फ्रांस में स्थापित होगा रणजीत सिंह का स्टेच्यू
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महाराजा रणजीत सिंह का बुत फ्रांस के शहर सैंट ट्रोपेज में स्थापित किया जाएगा। महाराजा के जनरल जीन फ्रैंककोइस अलार्ड की चौथी पीढ़ी ने यह बीड़ा उठाया है। इसके लिए सोमवार को सैंट ट्रोपेज के डिप्टी मेयर और जनरल अलार्ड के वंशज हेनरी अलार्ड और उनकी पत्नी जोसायन रोपड़ पहुंचे।
उन्होंने महाराजा रणजीत सिंह और लार्ड विलियम के बीच अक्तूबर 1831 के दौरान हुई संधि वाले स्थान का दौरा कर विस्तृत जानकारी हासिल की।
इस मौके पर हेनरी अलार्ड ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सैंट ट्रोपेज में महाराजा रणजीत सिंह के सफेद मार्बल से बने बुत को स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। वहां पहले ही महाराजा रणजीत सिंह के जनरल अलार्ड का बुत स्थापित है। उन्होंने बताया कि सैंट ट्रोपेज में 17 सितंबर 2016 को होने वाले उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री बादल बुत से पर्दा हटाएंगे।
हेनरी अलार्ड के साथ यंग फार्म एसोसिएशन के प्रधान जगदीप सिंह चीमा, गुरु गोबिंद सिंह स्टडी सर्कल के प्रधान इंद्रपाल सिंह चड्ढा, नगर काउंसिल प्रधान परमजीत सिंह माकड़, समाजसेवी डॉ. आरएस परमार भी मौजूद थे।
अभी तक महाराजा रणजीत सिंह का बुत नहीं लग सका है
रोपड़ में जिस संधि स्थान का जनरल की चौथी पीढ़ी हेनरी अलार्ड ने दौरा किया, वहां सरकार की ओर से महाराजा रणजीत सिंह की याद में पार्क बनाया गया है। सरकार ने इस पार्क में महाराजा का बुत लगाने की बात भी कही थी।
अभी तक इस पार्क में महाराजा रणजीत सिंह का बुत नहीं लग सका है, जबकि इस पार्क में महाराजा रणजीत सिंह के राज्य से जुड़ी 12 निशानियों की हालत भी खस्ता होती जा रही है। कुछ ही दूरी पर महाराजा रणजीत सिंह के राज्य की आखिरी निशानी निशान चौकी (एलओसी) स्थापित है।
इस निशानी तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है और न ही सरकार ने इस निशानी को संभालने के लिए कोई प्रयास किया। कुछ दिन पहले रोटरी क्लब के समारोह में हास्य कलाकार गुरप्रीत सिंह घुग्गी ने भी इस मामले को उठाया था लेकिन सुनवाई नहीं हुई।