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Chandigarh: पीजीआई हादसे से भी सीख नहीं ली, स्कूलों में अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र को लेकर सख्ती नहीं
Thu, 12 Oct 2023 03:20 PM IST
निवेदिता वर्मा
प्रियंका ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
प्रियंका ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 12 Oct 2023 03:20 PM IST
सार
चंडीगढ़ में सरकारी, निजी और केंद्र को मिलाकर कुल 209 स्कूल हैं, जिसमें अधिकतर सरकारी स्कूलों के पास अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र नहीं है। 2022-23 में अब तक उन्होंने कुल 69 अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी किए हैं और 98 स्कूलों ने प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया है। यह डाटा सरकारी और निजी दोनों स्कूलों का है।
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पीजीआई में लगी आग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
चंडीगढ़ पीजीआई के नेहरू एक्सटेंशन में लगी आग से भी प्रशासन ने सीख नहीं ली है। स्कूलों में अग्नि सुरक्षा के मानकों को लेकर सख्ती नहीं बरती जा रही है।
अग्निशमन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 2022-23 में शहर के कुल 209 निजी और सरकारी स्कूलों में से सिर्फ 69 स्कूलों के को ही अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र मिल पाया है। सरकारी स्कूलों पर नजर दौड़ाएं तो जुलाई 2023 तक केवल तीन ही स्कूलों के पास अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र हैं। ऐसे में शहर में स्कूलों में पढ़ रहे करीब डेढ़ लाख से अधिक बच्चों की जान सुरक्षित नहीं है।
यह भी पढ़ें: शर्मनाक: चंडीगढ़ के निजी स्कूल की 70 छात्राओं की अश्लील फोटो वायरल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का किया गया प्रयोग
शहर में सरकारी, निजी और केंद्र को मिलाकर कुल 209 स्कूल हैं, जिसमें अधिकतर सरकारी स्कूलों के पास अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र नहीं है। हालांकि अमर उजाला द्वारा बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से छापने के बाद सीसीपीसीआर ने अग्नि सुरक्षा विभाग से सभी स्कूलों की जानकारी मांगी, जिसका जवाब मिलना बाकी है। चीफ फायर ऑफिसर गुरिंदर सिंह सोढ़ी ने बताया कि 2022-23 में अब तक उन्होंने कुल 69 अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी किए हैं और 98 स्कूलों ने प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया है। यह डाटा सरकारी और निजी दोनों स्कूलों का है।
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अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र आवेदन करने की प्रक्रिया ऑनलाइन
अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। जूलाई माह के बाद प्रमाण पत्र बनाने के लिए कई स्कूलों की इनक्वायरी भी आई है। विभाग इन स्कूलों में अग्नि सुरक्षा के मापकों की जांच कर रहा है। - गुरिंदर सिंह सोढ़ी, चीफ फायर ऑफिसर
अग्नि सुरक्षा प्रमाण के लिए स्कूलों ने किया आवेदन
स्कूलों ने अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया है और इससे जुड़े मानकों को कई स्कूलों में पूरा किया जा चुका है। अग्नि सुरक्षा उपकरणों को स्कूल में प्राथमिकता से लगाया जा रहा है। - हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़, स्कूल शिक्षा निदेशक
यह भी पढ़ें: Sidhu Moosewala Murder: 17 महीने बाद हुआ सबसे बड़ा खुलासा... इस कारण गोलियों से भूना गया था मूसेवाला
हादसों से सुरक्षा को लेकर बनाया हीराक्षी एप, निजी स्कूल ही शामिल नहीं
आठ जुलाई 2022 को कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में हीराक्षी की पेड़ गिरने से मौत होने के बाद स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए सीसीपीसीआर की ओर से जुलाई माह में हीराक्षी सोशल ऑडिट एप लांच किया गया। एप को बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल की आधारभूत संरचना के 66 बिंदुओं की जानकारी देनी होगी। हैरानी की बात है कि घटना निजी स्कूल में हुई, बच्ची के नाम पर एप का नाम रखा गया, लेकिन एप में निजी स्कूल शामिल ही नहीं है। एप लॉन्च होने के तीन महीने बाद भी यह सुचारू रूप से नहीं चल रहा है। सभी सरकारी स्कूलों को एप इस्तेमाल करने के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड नहीं मिले हैं।
