खेलमंत्री का ट्वीट, 'नेहरू की पूरी नस्ल का बहिष्कार जरूरी'
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अपने ट्वीट को लेकर विवाद में रहने वाले हरियाणा के खेल मंत्री ने फिर जवाहरलाल नेहरू के बारे में आपत्तिजनक बयान दिया है। खेल मंत्री 20 साल तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार की जासूसी कराने के मामले में फिर सुर्खियों में आए देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से खफा हैं। विज का कहना है कि ऐसे पूर्व प्रधानमंत्री के कृत्य पर शर्म महसूस होती है और इसलिए नेहरू की पूरी नस्ल का ही बहिष्कार कर देना चाहिए। इसी से संबंधित विज ने ट्वीट भी किया।
विज इससे पूर्व भी पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर हमला बोलते हुए उन्हें अच्छा इंसान न होने की बात कह चुके हैं। खेल मंत्री ने कहा था कि नेहरू को गाली देना तो ठीक नहीं, लेकिन नेहरू कोई अच्छे इंसान नहीं थे। लेकिन अब नेताजी के परिवार की बीस साल तक जासूसी कराए जाने की बात सामने आने पर खेलमंत्री की टिप्पणी थोड़ी तल्ख ही है।
पहले भी प्रथम प्रधानमंत्री पर बोला था निशाना
विज का कहना है कि नेहरू कैसे व्यक्तित्व के नेता थे, इस बारे में काफी लोग पहले ही जानते हैं, लेकिन अब बोस के परिवार की जासूसी कराने से नेहरू के व्यक्तित्व पर सवाल खड़ा हो गया और यह बात पूरा देश जान चुका है। विज के अनुसार नेताजी पूरे देश के नेता थे, जिनकी एक आवाज पर पूरे देश के लोग देश के लिए मर-मिटने को तैयार हो गए थे।
नेहरू को यही डर था कि यदि बोस वापस आ गए तो नेहरू का राजनीतिक ताना-बाना बिगड़ सकता है। विज का बोस के प्रति प्रेम इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि अंबाला में करीब 16 एकड़ डिग्गी की सरकारी जमीन पर खेल मंत्री विज ने ही विशाल पार्क तैयार कर उसे सुभाष चंद्र बोस का नाम दिया था। विज ने जमीन को भूमाफिया से बचाया था। हर साल 15 अगस्त व 26 जनवरी को विज इसी पार्क में तिरंगा फहराकर सुभाष चंद्र बोस को सलामी देते हैं।