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स्पेशल रिपोर्ट: हर साल करीब पांच हजार स्टूडेंट्स हो रहे ड्रॉप आउट
योगेंद्र त्रिपाठी/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 19 Jun 2017 09:16 AM IST
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शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों से ड्रॉप आउट होने से स्टूडेंट्स को नहीं रोक पाया है। सात साल में 38062 स्टूडेंट्स ड्रॉप आउट हो गए। हर साल औसतन पांच हजार स्टूडेंट्स ड्रॉप आउट होते हैं। शहर के सरकारी स्कूलों में ड्रॉप आउट होने की सबसे बड़ी वजह पहली से 12वीं क्लास के स्टूडेंट्स का फेल होना है। इसी कारण स्टूडेंट्स का स्कूलों से ड्रॉप आउट बढ़ा है।
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की ओर से हर साल ड्रॉप आउट स्टूडेंट्स का सर्वे किया जाता है। सर्व शिक्षा अभियान टीचर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अरविंद राणा ने बताया कि पहली से आठवीं तक में ड्रॉप आउट होने का दूसरा सबसे बड़ा कारण लोगों का माइग्रेट करना है। इसमें मजदूर वर्ग के लोग होते हैं। वे सर्टिफिकेट भी नहीं ले जाते हैं। वहीं तीसरा कारण यह है पहली से आठवीं तक स्टूडेंट्स फेल नहीं होते हैं। नौंवीं में जब नंबर ठीक नहीं होते तो उन्हें दोबारा उसी क्लास में पढ़ने को कहा हाता है। दसवीं में दाखिला नहीं देने पर स्टूडेंट्स स्कूल छोड़ देते हैं। वहीं 11वीं में स्टूडेंट्स को कई बार इंटरनल अंक देकर पास कर दिया जाता है। 12वीं में फेल होने के बाद स्टूडेंट्स ड्रॉप आउट हो जाते हैं।
यूटी कैडर एजुकेशनल इंप्लाइज यूनियन के प्रेसिडेंट स्वर्ण सिंह कंबोज ने बताया कि एजुकेशन सिस्टम तभी सुधर सकता है जब स्टूडेंट्स के रिजल्ट का आकलन सही तरीके से किया जाए। पहली से आठवीं तक किसी को फेल नहीं करना यह बड़ा कारण है कि आज शहर केे टॉप मॉडल स्कूलों में ड्रॉप आउट स्टूडेंट्स हो रहे हैं।
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चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की ओर से हर साल ड्रॉप आउट स्टूडेंट्स का सर्वे किया जाता है। सर्व शिक्षा अभियान टीचर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अरविंद राणा ने बताया कि पहली से आठवीं तक में ड्रॉप आउट होने का दूसरा सबसे बड़ा कारण लोगों का माइग्रेट करना है। इसमें मजदूर वर्ग के लोग होते हैं। वे सर्टिफिकेट भी नहीं ले जाते हैं। वहीं तीसरा कारण यह है पहली से आठवीं तक स्टूडेंट्स फेल नहीं होते हैं। नौंवीं में जब नंबर ठीक नहीं होते तो उन्हें दोबारा उसी क्लास में पढ़ने को कहा हाता है। दसवीं में दाखिला नहीं देने पर स्टूडेंट्स स्कूल छोड़ देते हैं। वहीं 11वीं में स्टूडेंट्स को कई बार इंटरनल अंक देकर पास कर दिया जाता है। 12वीं में फेल होने के बाद स्टूडेंट्स ड्रॉप आउट हो जाते हैं।
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यूटी कैडर एजुकेशनल इंप्लाइज यूनियन के प्रेसिडेंट स्वर्ण सिंह कंबोज ने बताया कि एजुकेशन सिस्टम तभी सुधर सकता है जब स्टूडेंट्स के रिजल्ट का आकलन सही तरीके से किया जाए। पहली से आठवीं तक किसी को फेल नहीं करना यह बड़ा कारण है कि आज शहर केे टॉप मॉडल स्कूलों में ड्रॉप आउट स्टूडेंट्स हो रहे हैं।