दिसंबर माह तक हीराक्षी एप होगा पूर्ण रूप से सक्रिय
अग्निशमन विभाग से सभी स्कूलों की अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र को लेकर जानकारी मांगी गई है। सूचना एक हफ्ते में मिल जाएगी। जरूरत के अनुसार अग्निशमन विभाग के साथ मिलकर अग्नि सुरक्षा को लेकर जागरूकता और ट्रेनिंग दी जाएगी। हीराक्षी एप को लेकर अभी स्कूलों को यूजर आईडी और पासवर्ड दिए जा रहे हैं। स्कूलों को ऐप प्रयोग करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। निजी स्कूलों को भी आग्रह करेंगे कि वह भी हीराक्षी ऐप को अपनाएं। - शिप्रा बंसल, सीसीपीसीआर अध्यक्ष
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अग्निशमन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 2022-23 में शहर के कुल 209 निजी और सरकारी स्कूलों में से सिर्फ 69 स्कूलों के को ही अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र मिल पाया है। सरकारी स्कूलों पर नजर दौड़ाएं तो जुलाई 2023 तक केवल तीन ही स्कूलों के पास अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र हैं। ऐसे में शहर में स्कूलों में पढ़ रहे करीब डेढ़ लाख से अधिक बच्चों की जान सुरक्षित नहीं है।
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शहर में सरकारी, निजी और केंद्र को मिलाकर कुल 209 स्कूल हैं, जिसमें अधिकतर सरकारी स्कूलों के पास अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र नहीं है। हालांकि अमर उजाला द्वारा बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से छापने के बाद सीसीपीसीआर ने अग्नि सुरक्षा विभाग से सभी स्कूलों की जानकारी मांगी, जिसका जवाब मिलना बाकी है। चीफ फायर ऑफिसर गुरिंदर सिंह सोढ़ी ने बताया कि 2022-23 में अब तक उन्होंने कुल 69 अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी किए हैं और 98 स्कूलों ने प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया है। यह डाटा सरकारी और निजी दोनों स्कूलों का है।
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अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र आवेदन करने की प्रक्रिया ऑनलाइन
अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। जूलाई माह के बाद प्रमाण पत्र बनाने के लिए कई स्कूलों की इनक्वायरी भी आई है। विभाग इन स्कूलों में अग्नि सुरक्षा के मापकों की जांच कर रहा है। - गुरिंदर सिंह सोढ़ी, चीफ फायर ऑफिसर
अग्नि सुरक्षा प्रमाण के लिए स्कूलों ने किया आवेदन
स्कूलों ने अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया है और इससे जुड़े मानकों को कई स्कूलों में पूरा किया जा चुका है। अग्नि सुरक्षा उपकरणों को स्कूल में प्राथमिकता से लगाया जा रहा है। - हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़, स्कूल शिक्षा निदेशक
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हादसों से सुरक्षा को लेकर बनाया हीराक्षी एप, निजी स्कूल ही शामिल नहीं
आठ जुलाई 2022 को कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में हीराक्षी की पेड़ गिरने से मौत होने के बाद स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए सीसीपीसीआर की ओर से जुलाई माह में हीराक्षी सोशल ऑडिट एप लांच किया गया। एप को बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल की आधारभूत संरचना के 66 बिंदुओं की जानकारी देनी होगी। हैरानी की बात है कि घटना निजी स्कूल में हुई, बच्ची के नाम पर एप का नाम रखा गया, लेकिन एप में निजी स्कूल शामिल ही नहीं है। एप लॉन्च होने के तीन महीने बाद भी यह सुचारू रूप से नहीं चल रहा है। सभी सरकारी स्कूलों को एप इस्तेमाल करने के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड नहीं मिले हैं।
दिसंबर माह तक हीराक्षी एप होगा पूर्ण रूप से सक्रिय
अग्निशमन विभाग से सभी स्कूलों की अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र को लेकर जानकारी मांगी गई है। सूचना एक हफ्ते में मिल जाएगी। जरूरत के अनुसार अग्निशमन विभाग के साथ मिलकर अग्नि सुरक्षा को लेकर जागरूकता और ट्रेनिंग दी जाएगी। हीराक्षी एप को लेकर अभी स्कूलों को यूजर आईडी और पासवर्ड दिए जा रहे हैं। स्कूलों को ऐप प्रयोग करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। निजी स्कूलों को भी आग्रह करेंगे कि वह भी हीराक्षी ऐप को अपनाएं। - शिप्रा बंसल, सीसीपीसीआर अध्यक्ष