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सुल्तानपुर लोधीः श्री गुरु नानक के 550वें प्रकाश पर्व का आगाज, 550 रबाबी सिंहों ने किया मूलमंत्र जाप
Fri, 01 Nov 2019 04:28 PM IST
खुशबू गोयल
महेश कुमार, अमर उजाला, सुल्तानपुर लोधी(कपूरथला)
महेश कुमार, अमर उजाला, सुल्तानपुर लोधी(कपूरथला)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 01 Nov 2019 04:28 PM IST
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गुरुद्वारा बेर साहिब में शुरू हुआ शताब्दी समारोह
- फोटो : अमर उजाला
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आज एक नवंबर से श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर आयोजित भव्य कार्यक्रम का आगाज हो चुका है, जो आठ नवंबर तक जारी रहेगा। कार्यक्रम का आयोजन कपूरथला में सुल्तानपुर लोधी स्थित गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में किया जा रहा है। श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशानुसार एसजीपीसी द्वारा इस शताब्दी समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम के आयोजन की इंचार्ज बीबी जागीर कौर हैं और पूरा आयोजन एसजीपीसी प्रधान भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल की देखरेख में हो रहा है। 9 से 12 नवंबर तक मुख्य समागम गुरुद्वारा बेर साहिब से 100 मीटर की दूरी पर स्थित गुरु नानक स्टेडियम में बने मुख्य पंडाल में होगा।
सबसे पहले सुबह 4 बजे से 6:30 बजे हजूरी रागी श्री हरमंदिर साहिब के भाई रणधीर सिंह जी ने 'आसा दी वार' की। इसके बाद साढ़े छह बजे से सात बजे तक अरदास व हुक्मनामा हुआ। 7 से 8 बजे तक हजूरी रागी श्री हरमंदिर साहिब श्री अमृतसर भाई गगनदीप सिंह जी ने बिलावल की चौकी लगाई। 8 बजे से साढ़े 9 बजे तक बाबा जगजीत सिंह जी हरक्खोवाल वाले ने शबद विचार किया।
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पंजाब के दो आब (दरिया) ब्यास-सतलुज के बीच स्थित गुरुद्वारा श्री रबाबसर का नाता बाबा नानक जी के साथ साया बनकर उदासियों पर जाने वाले भाई मरदाना जी से है। बाबा नानक ने इसी गुरुद्वारा साहिब में भाई मरदाना को रबाब लेने के लिए भेजा था। 550वें प्रकाश पर्व का आगाज एक बार फिर उसी परपंरा से हुआ। इसी गुरुद्वारा साहिब से 550 रबाबी सिंह रबाब व तंती साजों के साथ गुरुद्वारा बेर साहिब पहुंचे।
शिअद किसान विंग के प्रधान जत्थेदार शमशेर सिंह भरोआना ने बताया कि एसजीपीसी की ओर से देश भर की संगीतक अकादमियों से 550 रबाबी सिंहों का चयन किया गया है। 50 ट्रालियों में 11-11 रबाबी सिंहों सजकर नगर कीर्तन के रूप में गुरुद्वारा बेर साहिब पहुंचे। जहां पर सभी ने एकसुर में मूलमंत्र का जाप करके 550वें प्रकाश पर्व का आगाज किया। संगत भाई मरदाना जी के उसी मार्ग से पैदल चलकर सुल्तानपुर लोधी पहुंची।
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कार्यक्रम के आयोजन की इंचार्ज बीबी जागीर कौर हैं और पूरा आयोजन एसजीपीसी प्रधान भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल की देखरेख में हो रहा है। 9 से 12 नवंबर तक मुख्य समागम गुरुद्वारा बेर साहिब से 100 मीटर की दूरी पर स्थित गुरु नानक स्टेडियम में बने मुख्य पंडाल में होगा।
