{"_id":"644047b9461ad9a8ee064243","slug":"stf-raided-the-house-of-sacked-aig-in-mohali-news-2023-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Punjab News: बर्खास्त एआईजी फरार, छह साल पुराने मामले में FIR, घर में STF ने दी दबिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Punjab News: बर्खास्त एआईजी फरार, छह साल पुराने मामले में FIR, घर में STF ने दी दबिश
Thu, 20 Apr 2023 01:28 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 20 Apr 2023 01:28 AM IST
सार
राजजीत की तलाश में एसटीएफ की टीमों ने उसके रिश्तेदारों के घर पर भी दबिश दी लेकिन वह हाथ नहीं आया। हालांकि बुधवार को चर्चा थी कि वह विजिलेंस ब्यूरो के मुख्यालय में पहुंचकर सरेंडर कर सकता था। ऐसे में सारा दिन विभिन्न एजेंसियां वहां पर डेरा डाले थे।
विज्ञापन
राजजीत सिंह।
- फोटो : फाइल
विस्तार
पंजाब में छह हजार करोड़ रुपये के नशा तस्करी के केस में बर्खास्त एआईजी राज जीत सिंह भूमिगत हो गए हैं। उनकी तलाश में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मंगलवार शाम राज जीत के मोहाली सेक्टर 69 स्थित कोठी में दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला। एक दिन पहले ही एसटीएफ ने राजजीत सिंह के खिलाफ भी लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। वहीं, एसटीएफ ने राज जीत सिंह पर आपराधिक साजिश रचने और बर्खास्त इंस्पेक्टर इंद्रजीत को सजा से बचाने के इरादे से गलत रिकॉर्ड तैयार करने के अलावा जबरन वसूली का मामला दर्ज किया है। इस बीच, मुख्यमंत्री मान ने डीजीपी गौरव यादव को जेल में बंद इंद्रजीत की मदद करने वाले शीर्ष पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया।
विज्ञापन
डीजीपी ने इसकी जांच रिपोर्ट एडीजीपी आरके जैसवाल को सौंपी है। जैसवाल को एक महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। जानकारी के मुताबिक इंद्रजीत सिंह सीआईए स्टाफ का इंस्पेक्टर था। साल 2017 में उसे हथियारों व ड्रग तस्करी के केस में गिरफ्तार किया गया था। जब उसके घर की तलाशी ली गई तो उसके घर एके-47 मिली। इसके अलावा उसके पास से 4 किलो हेरोइन, 3 किलो स्मैक और विदेशी हथियार भी बरामद हुए थे। राजजीत ने इस पूरे मामले में इंद्रजीत को बचाने की कोशिश की। कई सारे गलत रिकॉर्ड पेश किए। इसके साथ जो नशा बरामद हुआ था, उसमें भी छेड़खानी के आरोप लगे थे। एसटीएफ ने राजजीत के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 218 और 384 के अलावा एनडीपीएस एक्ट की धारा 59 और 39 के तहत एफआईआर दर्ज की है।
विज्ञापन
वहीं, सरकार ने नशा तस्करी से संबंधित केसों में गंभीरता से जांच करने का आदेश दिया है। इस बीच राजजीत की तलाश में एसटीएफ की टीमों ने उसके रिश्तेदारों के घर पर भी दबिश दी लेकिन वह हाथ नहीं आया। हालांकि बुधवार को चर्चा थी कि वह विजिलेंस ब्यूरो के मुख्यालय में पहुंचकर सरेंडर कर सकता था। ऐसे में सारा दिन विभिन्न एजेंसियां वहां पर डेरा डाले थे।
विज्ञापन
विजिलेंस अलग से दर्ज करेगी केस
वहीं, विजिलेंस ब्यूरो ने भी ड्रग तस्करी से जुड़े मामले में अपनी जांच शुरू कर दी है। सूत्रों से पता चला है कि विजिलेंस जल्द ही राजजीत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सकती है। बर्खास्त एआईजी से जुड़े मामलों की विजिलेंस नए सिरे से जांच करेगी। सीएम ने इस मामले की गंभीरता से विजिलेंस को जांच का आदेश दिया था।