ट्राइसिटी के जो पेट्रोल पंप मंगलवार को तेल की कमी की वजह से बंद हो गए थे, वे सभी बुधवार को सुबह के समय खुल गए थे। पंप संचालकों ने बताया कि रात में ही पेट्रोल के टैंकर पहुंचने शुरू हो गए थे, जिसके बाद सुबह पंप खोल दिए गए। पंपों के खुलने की खबर फैलने के बाद सुबह के समय लोगों की भीड़ कुछ पंपों पर पहुंची लेकिन दोपहर होते-होते स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो गई। अब सप्लाई चेन भी बहाल हो चुकी है, इसलिए अब आने वाले दिनों में भी तेल की कमी नहीं देखी जाएगी। बुधवार को लोगों ने फैले डर की वजह से तीन-तीन घंटे लाइन में लगकर तेल भरवाया।
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ड्राइवरों को धमकाने की हो रही कोशिशः अमनप्रीत सिंह
चंडीगढ़ पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के सचिव अमनप्रीत सिंह ने बताया कि बुधवार दोपहर तक सप्लाई सामान्य हो गई। हालांकि, अभी भी बीच-बीच में सप्लाई को बाधित करने की कोशिश की जा रही है। इसे लेकर वह प्रशासन के साथ संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को भी तेल ला रहे टैंकर्स के ड्राइवर्स को धमकाने की कोशिश की गई है। ऐसा नहीं होना चाहिए, क्योंकि अगर ड्राइवरों को धमकाया जाएगा तो फिर से काम प्रभावित हो सकता है। जहां से सप्लाई आ रही है, वहां पूरी तरह से शांति होनी चाहिए ताकि बाकी शहरों में स्थिति काबू में रहे। अमनप्रीत सिंह ने कहा कि अब सब कुछ ठीक है और पंपों की लाइनें भी समाप्त हो चुकी हैं।
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बीपीसीएल तेल डिपो ने भेजे 71 टैंकरमोहाली की डीसी आशिका जैन ने बताया कि पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और बिक्री सामान्य हो गई है। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) लालड़ू तेल डिपो से मंगलवार की आधी रात से बुधवार शाम पांच बजे तक तेल के 71 टैंकर भेजे गए। वहीं, स्थिति को सामान्य बनाने के लिए जिला प्रशासन को दिए गए सहयोग के लिए उन्होंने ट्रक ऑपरेटरों और पेट्रोल पंप मालिकों के प्रति आभार जताया। बीपीसीएल लालड़ू के बिक्री अधिकारी पवन कुमार ने कहा कि मांग और आपूर्ति के बीच तालमेल के लिए बीपीसीएल तेल डिपो दिन-रात काम कर रहा है।
मंडी में फल और-सब्जी की आवक नहीं हुई प्रभावित
ट्रक की हड़ताल के कारण सब्जियों और फलों की आवक पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। सेक्टर 26 की मंडी में सामान्य दिनों की ही तरह बुधवार को भी फल और सब्जियों के छोटे-बड़े मिलाकर 45 ट्रक पहुंचे। मंडी के आढ़तियों ने बताया कि हड़ताल के दौरान भी फल और सब्जी लोड वाहन कहीं भी नहीं रोके गए। इस कारण आवक प्रभावित नहीं हुई।
मोहाली में नहीं चली कैब, नौकरीपेशा दिनभर परेशानशाम चार बजे खत्म की हड़ताल, फेज-8 के मैदान में टीसीए के नेतृत्व में एकत्रित हुए कैब चालक
कहा- नया कानून वापस नहीं हुआ तो तेज करेंगे प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। देशभर में चल रही ट्रक चालकों और ट्रांसपोर्टर यूनियन की हड़ताल का बुधवार को ट्राइसिटी के कैब चालकों ने भी समर्थन किया। हिट एंड रन कानून का हर तरफ विरोध हो रहा है। तीन दिन से ऑल इंडिया ट्रक यूनियन हड़ताल पर थी। बुधवार को ट्राइसिटी के कैब चालकों ने भी इस कानून का विरोध किया और शाम तक पूर्ण हड़ताल रखी। इस प्रदर्शन में टैक्सी चालक यूनियन के हजारों कैब चालक शामिल हुए।
इस हड़ताल में ट्राइसिटी कैब एसोसिएशन के सभी कैब चालक सुबह आठ बजे फेज-8 के गुरुद्वारा श्री अंब साहिब के पास खाली मैदान में इकट्ठे हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। शाम करीब चार बजे फेज-8 के एसएचओ सिमरन सिंह ने कैब चालक एसोसिएशन से एक मांगपत्र लेकर इस हड़ताल को खत्म करवाया।
ट्राइसिटी कैब चालक एसोसिएशन के प्रधान विक्रम सिंह पुंडीर ने बताया कि ड्राइवर दिन-रात सड़कों पर वाहन चलाते हैं। हर ड्राइवर को यही डर रहता है कि अगर वे ऐसी किसी दुर्घटना में शामिल हो गए तो कई बार निर्दोष होते हुए भी उन्हें भीड़ की हिंसा का सामना करना पड़ सकता है। इसे देखते वे केंद्र सरकार से अनुरोध करते हैं कि नए कानून को वापस लिया जाए।
इंश्योरेंस का क्या फायदा, जब हादसे के बाद देना पड़े जुर्माना
एसोसिएशन के प्रधान पुंडीर ने कहा कि वह 20-30 हजार रुपये देकर इंश्योरेंस करवाते हैं लेकिन केंद्र सरकार अब इंश्योरेंस कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए सात लाख रुपये जुर्माने के रूप में चालकों से वसूलना चाहती है। इस संबंधी अब उनकी कोर कमेटी जो फैसला लेगी, वह उसके मुताबिक ही चलेंगे।
ट्राइसिटी में चलती हैं करीब 20 हजार कैब
ट्राइसिटी के अंदर अलग-अलग सर्विस कंपनी जैसे ओला, उबर और इन ड्राइव की करीब 20 हजार कैब चलती हैं। बुधवार को करीब चार हजार कैब चालक हड़ताल पर रहे। हालांकि, पूरी तरह से कैब बंद नहीं थी, लेकिन काफी जगह लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। शहर में ज्यादातर दफ्तर, कॉलेज और शॉपिंग के लिए जाने वाले लोग कैब का इस्तेमाल करते हैं लेकिन शाम 4 बजे तक कैब न चलने के कारण लोगों को परेशान होना पड़ा। मोहाली में सिटी बस सर्विस न होने के कारण कैब और ऑटो ही यातायात के साधन हैं।