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10 माह से कुतों की नसबंदी बंद, अब एक डॉक्टर पर निर्भर होगा निगम
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चंडीगढ़। कुत्तों की नसबंदी के लिए 10 माह से किसी कंपनी के न आने से अब नगर निगम अपने ही वेटरिनरी डॉक्टर से शहर के लावारिस कुत्तों की नसबंदी कराएगा। वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक में निगम यह एजेंडा लेकर आ रहा है।
कमिश्नर केके यादव ने बताया कि शहर के लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए कई बार टेंडर किए गए, लेकिन कोई कंपनी नहीं आई। चूंकि निगम के पास 2 वेटरिनरी डॉक्टर हैं, इसलिए इन्हीं डॉक्टरों से ही कुत्तों की नसबंदी कराने का फैसला लिया गया है। बैठक में एजेंडा पास होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
छह माह में एडवांस एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की दीवार बन सकी
एडवाइजर मनोज परिदा ने रायपुरकलां में अक्तूबर माह में एडवांस एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की नींव रखी थी। 10 एकड़ में बनने वाले सेंटर की लागत लगभग एक करोड़ है, जहां 300 कुत्तों का एक साथ स्टरलाइजेशन किया जा सकेगा। इसके लिए एक माह में टेंडर करना था और एक साल में निर्माण कार्य पूरा होना था, लेकिन अब तक वहां एक बाउंड्री वॉल ही बनी है। सेंटर का काम एक साल में पूरा होना है, लेकिन इस स्थिति से तो दो साल में काम पूरा होते नहीं दिख रहा है। वहीं, गर्मी का मौसम आने वाला है। इस दौरान कुत्तों के काटने की घटनाएं भी बढ़ेंगी।
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लगातार बढ़ी कुत्तों के काटने की घटनाएं
शहर में कुत्तों की संख्या में जितनी तेजी से इजाफा हो रहा है, उतनी ही तेजी से कुत्तों के काटने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। प्रतिदिन 15 से 20 केस शहर में कुत्तों के काटने के आते हैं। निगम इन घटनाओं पर रोक लगाने का दावा तो करता है, लेकिन कई बार हादसे इतने वीभत्स होते हैं कि लोगों का गुस्सा फूट जाता है। वहीं, गर्मियों में केस बढ़ने के बाद अस्पतालों में वैक्सीन भी नहीं मिलती। इससे लोगों की समस्या और गंभीर हो जाती है।
मल्टीलेवल पार्किंग शुरू करेगा निगम, पास के लिए भी आएगा एजेंडा
नगर निगम कोरोना के चलते मल्टीलेवल पार्किंग के लिए टेंडर नहीं कर सका है, इसलिए अपने स्तर पर कुछ मरम्मत कर लगभग 20 कर्मचारियों के साथ निगम पार्किंग शुरू कर देगा। वहीं, अब निगम कर्मचारियों के लिए भी पास की व्यवस्था करने को लेकर एजेंडा लेकर आ रहा है। चूंकि कंपनी के साथ हुए टेंडर में कर्मचारियों को पास देने की बात नहीं है, इसलिए यह एजेंडा थोड़ा मुश्किल होगा। इसके अलावा सेक्टर 28, 29 व इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1 के बागों को लीज पर देने का भी बैठक में एजेंडा आएगा।
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कमिश्नर केके यादव ने बताया कि शहर के लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए कई बार टेंडर किए गए, लेकिन कोई कंपनी नहीं आई। चूंकि निगम के पास 2 वेटरिनरी डॉक्टर हैं, इसलिए इन्हीं डॉक्टरों से ही कुत्तों की नसबंदी कराने का फैसला लिया गया है। बैठक में एजेंडा पास होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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छह माह में एडवांस एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की दीवार बन सकी
एडवाइजर मनोज परिदा ने रायपुरकलां में अक्तूबर माह में एडवांस एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की नींव रखी थी। 10 एकड़ में बनने वाले सेंटर की लागत लगभग एक करोड़ है, जहां 300 कुत्तों का एक साथ स्टरलाइजेशन किया जा सकेगा। इसके लिए एक माह में टेंडर करना था और एक साल में निर्माण कार्य पूरा होना था, लेकिन अब तक वहां एक बाउंड्री वॉल ही बनी है। सेंटर का काम एक साल में पूरा होना है, लेकिन इस स्थिति से तो दो साल में काम पूरा होते नहीं दिख रहा है। वहीं, गर्मी का मौसम आने वाला है। इस दौरान कुत्तों के काटने की घटनाएं भी बढ़ेंगी।
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लगातार बढ़ी कुत्तों के काटने की घटनाएं
शहर में कुत्तों की संख्या में जितनी तेजी से इजाफा हो रहा है, उतनी ही तेजी से कुत्तों के काटने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। प्रतिदिन 15 से 20 केस शहर में कुत्तों के काटने के आते हैं। निगम इन घटनाओं पर रोक लगाने का दावा तो करता है, लेकिन कई बार हादसे इतने वीभत्स होते हैं कि लोगों का गुस्सा फूट जाता है। वहीं, गर्मियों में केस बढ़ने के बाद अस्पतालों में वैक्सीन भी नहीं मिलती। इससे लोगों की समस्या और गंभीर हो जाती है।
मल्टीलेवल पार्किंग शुरू करेगा निगम, पास के लिए भी आएगा एजेंडा
नगर निगम कोरोना के चलते मल्टीलेवल पार्किंग के लिए टेंडर नहीं कर सका है, इसलिए अपने स्तर पर कुछ मरम्मत कर लगभग 20 कर्मचारियों के साथ निगम पार्किंग शुरू कर देगा। वहीं, अब निगम कर्मचारियों के लिए भी पास की व्यवस्था करने को लेकर एजेंडा लेकर आ रहा है। चूंकि कंपनी के साथ हुए टेंडर में कर्मचारियों को पास देने की बात नहीं है, इसलिए यह एजेंडा थोड़ा मुश्किल होगा। इसके अलावा सेक्टर 28, 29 व इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1 के बागों को लीज पर देने का भी बैठक में एजेंडा आएगा।