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Chandigarh: चंडीगढ़ की हरियाली के मुरीद हुए इनोवेटर सोनम वांगचुक, साइकिलगिरी में लिया हिस्सा
Sat, 28 Sep 2024 08:39 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 28 Sep 2024 08:39 AM IST
सार
सोनम वांगचुक ने कहा कि लद्दाख में पर्यावरण की सुरक्षा, लोकतंत्र की बहाली और छठी अनुसूची सुरक्षा उपायों को लागू करने के लिए यह पदयात्रा कर रहे हैं। वह एक सितंबर से करीब 150 लोगों के साथ लद्दाख से निकले हैं। वह शांतिपूर्ण तरीके से गांधी जी के दिखाएं रास्ते पर चलते हुए पैदल दिल्ली के लिए निकले हैं।
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साइकिलगिरी में हिस्सा लेते सोनम वांगचुक।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
26 दिनों की पैदल यात्रा तय कर इंजीनियर और इनोवेटर सोनम वांगचुक शुक्रवार को करीब 100 लद्दाखी लोगों के साथ चंडीगढ़ पहुंचे थे। शनिवार को उन्होंने चंडीगढ़ में साइकिलगिरी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दाैरान सोनम ने चंडीगढ़ की हरियाली की तारीफ की।
ये सभी लद्दाख से पैदल निकले हैं और दिल्ली जाना चाहते हैं। सोनम ने कहा कि केंद्र सरकार उनकी बातों को नहीं सुन रही है, इसलिए वह खुद दिल्ली जाकर कारण जानना चाहते हैं। उन्होंने पर्यावरण को लेकर कई चिंताएं जाहिर कीं और कहा कि ऐसा विकास कैसा, जिसमें कुछ मरें और कुछ लोग अरबपति बन जाएं।
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सोनम वांगचुक ने कहा कि लद्दाख में पर्यावरण की सुरक्षा, लोकतंत्र की बहाली और छठी अनुसूची सुरक्षा उपायों को लागू करने के लिए यह पदयात्रा कर रहे हैं। वह एक सितंबर से करीब 150 लोगों के साथ लद्दाख से निकले हैं। वह शांतिपूर्ण तरीके से गांधी जी के दिखाएं रास्ते पर चलते हुए पैदल दिल्ली के लिए निकले हैं। कहा कि वह दिल्ली जाकर सरकार से पूछना चाहते हैं कि चुनाव के दौरान जो वादे किए गए थे, सरकार के साथ जो वार्ता चल रही थी, वह थम सी क्यों गई है।
उन्होंने कहा कि वह दो अक्तूबर को दिल्ली के राजघाट जाएंगे। वे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, नेता प्रतिपक्ष से मिलेंगे और अपनी बात रखेंगे। बताया कि उनके साथ महिलाएं, पूर्व सैनिक व 80 से ज्यादा उम्र के लोग व अन्य चल रहे हैं। उनके पैर में छाले हैं लेकिन मुस्कुरा रहे हैं। उनके मन में कोई गुस्सा नहीं है। बस दिल्ली जाकर सरकार से पूछना चाहते हैं कि उन वादों का क्या हुआ। सोनम ने कहा कि आधे से ज्यादा यात्रा पूरी हो चुकी है। पहले हरियाणा में रुकते हुए जाना था लेकिन वहां चुनाव है, इसलिए वह सीधे दिल्ली जाएंगे।
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ये सभी लद्दाख से पैदल निकले हैं और दिल्ली जाना चाहते हैं। सोनम ने कहा कि केंद्र सरकार उनकी बातों को नहीं सुन रही है, इसलिए वह खुद दिल्ली जाकर कारण जानना चाहते हैं। उन्होंने पर्यावरण को लेकर कई चिंताएं जाहिर कीं और कहा कि ऐसा विकास कैसा, जिसमें कुछ मरें और कुछ लोग अरबपति बन जाएं।
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सोनम वांगचुक ने कहा कि लद्दाख में पर्यावरण की सुरक्षा, लोकतंत्र की बहाली और छठी अनुसूची सुरक्षा उपायों को लागू करने के लिए यह पदयात्रा कर रहे हैं। वह एक सितंबर से करीब 150 लोगों के साथ लद्दाख से निकले हैं। वह शांतिपूर्ण तरीके से गांधी जी के दिखाएं रास्ते पर चलते हुए पैदल दिल्ली के लिए निकले हैं। कहा कि वह दिल्ली जाकर सरकार से पूछना चाहते हैं कि चुनाव के दौरान जो वादे किए गए थे, सरकार के साथ जो वार्ता चल रही थी, वह थम सी क्यों गई है।
उन्होंने कहा कि वह दो अक्तूबर को दिल्ली के राजघाट जाएंगे। वे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, नेता प्रतिपक्ष से मिलेंगे और अपनी बात रखेंगे। बताया कि उनके साथ महिलाएं, पूर्व सैनिक व 80 से ज्यादा उम्र के लोग व अन्य चल रहे हैं। उनके पैर में छाले हैं लेकिन मुस्कुरा रहे हैं। उनके मन में कोई गुस्सा नहीं है। बस दिल्ली जाकर सरकार से पूछना चाहते हैं कि उन वादों का क्या हुआ। सोनम ने कहा कि आधे से ज्यादा यात्रा पूरी हो चुकी है। पहले हरियाणा में रुकते हुए जाना था लेकिन वहां चुनाव है, इसलिए वह सीधे दिल्ली जाएंगे।