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सबसे पहले सुबह 4 बजे से 6:30 बजे हजूरी रागी श्री हरमंदिर साहिब के भाई रणधीर सिंह जी ने 'आसा दी वार' की। इसके बाद साढ़े छह बजे से सात बजे तक अरदास व हुक्मनामा हुआ। 7 से 8 बजे तक हजूरी रागी श्री हरमंदिर साहिब श्री अमृतसर भाई गगनदीप सिंह जी ने बिलावल की चौकी लगाई। 8 बजे से साढ़े 9 बजे तक बाबा जगजीत सिंह जी हरक्खोवाल वाले ने शबद विचार किया।
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पंजाब के दो आब (दरिया) ब्यास-सतलुज के बीच स्थित गुरुद्वारा श्री रबाबसर का नाता बाबा नानक जी के साथ साया बनकर उदासियों पर जाने वाले भाई मरदाना जी से है। बाबा नानक ने इसी गुरुद्वारा साहिब में भाई मरदाना को रबाब लेने के लिए भेजा था। 550वें प्रकाश पर्व का आगाज एक बार फिर उसी परपंरा से हुआ। इसी गुरुद्वारा साहिब से 550 रबाबी सिंह रबाब व तंती साजों के साथ गुरुद्वारा बेर साहिब पहुंचे।
शिअद किसान विंग के प्रधान जत्थेदार शमशेर सिंह भरोआना ने बताया कि एसजीपीसी की ओर से देश भर की संगीतक अकादमियों से 550 रबाबी सिंहों का चयन किया गया है। 50 ट्रालियों में 11-11 रबाबी सिंहों सजकर नगर कीर्तन के रूप में गुरुद्वारा बेर साहिब पहुंचे। जहां पर सभी ने एकसुर में मूलमंत्र का जाप करके 550वें प्रकाश पर्व का आगाज किया। संगत भाई मरदाना जी के उसी मार्ग से पैदल चलकर सुल्तानपुर लोधी पहुंची।
गुरुद्वारे और रबाबी सिंहों का महत्व
श्री गुरु नानक देव और भाई मरदाना जी ने चारों उदासियों (यात्राओं) में एक साथ पूरी दुनिया का भ्रमण करके एक ओंकार का संदेश दिया था। पहली उदासी से पहले श्री गुरु नानक देव जी ने भाई मरदाना जी को गुरुद्वारा श्री रबाबसर में रह रहे इलाही संगीतकार व महान रबाब साज भाई फिरंदा जी से रबाब लेने के लिए भेजा था।
गुरुद्वारा साहिब के सेवादार बाबा अवतार सिंह और शिअद किसान विंग के प्रधान जत्थेदार शमशेर सिंह भरोआना ने बताया कि इस गुरुद्वारा साहिब से ही भाई मरदाना जी को रबाब मिली थी। पुरातन इतिहास के अनुसार, श्री गुरु नानक देव ने भाई मरदाना जी को सात रुपये देकर रबाब मूल्य खरीदने के लिए भेजा था।
उस समय बाबा नानक जी ने भाई मरदाना को नौ मील (12 किलोमीटर) लहंदे पासे भाई फिरंदा जी से रबाब लेने भेजा था। भाई मरदाना जी तीन दिन तक पैदल सुनसान में घूमते हुए गुरुद्वारा श्री रबाबसर पहुंचे। जहां पर वह भाई फिरंदा जी से मिले। फिर भाई मरदाना जी ने श्री गुरु नानक देव का हवाला देकर रबाब खरीदने के लिए विनती की, लेकिन भाई फिरंदा रब्बी रंग में रंगे थे और दुनियादारी से कोसों दूर थे।
भाई फिरंदा जी ने पैसों के एवज में रबाब देने से साफ इंकार कर दिया और श्री गुरु नानक देव के दर्शनों की इच्छा जताई। इसी स्थान से भाई मरदाना जी के साथ भाई फिरंदा जी चलकर सुल्तानपुर लोधी पहुंचे और श्री गुरु नानक देव जी के दर्शन करके निहाल हुए। इसके बाद उन्होंने भेंट स्वरूप गुरु के चरणों में रबाब अर्पित की।
गुरुद्वारा साहिब के सेवादार बाबा अवतार सिंह और शिअद किसान विंग के प्रधान जत्थेदार शमशेर सिंह भरोआना ने बताया कि इस गुरुद्वारा साहिब से ही भाई मरदाना जी को रबाब मिली थी। पुरातन इतिहास के अनुसार, श्री गुरु नानक देव ने भाई मरदाना जी को सात रुपये देकर रबाब मूल्य खरीदने के लिए भेजा था।
