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Chandigarh News: शहर में वेवजह हथियार लेकर घूमने और साइबर कैफे संचालक पर सख्ती
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से शहर में हथियारों के प्रदर्शन और साइबर कैफे संचालन को लेकर कड़े आदेश जारी किए हैं। जिला मजिस्ट्रेट एवं उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किए हैं। ये आदेश 27 मई से लागू होकर 25 जुलाई तक प्रभावी रहेंगे।
जारी आदेशों के अनुसार शहर में किसी भी व्यक्ति द्वारा फायर आर्म्स, घातक हथियार, लाठी, भाले, त्रिशूल, तलवार, चाकू, लोहे की रॉड समेत अन्य हथियार लेकर चलने या उनका सार्वजनिक प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि असामाजिक तत्वों द्वारा हथियारों के दुरुपयोग से सार्वजनिक शांति भंग होने, दहशत फैलने और लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा होने की आशंका है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह प्रतिबंध पुलिस, सेना और अर्द्धसैनिक बलों के ड्यूटी पर तैनात कर्मियों पर लागू नहीं होगा, बशर्ते वे वर्दी में हों और उनके पास अधिकृत पहचान पत्र व अनुमति पत्र मौजूद हो। इसके अलावा वैध शस्त्र लाइसेंस धारकों या जिला मजिस्ट्रेट से लिखित अनुमति प्राप्त व्यक्तियों को भी छूट दी गई है।
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प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दूसरी ओर साइबर कैफे संचालन को लेकर भी जिला प्रशासन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि साइबर कैफे का इस्तेमाल असामाजिक तत्वों, अपराधियों या आतंकवादी गतिविधियों के लिए किए जाने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
साइबर कैफे संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि बिना पहचान सत्यापन के किसी भी व्यक्ति को कंप्यूटर या इंटरनेट सुविधा उपलब्ध न कराई जाए। प्रत्येक ग्राहक का नाम, पता, फोन नंबर और पहचान पत्र का विवरण रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा। ग्राहक के हस्ताक्षर भी रजिस्टर में करवाने होंगे। इसके अलावा साइबर कैफे संचालकों को कम से कम छह महीने तक सर्वर लॉग सुरक्षित रखने, संदिग्ध गतिविधि मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने और यह रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं कि किस व्यक्ति ने कौन-सा कंप्यूटर इस्तेमाल किया।
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जारी आदेशों के अनुसार शहर में किसी भी व्यक्ति द्वारा फायर आर्म्स, घातक हथियार, लाठी, भाले, त्रिशूल, तलवार, चाकू, लोहे की रॉड समेत अन्य हथियार लेकर चलने या उनका सार्वजनिक प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि असामाजिक तत्वों द्वारा हथियारों के दुरुपयोग से सार्वजनिक शांति भंग होने, दहशत फैलने और लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा होने की आशंका है।
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आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह प्रतिबंध पुलिस, सेना और अर्द्धसैनिक बलों के ड्यूटी पर तैनात कर्मियों पर लागू नहीं होगा, बशर्ते वे वर्दी में हों और उनके पास अधिकृत पहचान पत्र व अनुमति पत्र मौजूद हो। इसके अलावा वैध शस्त्र लाइसेंस धारकों या जिला मजिस्ट्रेट से लिखित अनुमति प्राप्त व्यक्तियों को भी छूट दी गई है।
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प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दूसरी ओर साइबर कैफे संचालन को लेकर भी जिला प्रशासन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि साइबर कैफे का इस्तेमाल असामाजिक तत्वों, अपराधियों या आतंकवादी गतिविधियों के लिए किए जाने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
साइबर कैफे संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि बिना पहचान सत्यापन के किसी भी व्यक्ति को कंप्यूटर या इंटरनेट सुविधा उपलब्ध न कराई जाए। प्रत्येक ग्राहक का नाम, पता, फोन नंबर और पहचान पत्र का विवरण रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा। ग्राहक के हस्ताक्षर भी रजिस्टर में करवाने होंगे। इसके अलावा साइबर कैफे संचालकों को कम से कम छह महीने तक सर्वर लॉग सुरक्षित रखने, संदिग्ध गतिविधि मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने और यह रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं कि किस व्यक्ति ने कौन-सा कंप्यूटर इस्तेमाल किया।