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राष्ट्रव्यापी हड़तालः तालमेल कमेटी का 2650 बसें न चलने का दावा, निदेशक बोले 2822 चलीं
Wed, 08 Jan 2020 08:52 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 08 Jan 2020 08:52 PM IST
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हरियाणा रोडवेज बस
- फोटो : फाइल फोटो
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राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हरियाणा रोडवेज की सेवाएं आंशिक रूप से ही बाधित हुईं। सिरसा, हिसार, फतेहाबाद में हड़ताल का असर दिखा। यहां बस संचालन में दिक्कत आई। बाकी डिपो में सुबह दस बजे के बाद सेवाएं सुचारू हो गईं। कर्मचारी तालमेल कमेटी ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल में 3280 बसों में से 2650 बसों का चक्का जाम रहने का दावा किया है तो परिवहन निदेशक वीरेंद्र दहिया ने दावे को गलत ठहराते हुए 2822 बसें चलने की बात कही है। उनके अनुसार सात जनवरी को 3164 बसों ने अपनी सेवाएं दी थीं।
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तालमेल कमेटी के वरिष्ठ नेता इंद्र सिंह बधाना, दलबीर किरमारा, वीरेंद्र सिंह धनखड़, अनूप सहरावत, सरबत सिंह पूनिया, पहल सिंह तंवर, आजाद सिंह गिल व दिनेश हुड्डा ने बताया कि 2650 बसों का पूर्ण चक्का जाम रहा। फरीदाबाद डिपो में राजबीर नागर व बीरेंद्र सरौत को गिरफ्तार किया गया है, उन्हें रिहा किया जाए।
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फरीदाबाद व अंबाला सहित कई डिपो को पुलिस छावनी में बदलने के बावजूद 85 प्रतिशत कर्मचारियों ने चक्का जाम किया। हड़ताल से सबक लेकर निजीकरण, ठेका प्रथा व आउटसोर्सिंग की पॉलिसी सरकार तुरंत रद्द करें। किलोमीटर स्कीम रद्द कर बढ़ती आबादी अनुसार रोडवेज बेड़ा 14 हजार बसों का किया जाए। किलोमीटर स्कीम रद्द कराने व लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज किया जाएगा।
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कमेटी के दावे अनुसार परिवहन विभाग केवल 5-6 डिपो में ही आंशिक रूप से बसों को चला पाया। परिवहन निदेशक दहिया ने बताया कि रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी ने सुबह के समय ही हड़ताल की। दस बजे के बाद 2822 बसें सड़कों पर उतर आईं, जिससे लोगों को कोई परेशानी नहीं हुई। हड़ताली कर्मचारियों के साथ कोई सख्ती नहीं बरती गई। शांतिपूर्ण तरीके से हड़ताल से निपटने के निर्देश दिए गए थे।