उस समय बाबा नानक जी ने भाई मरदाना को नौ मील (12 किलोमीटर) लहंदे पासे भाई फिरंदा जी से रबाब लेने भेजा था। भाई मरदाना जी तीन दिन तक पैदल सुनसान में घूमते हुए गुरुद्वारा श्री रबाबसर पहुंचे। जहां पर वह भाई फिरंदा जी से मिले। फिर भाई मरदाना जी ने श्री गुरु नानक देव का हवाला देकर रबाब खरीदने के लिए विनती की, लेकिन भाई फिरंदा रब्बी रंग में रंगे थे और दुनियादारी से कोसों दूर थे।
भाई फिरंदा जी ने पैसों के एवज में रबाब देने से साफ इंकार कर दिया और श्री गुरु नानक देव के दर्शनों की इच्छा जताई। इसी स्थान से भाई मरदाना जी के साथ भाई फिरंदा जी चलकर सुल्तानपुर लोधी पहुंचे और श्री गुरु नानक देव जी के दर्शन करके निहाल हुए। इसके बाद उन्होंने भेंट स्वरूप गुरु के चरणों में रबाब अर्पित की।
पंजाब सरकार की ओर से ये सुविधाएं मिलेंगी मुफ्त
पंजाब सरकार ने श्री गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व समागम में दुनिया भर से आने वाली लाखों की तादाद में संगत के लिए कई सुविधाओं की मुफ्त व्यवस्था की है। पंजाब सरकार की ओर से सुल्तानपुर लोधी के लगभग 15 किलोमीटर एरिया में 70 लंगर, चरण सेवा (जोड़ा घर), गठड़ी (क्लॉक रूम), 800 एकड़ में 19 पार्किंग स्थल, 35 हजार संगत की क्षमता वाली तीन टेंट सिटी, 1908 शौचालय, 1476 मूत्रालय, 132 स्नान घर, पेयजल के लिए 8 ट्यूबवेल, 131 एचडीआई स्टोरेज टैंक, 107 स्टेनलेस स्टील टैंक, 10 वाटर एटीएम्स, 370 एलईडी स्ट्रीट लाइट्स प्वाइंट्स, 8 प्रमुख चौकों पर 16 मीटर हाई मास्ट एलईडी लाइट्स, 24 घंटे सफाई के लिए 4550 स्वच्छता वर्कर, शौचालय, मूत्रालय और बाथरूम की सफाई के लिए 1100 कर्मचारी, पावन काली बेईं के किनारे लाइटिंग, कचर उठाने के लिए 26 वाहन, 14 ट्रैक्टर-ट्राली, 45 ई-रेहड़ियां, 54 रिक्शा-रेहड़ियां, 2 जेसीबी और 2550 डस्टबिन, रसोई कचरे की जैविक खाद बनाने के लिए 66 से ज्यादा लंगर स्थल पर 250 जैव खाद पिट्स, सीवरेज सिस्टम की ओवरहॉलिंग, सीवरेज और मल/तरल कचरे को उठाने के लिए 100 ट्रक समेत बेहतर नजरसानी के लिए 26 कंट्रोल यूनिट की स्थापना की गई है।
30 हजार नामधारी संप्रदाय की संगत पांच किमी पैदल चलकर पहुंची
550वें प्रकाश पर्व की शुरुआत पर नामधारी संप्रदाय भैणी साहिब की तरफ से सुल्तानपुर लोधी में गुरुद्वारा श्री बेर साहिब तक भव्य नगर कीर्तन सजाया गया। संप्रदाय के मुखी सतगुरु उदय सिंह के नेतृत्व में 30 हजार संगत का सुल्तानपुर लोधी पहुंचने पर विधायक नवतेज सिंह ने स्वागत किया।
इस दौरान पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान व पेडा के चेयरमैन एसएस हंसपाल भी शामिल थे। पंजाब के विभिन्न कोने से नामधारी संप्रदाय की 30 हजार से अधिक संगत पहले गांव डडविंडी में एकत्रित हुई। जहां से पांच किलोमीटर पैदल चलकर संगत गुरुद्वारा श्री बेर साहिब पहुंची।
जिला प्रशासन की तरफ से संगत की सुविधा और नगर कीर्तन के दौरान निर्विघ्न यातायात के लिए सुचारू प्रबंध किए गए थे, जिस कारण इतने बड़े नगर कीर्तन के दौरान किसी भी आम राहगीर को कोई दिक्कत पेश नहीं आई। सतगुरु उदय सिंह ने कहा कि वह गुरु नानक देव जी की नगरी में आकर खुद को सौभाग्यशाली समझ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संगत गुरु नानक देव के फलसफे के अनुसार पर्यावरण की सांभ-संभाल की तरफ विशेष ध्यान दे। इस मौके पर काउंसिल के प्रधान अशोक मोगला उपस्थित थे।
