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Chandigarh News: ऑनलाइन बाल यौन शोषण की घटनाओं का पता लगाने के लिए बनाए गए सॉफ्टवेयर का किया गलत इस्तेमाल, मामला दर्ज
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मोहाली। ऑनलाइन बाल यौन शोषण की घटनाओं का पता लगाने के लिए बनाए सॉफ्टवेयर प्लेटफार्म का दुरुपयोग करने के मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67बी के तहत मामला दर्ज किया है। इस सॉफ्टवेयर प्लेटफार्म का इस्तेमाल कानून प्रवर्तन एजेंसियां करती हैं। यह मामला इंस्पेक्टर रोहित हीरा की शिकायत पर दर्ज किया गया है। साइबर पुलिस को ऑनलाइन मामले की शिकायत दी गई थी।
साइबर पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप था कि बच्चों के विरुद्ध इंटरनेट अपराध बाल ऑनलाइन सुरक्षा प्रणाली (आईसीए सीसीओपीएस) विशेष सॉफ्टवेयर प्लेटफार्म है जिसका उपयोग कानून प्रवर्तन एजेंसियां ऑनलाइन बाल यौन शोषण की घटनाओं का पता लगाने, निगरानी करने और जांच करने के लिए करती हैं। यह प्रणाली बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम ) के डाउनलोडिंग, कब्जे, उत्पादन या वितरण में शामिल व्यक्तियों की पहचान करने में सहायता करती है। किसी अज्ञात ने इस सॉफ्टवेयर का दुरुपयोग किया। जांच में सामने आया कि सीएएफ रिकॉर्ड, आईआईपी पते का विवरण और संबंधित मोबाइल नंबर सहित विभिन्न डिजिटल सुराग का उपयोग किया गया। इस प्रक्रिया से एक व्यक्ति की पहचान सीएसएएम सामग्री के वितरण में शामिल होने के रूप में की गई है। आईसीएसीसीपीओएस रिपोर्ट के अनुसार अपराधी ने सीएसएएम को एक्सेस किया और उससे छेड़छाड़ की। बिट टोरेंट प्रोटोकॉल का उपयोग करने वाले पीयर-टू-पीयर (पी2पी) नेटवर्क के अलावा आईसीएसीसीपीओएस द्वारा रिपोर्ट किए गए तीन अलग-अलग आईपीवी-6 पते एक ही सामान्य उपयोगकर्ता से जुड़े पाए हैं। जैसा कि संबंधित इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) द्वारा प्रदान किए गए ग्राहक विवरण से पुष्टि होती है। जांच में सामने आया कि आईसीएसीसीपीओएस पर रिपोर्ट किए गए पी2पी अपराधी का आईपी पता बीर प्रताप सिंह रियो मसीतां रोड महेंद्र चक्की वाली गली कोट इसे खां लुधियाना के नाम से रजिस्टर्ड हैआरोपी की ईमेल आईडी नवीतोज गिल के नाम से रजिस्टर्ड है। इंस्पेक्टर रोहित हीरा प्रभारी साइबर सुरक्षा इकाई ने उपरोक्त रिपोर्ट सबूतों के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई थी, जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था।
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साइबर पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप था कि बच्चों के विरुद्ध इंटरनेट अपराध बाल ऑनलाइन सुरक्षा प्रणाली (आईसीए सीसीओपीएस) विशेष सॉफ्टवेयर प्लेटफार्म है जिसका उपयोग कानून प्रवर्तन एजेंसियां ऑनलाइन बाल यौन शोषण की घटनाओं का पता लगाने, निगरानी करने और जांच करने के लिए करती हैं। यह प्रणाली बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम ) के डाउनलोडिंग, कब्जे, उत्पादन या वितरण में शामिल व्यक्तियों की पहचान करने में सहायता करती है। किसी अज्ञात ने इस सॉफ्टवेयर का दुरुपयोग किया। जांच में सामने आया कि सीएएफ रिकॉर्ड, आईआईपी पते का विवरण और संबंधित मोबाइल नंबर सहित विभिन्न डिजिटल सुराग का उपयोग किया गया। इस प्रक्रिया से एक व्यक्ति की पहचान सीएसएएम सामग्री के वितरण में शामिल होने के रूप में की गई है। आईसीएसीसीपीओएस रिपोर्ट के अनुसार अपराधी ने सीएसएएम को एक्सेस किया और उससे छेड़छाड़ की। बिट टोरेंट प्रोटोकॉल का उपयोग करने वाले पीयर-टू-पीयर (पी2पी) नेटवर्क के अलावा आईसीएसीसीपीओएस द्वारा रिपोर्ट किए गए तीन अलग-अलग आईपीवी-6 पते एक ही सामान्य उपयोगकर्ता से जुड़े पाए हैं। जैसा कि संबंधित इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) द्वारा प्रदान किए गए ग्राहक विवरण से पुष्टि होती है। जांच में सामने आया कि आईसीएसीसीपीओएस पर रिपोर्ट किए गए पी2पी अपराधी का आईपी पता बीर प्रताप सिंह रियो मसीतां रोड महेंद्र चक्की वाली गली कोट इसे खां लुधियाना के नाम से रजिस्टर्ड हैआरोपी की ईमेल आईडी नवीतोज गिल के नाम से रजिस्टर्ड है। इंस्पेक्टर रोहित हीरा प्रभारी साइबर सुरक्षा इकाई ने उपरोक्त रिपोर्ट सबूतों के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई थी, जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था।
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