चंडीगढ़ में स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट लागू, उल्लघंन करने पर लगेगा जुर्माना, पढ़ें और क्या बदलाव हुए
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चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से अनुमति मिलने के बाद नगर निगम ने स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट बायलॉज को लागू कर दिया है। बीते मंगलवार को टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में स्ट्रीट वेंडर एक्ट के बॉयलाज को अंतिम रूप देने के बाद गजट नोटिफिकेशन के लिए बुधवार को चंडीगढ़ प्रशासन को भेज दिया गया था। व्यापारियों के विरोध के बीच प्रशासन से निर्देश मिलते ही इसे तत्काल प्रभाव से शहर में लागू कर दिया गया।
बताते चलें कि वेंडर्स को बैठाने के लिए जनवरी के पहले सप्ताह में ड्रा निकाला जाएगा। बायलॉज पर गौर करें तो पहले रेड लाइट, रोड क्रासिंग, राउंड अबाउट से 100 मीटर की दूरी पर वेंडर्स को बैठाने का प्रावधान था, लेकिन अब इसे 50 मीटर कर दिया गया है।
ऐसे होगी कार्रवाई
अब बायलॉज लागू हो गए हैं, ऐसे में रजिस्टर्ड स्ट्रीट वेंडर ने यदि नियम तोड़ा तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पहली बार नियम तोड़ने पर वेंडर को एक हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरी बार डबल और तीसरी बार पांच हजार रुपये का जुर्माना। वहीं, चौथी बार में तीन महीने के लिए लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा, जबकि पांचवीं बार नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिया जाएगा।
इसके बाद यदि कोई बिना लाइसेंस के मिला तो दस हजार रुपये जुर्माना वसूलने के साथ-साथ सामान जब्त कर लिया जाएगा, जिसे बाद में छोड़ा भी नहीं जाएगा। बायलॉज के अस्तित्व में आ जाने के बाद नगर निगम कार्यालय में स्ट्रीट वेंडर्स सेल का गठन किया जाएगा। स्ट्रीट वेंडर्स की सभी जानकारी ऑनलाइन कर दी जाएगी।
पहचान के लिए बनेंगे स्मार्ट कार्ड
स्ट्रीट वेंडर्स को चिप वाले स्मार्ट कार्ड भी जारी किए जाएंगे। इसमें स्ट्रीट वेंडर्स के बारे में सभी जानकारी को अपलोड कर दिया जाएगा। साथ ही नगर निगम के पास भी वही जानकारी उपलब्ध रहेगी, जिससे स्ट्रीट वेंडर्स को पहचानना आसान हो जाएगा। स्मार्ट कार्ड को जारी करने की जिम्मेदारी भी सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी को सौंप दी गई है।
स्मार्ट कार्ड की वैलिडिटी होगी 5 साल
स्मार्ट कार्ड जारी करने की एवज में नगर निगम स्ट्रीट वेंडर्स से 100 रुपये लेगा और अगर कार्ड गुम होता है तो दोबारा जारी करने पर वेंडर से 200 रुपये लिए जाएंगे। स्मार्ट कार्ड की वैलिडिटी 5 साल की रहेगी। पांच साल बाद रिन्युअल होगा। सर्टिफिकेट के लिए स्ट्रीट वेंडर्स से अलग से प्रति वेंडर 100 रुपये लिए जाएंगे। डुप्लीकेट सर्टिफिकेट के लिए भी 200 रुपये फीस तय की गई है तो वहीं 5 साल बाद सर्टिफिकेट रिन्यूअल के लिए 500 रुपये देने होंगे।
आपत्तियां और सुझाव बायलॉज में शामिल
रिव्यू कमेटी की बैठक 12 दिसंबर को एडिशनल कमिश्नर तिलक राज की अध्यक्षता में हुई थी। इसमें केवल 11 एसोसिएशनों की ओर से आपत्तियां दर्ज कराई गई थी। इनकी आपत्तियों और सुझाव को बायलॉज में शामिल किया गया है।
मामला पहुंचा था पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
शहर के सेक्टर-15 में बनने जा रहे वेंडर्स जोन के खिलाफ स्थानीय लोगों के विरोध के बीच दायर की गई याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी किया है। प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ सेक्टर-15 निवासी गुरमुख सिंह ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि प्रशासन सेक्टर-15 में जिस स्थान पर 1,800 वेंडर्स को बैठाने की योजना पर काम कर रहा है, उसके दोनों ओर शिक्षण संस्थाएं हैं। याचिका में कहा गया है कि सेक्टर 15 में लड़कियों और लड़कों के हॉस्टल हैं।
पार्किंग की जगह बना दिया वेंडिंग जोन
वेंडर जोन के खिलाफ व्यापारियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। सेक्टर- 23 के व्यापारियों ने तीन घंटे दुकान बंद कर प्रदर्शन किया। इस मौके पर कई सेक्टर के व्यापारी एसोसिएशनों ने भी समर्थन दिया। सेक्टर- 23 के बिजनेस वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट नरेश महाजन ने कहा कि यहां पर पार्किंग नहीं है। इसके लिए कई दिनों से मांग की जा रही थी, लेकिन प्रशासन ने पार्किंग देने के बजाए वहां पर वेंडिंग जोन बना दिया।
50 से ज्यादा वेंडर बैठाए जाने हैं। इससे मार्केट का कारोबार प्रभावित होगा। ट्रैफिक को लेकर बुरा हाल है। इस दौरान सभी दुकानदारों ने सुबह 10 बजे शटर गिरा दिए और 12 बजे तक दुकाने बंद रखी। शुक्रवार को भी व्यापारी तीन घंटे तक दुकान बंद रखेंगे। इस मौके पर सरदार चरणजीत सिंह, संजीव चड्डा, जगदीश कपूर, प्रेसिडेंट नरेश महाजन, जनरल सतीश बंसल, ख्याति लाल मौजूद रहे।