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अंधेरे में बाइक जंगल में घुसी, पत्थर से टकराकर गई इंजीनियर और दोस्त की जान

Sun, 01 Sep 2019 10:35 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sun, 01 Sep 2019 10:35 AM IST
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engineer and his friend died in road accident in chandigarh sector 25
दोनों के फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

सेक्टर-25 से धनास टर्न की रोड पर ज्यादा अंधेरा होने के चलते एक बाइक जंगल में जा घुसी। इससे बाइक सवार सॉफ्टवेयर इंजीनियर व उसके दोस्त की मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि उनका हेलमेट भी चकनाचूर हो गया। राहगीर की सूचना पर दोनों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। भूपिंदर (28 कंबोज मूल रूप से पटियाला के सन्नौर का रहने वाला था जबकि करन (27) मारकंडा शाहबाद का निवासी था। दोनों मोहाली के फेज दो में रहते थे।

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घटना शुक्रवार देर रात 12.45 बजे की है। बाइक सवार एक राहगीर से पुलिस को सूचना मिली थी कि सेक्टर-25 से धनास की ओर जाने वाली टर्न रोड पर बाइक सवार दो युवकों का एक्सीडेंट हो गया है। पीसीआर और सेक्टर-24 पुलिस चौकी इंचार्ज शिव चरण अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों युवक जंगल के पत्थर से टकराकर लहूलुहान पड़े थे।
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पीसीआर ने फौरन दोनों को पीजीआई पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने भूपिंदर को मृत घोषित कर दिया, जबकि करन की इलाज की दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मृतकों के डाक्यूमेंट के आधार पर दोनों युवकों की पहचान कर मामले की सूचना परिजनों को दी। वहीं इस हादसे में बाइक का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। पुलिस यह पता करने में जुटी हुई है कि दोनों इतनी रात को कहां से लौट रहे थे।

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रात 11.30 बजे पीजी से निकले थे दोनों

करन मोहाली के फेज-2 स्थित पीजी में पिछले करीब 4 साल से रहता था। दोस्तों ने बताया कि शुक्रवार देर रात करीब 11.30 बजे दोनों यह कहकर निकले कि वे किसी काम से जा रहे हैं, अभी आकर खाना खाऊंगा। काफी देर दोनों का इंतजार किया गया, लेकिन वह अपने कमरे में नहीं आए। जिसके बाद पता चला कि दोनों की सड़क हादसे में मौत हो गई।

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर तो दूसरा क्वालिटी चेकर
भूपिंदर घर का सबसे बड़ा बेटा था। वह मोहाली स्थित एक आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। जबकि करन सबसे छोटा था और वह मोहाली की एक मल्टी नेशनल कंपनी में क्वालिटी चेकिंग का काम करता था। दोनों एक दूसरे के अच्छे दोस्त थे। कई बार घर दोनों इकट्ठे निकलते थे।

छाया रहता है अंधेरा
सेक्टर-25 से धनास की ओर जाने वाली सड़क पर देर रात को ज्यादातर समय अंधेरा छाया रहता है। वजह है कि कई जगह की स्ट्रीट लाइटें बंद होती हैं। ऐसे में वहां इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, इसके अलावा कई बार स्नैचिंग और लूट की वारदातें भी सामने आ चुकी हैं। हादसे के समय अगर वहां अंधेरा न होता तो शायद दोनों की जान बच सकती थी।

पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपा
शनिवार दोपहर भूपिंदर का जीएमएसएच-16 और करन का पीजीआई में पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई पूरी होने के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए। इस दौरान दोनों के परिवारों में मातम छाया रहा। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि अब उनके बीच लाडला नहीं रहा। रोते बिलखते भूपिंदर के पिता ने बताया कि जो भी हुआ बहुत गलत हुआ।

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