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किसान आंदोलन: संयुक्त राष्ट्र से दखल की अपील पर HC ने याचिकाकर्ता को लगाई फटकार, मंगलवार को अगली सुनवाई
Thu, 15 Feb 2024 07:00 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 15 Feb 2024 07:00 PM IST
सार
हाईकोर्ट में किसानों के प्रदर्शन को लेकर दो जनहित याचिकाएं दाखिल की गई थीं। कोर्ट ने कहा कि भाषण और अभिव्यक्ति के मौलिक अधिकार में संतुलन होना चाहिए, कोई भी अधिकार अलग नहीं है। सावधानी बरतते हुए मुद्दे का सौहार्दपूर्ण ढंग से हल किया जाना चाहिए और यदि किसान प्रदर्शन करना चाहते हैं तो इसके लिए क्षेत्र की पहचान की जानी चाहिए।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
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विस्तार
किसानों के दिल्ली की ओर कूच के मामले में संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर दखल देने की मांग पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाई।
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सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि क्या आप इस मामले को यूनाइटेड नेशन ले जाना चाहते हैं, आप यदि ऐसा करेंगे तो हम कैसे इस पर सुनवाई करें। हाईकोर्ट ने किसानों व सरकार के बीच होने वाली बैठक के परिणाम के साथ मंगलवार को केंद्र, हरियाणा व पंजाब सरकार को रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।
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गुरुवार को सुनवाई आरंभ होते ही एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने हाईकोर्ट को सूचित किया कि केंद्रीय मंत्रियों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच फिर से एक बैठक तय की गई है। इस बैठक से मामले का हल निकलने की काफी हद तक उम्मीद है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि कोई आदेश जारी करने से पहले इस बैठक के परिणाम की प्रतीक्षा की जानी चाहिए। ऐसे में हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई मंगलवार को तय कर दी है। सभी प्रतिवादियों को उस दिन हाईकोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट के साथ हाजिर रहने का आदेश दिया है।
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पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण समझौते का आह्वान किया था और केंद्र सरकार ने भी कोर्ट में कहा था कि वह किसानों से बातचीत के लिए तैयार है।
हरियाणा सरकार ने दाखिल की स्टेटस रिपोर्ट
हरियाणा सरकार ने बताया कि उन्हें इनपुट मिले हैं कि प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ उपद्रवी भी मौजूद हैं जो हथियारों से लैस हैं। इसके साथ ही यह भी कहा कि यदि इन्हें दिल्ली की ओर जाने दिया गया तो यह दिल्ली बॉर्डर पर डेरा डाल कर प्रदेश में व्यवस्था को बिगाड़ सकते हैं। सरकार को यह जानकारी भी मिली है कि आंदोलन की आड़ में किसान संसद का घेराव कर सकते हैं। ऐसे में किसानों को सरहद पर रोका गया है। यमुनानगर, चरखी दादरी, कुरुक्षेत्र, झज्जर, पंचकूला व करनाल में किसानों के प्रदर्शन के लिए स्थान तय कर दिया गया है।
पंजाब सरकार का हलफनामा
पंजाब सरकार ने बताया कि कानून व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार के संकट से निपटने के लिए तीन एसएसपी व 30 दंगा रोधी टीमें तैयार की गई हैं। इसके साथ ही 1760 पुलिसकर्मी शंभू बैरियर पर, 1364 संगरूर में तो वहीं 1068 बठिंडा में तैनात किए गए हैं। वाटर कैनन, दंगा रोधी वाहन, एंबुलेंस व अन्य आपातकालीन वाहनों की भी तैनाती की गई है। स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है और चिकित्सा सुविधाओं सहित सभी इंतजाम किए गए हैं।