इस दौरान पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान व पेडा के चेयरमैन एसएस हंसपाल भी शामिल थे। पंजाब के विभिन्न कोने से नामधारी संप्रदाय की 30 हजार से अधिक संगत पहले गांव डडविंडी में एकत्रित हुई। जहां से पांच किलोमीटर पैदल चलकर संगत गुरुद्वारा श्री बेर साहिब पहुंची।
जिला प्रशासन की तरफ से संगत की सुविधा और नगर कीर्तन के दौरान निर्विघ्न यातायात के लिए सुचारू प्रबंध किए गए थे, जिस कारण इतने बड़े नगर कीर्तन के दौरान किसी भी आम राहगीर को कोई दिक्कत पेश नहीं आई। सतगुरु उदय सिंह ने कहा कि वह गुरु नानक देव जी की नगरी में आकर खुद को सौभाग्यशाली समझ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संगत गुरु नानक देव के फलसफे के अनुसार पर्यावरण की सांभ-संभाल की तरफ विशेष ध्यान दे। इस मौके पर काउंसिल के प्रधान अशोक मोगला उपस्थित थे।
दो नंवबर को ये कार्यक्रम होंगे
02 नवंबर 2019
आसा दी वार : सुबह 04 बजे से 06:30 बजे तक हजूरी रागी श्री हरमंदिर साहिब श्री अमृतसर भाई लखविंदर सिंह जी करेंगे।
अरदास व हुक्मनामा: सुबह 06:30 बजे से 07 बजे तक।
बिलावर की चौकी: सुबह 07 बजे से 08 बजे तक हजूरी रागी श्री हरमंदिर साहिब श्री अमृतसर भाई शौकीन सिंह जी करेंगे।
शबद विचार: सुबह 08 बजे से 07 बजे तक ज्ञानी बलदेव सिंह जी श्री पाउंटा साहिब वाले करेंगे।
गुरबाणी कीर्तन: सुबह 09 बजे से 10 बजे तक हजूरी रागी श्री हरमंदिर साहिब श्री अमृतसर भाई जसपिंदर सिंह जी और भाई हरपिंदर सिंह जी करेंगे।
भोग सहिज पाठ: सुबह 10 से 11 बजे तक डाले जाएंगे।
शाम के दीवान
सोदरू का कीर्तन: शाम 05:30 से 06 बजे तक हजूरी रागी श्री हरमंदिर साहिब श्री अमृतसर भाई शौकीन सिंह जी की करेंगे।
रहिरास: शाम 06 बजे से 06:30 बजे तक।
अरदास व हुक्मनामा: शाम 06:30 बजे से 07 बजे तक।
आरती व गुरबाणी कीर्तन: शाम 07 बजे से 08 बजे तक हजूरी रागी श्री हरमंदिर साहिब श्री अमृतसर भाई सुखजिंदर सिंह करेंगे।
शबद विचार:रात 08 बजे से 09 बजे तक ज्ञानी किशन सिंह जी संतन की कुटिया श्री अमृतसर वाले करेंगे।
आसा दी वार : सुबह 04 बजे से 06:30 बजे तक हजूरी रागी श्री हरमंदिर साहिब श्री अमृतसर भाई लखविंदर सिंह जी करेंगे।
अरदास व हुक्मनामा: सुबह 06:30 बजे से 07 बजे तक।
बिलावर की चौकी: सुबह 07 बजे से 08 बजे तक हजूरी रागी श्री हरमंदिर साहिब श्री अमृतसर भाई शौकीन सिंह जी करेंगे।
शबद विचार: सुबह 08 बजे से 07 बजे तक ज्ञानी बलदेव सिंह जी श्री पाउंटा साहिब वाले करेंगे।
गुरबाणी कीर्तन: सुबह 09 बजे से 10 बजे तक हजूरी रागी श्री हरमंदिर साहिब श्री अमृतसर भाई जसपिंदर सिंह जी और भाई हरपिंदर सिंह जी करेंगे।
भोग सहिज पाठ: सुबह 10 से 11 बजे तक डाले जाएंगे।
शाम के दीवान
सोदरू का कीर्तन: शाम 05:30 से 06 बजे तक हजूरी रागी श्री हरमंदिर साहिब श्री अमृतसर भाई शौकीन सिंह जी की करेंगे।
रहिरास: शाम 06 बजे से 06:30 बजे तक।
अरदास व हुक्मनामा: शाम 06:30 बजे से 07 बजे तक।
आरती व गुरबाणी कीर्तन: शाम 07 बजे से 08 बजे तक हजूरी रागी श्री हरमंदिर साहिब श्री अमृतसर भाई सुखजिंदर सिंह करेंगे।
शबद विचार:रात 08 बजे से 09 बजे तक ज्ञानी किशन सिंह जी संतन की कुटिया श्री अमृतसर वाले करेंगे।