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वर्ष 2017 के स्कूल वाइज ड्रॉप आउट
स्कूल ड्रॉप आउट संख्या
जीएमएसएसएस- 8----------312
जीएमएसएसएस- 10----------131
जीएमएसएसएस-15------------220
जीएमएसएसएस- 16 -----------20
जीएमएसएसएस- 26 -----------197
जीएमएसएसएस- 27---------------168
जीएमएसएसएस- 33-----------54
जीएमएसएसएस- 35 ----------94
जीएमएसएसएस- 37--------------74
जीएमएसएसएस- 38 -------------198
जीएमएसएसएस- 40--------------106
जीएमएसएसएस- 44 ----------------382
जीएसएसएस- 45 --------------487
जीएमएसएसएस- 46--------------231
जीएमएसएसएस- 47--------------523
जीएमएसएस धनास---------------224
जीएसएसएस- रायपुर खुर्द ----------197
जीएमएसएसएस- एमएमटी - -------244
जीएमएसएसएस-एमसीएम मनीमाजरा----184
जीएसएसएस- मौलीजागरां-----------445
जीएमएसएसएस- 8----------312
जीएमएसएसएस- 10----------131
जीएमएसएसएस-15------------220
जीएमएसएसएस- 16 -----------20
जीएमएसएसएस- 26 -----------197
जीएमएसएसएस- 27---------------168
जीएमएसएसएस- 33-----------54
जीएमएसएसएस- 35 ----------94
जीएमएसएसएस- 37--------------74
जीएमएसएसएस- 38 -------------198
जीएमएसएसएस- 40--------------106
जीएमएसएसएस- 44 ----------------382
जीएसएसएस- 45 --------------487
जीएमएसएसएस- 46--------------231
जीएमएसएसएस- 47--------------523
जीएमएसएस धनास---------------224
जीएसएसएस- रायपुर खुर्द ----------197
जीएमएसएसएस- एमएमटी - -------244
जीएमएसएसएस-एमसीएम मनीमाजरा----184
जीएसएसएस- मौलीजागरां-----------445
सात वर्षों में यह है ड्रॉप आउट होने के आंकडे़
सात वर्षों में यह है ड्रॉप आउट होने के आंकडे़
वर्ष --------------- ड्रॉप आउट स्टूडेंट्स
2011--------------5326
2012-------------6052
2013--------------5624
2014--------------5719
2015-------------5810
2016-------------5040
2017-------------4491
शिक्षा विभाग की ओर से ड्रॉप आउट हुए स्टूडेंट्स का सर्वे इसलिए कराया जाता है कि उन्हें हम वापस ला सकें। इसके लिए स्कूल की ओर से प्रयास किए जाते हैं। ड्रॉप आउट स्टूडेंट्स को शिक्षा विभाग की ओर से दाखिला दिया जाता है जिससे कि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
- अनुराग अग्रवाल, शिक्षा सचिव, चंडीगढ़ प्रशासन।
वर्ष --------------- ड्रॉप आउट स्टूडेंट्स
2011--------------5326
2012-------------6052
2013--------------5624
2014--------------5719
2015-------------5810
2016-------------5040
2017-------------4491
शिक्षा विभाग की ओर से ड्रॉप आउट हुए स्टूडेंट्स का सर्वे इसलिए कराया जाता है कि उन्हें हम वापस ला सकें। इसके लिए स्कूल की ओर से प्रयास किए जाते हैं। ड्रॉप आउट स्टूडेंट्स को शिक्षा विभाग की ओर से दाखिला दिया जाता है जिससे कि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
- अनुराग अग्रवाल, शिक्षा सचिव, चंडीगढ़ प्रशासन।