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Chandigarh News: एसटीए ने तीन दिन में किए 11 चालान, दो टैंपों ट्रेवलर पकड़े
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अमर उजाला इंपैक्ट
चंडीगढ़। अमर उजाला की ओर से निजी बस ऑपरेटरों पर चलाई जा रही सीरीज के बाद स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने निजी बस ऑपरेटरों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन दिन में ग्यारह बसों के चालान किए हैं। इसके साथ ही एसटीए ने दो टैंपो ट्रेवलर पर भी कार्रवाई की है। इसमें से पांच बसों में परमिट नहीं मिले जबकि छह बसें सेक्टर-52 में खड़ी पाई गईं। इसके साथ कुछ बसों में इमरजेंसी गेट खराब पाए गए हैं। इसके साथ ही कुछ बसों में अग्निशमन यंत्र दुरुस्त नहीं मिले।
चंडीगढ़ में प्राइवेट बसों द्वारा की जाने वाली गड़बड़ी को लेकर अमर उजाला द्वारा लगातार रिपोर्ट प्रकाशित की जा रही है। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के एक अधिकारी ने बताया कि अब रोजाना चार घंटे बसों की जांच की जा रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि बसें यदि यहां डीजल डलवाने के लिए रुक रहीं हैं तो कहीं सवारियां तो यहां से नहीं उठा रहीं हैं, क्योंकि यह नियमों के खिलाफ है। टूरिस्ट बसों को सिर्फ अपने स्टार्टिंग प्वाइंट से सवारियां लेना होता है और गंतव्य तक उन सवारियों को छोड़ना होता है। इसके लिए उनका ऑल इंडिया परमिट होता है। एसटीए के एक अधिकारी के अनुसार यह जांच लगातार की जा रही है। दोपहर में किए गए चालान के बाद शाम तक कोई बस उस ओर आई।
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चंडीगढ़। अमर उजाला की ओर से निजी बस ऑपरेटरों पर चलाई जा रही सीरीज के बाद स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने निजी बस ऑपरेटरों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन दिन में ग्यारह बसों के चालान किए हैं। इसके साथ ही एसटीए ने दो टैंपो ट्रेवलर पर भी कार्रवाई की है। इसमें से पांच बसों में परमिट नहीं मिले जबकि छह बसें सेक्टर-52 में खड़ी पाई गईं। इसके साथ कुछ बसों में इमरजेंसी गेट खराब पाए गए हैं। इसके साथ ही कुछ बसों में अग्निशमन यंत्र दुरुस्त नहीं मिले।
चंडीगढ़ में प्राइवेट बसों द्वारा की जाने वाली गड़बड़ी को लेकर अमर उजाला द्वारा लगातार रिपोर्ट प्रकाशित की जा रही है। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के एक अधिकारी ने बताया कि अब रोजाना चार घंटे बसों की जांच की जा रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि बसें यदि यहां डीजल डलवाने के लिए रुक रहीं हैं तो कहीं सवारियां तो यहां से नहीं उठा रहीं हैं, क्योंकि यह नियमों के खिलाफ है। टूरिस्ट बसों को सिर्फ अपने स्टार्टिंग प्वाइंट से सवारियां लेना होता है और गंतव्य तक उन सवारियों को छोड़ना होता है। इसके लिए उनका ऑल इंडिया परमिट होता है। एसटीए के एक अधिकारी के अनुसार यह जांच लगातार की जा रही है। दोपहर में किए गए चालान के बाद शाम तक कोई बस उस ओर आई।
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