Chandigarh: बेटी की शादी पर प्रशासन देगा 51 हजार का शगुन, एएवाई कार्ड धारक महिलाएं भी ले सकेंगी योजना का लाभ
शगुन योजना के तहत प्रशासन कम आय वाले परिवार से संबंधित बेटी की शादी के लिए 51000 रुपये की सहायता प्रदान करेगा। पहले यह योजना सिर्फ निराश्रित विधवाओं के लिए थी, लेकिन अब इसमें नगर निगम से पंजीकृत महिला स्ट्रीट वेंडर व उनकी बेटियों को भी शामिल कर लिया गया है।
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महिलाओं की मदद के लिए चंडीगढ़ प्रशासन का समाज कल्याण विभाग शगुन योजना शुरू करने जा रहा है। इसके तहत दो बेटियों की शादी के लिए प्रशासन 51 हजार रुपये देगा। पहले कुछ ही महिलाओं को इसमें शामिल किया गया था, लेकिन विभाग ने योजना में बदलाव करते हुए महिला स्ट्रीट वेंडर, दिव्यांग, विधवा और एएवाई कार्ड धारकों को भी योजना में शामिल कर लिया है। इससे अब हजारों महिलाओं को फायदा मिलेगा।
समाज कल्याण विभाग की इस योजना को वित्त विभाग से हरी झंडी मिल गई है, इसलिए अब इसे जल्द ही लांच करने की तैयारी है। शगुन योजना के तहत प्रशासन कम आय वाले परिवार से संबंधित बेटी की शादी के लिए 51000 रुपये की सहायता प्रदान करेगा। पहले यह योजना सिर्फ निराश्रित विधवाओं के लिए थी, लेकिन अब इसमें नगर निगम से पंजीकृत महिला स्ट्रीट वेंडर व उनकी बेटियों को भी शामिल कर लिया गया है। यूटी प्रशासन की तरफ से शहर में चल रहे चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट (सीसीआई) में अगर कोई बच्ची तीन साल रही हो, तो उसे भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके अलावा खाद्य व आपूर्ति विभाग में अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के तहत जो परिवार पंजीकृत हैं, वह भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। दिव्यांग व विधवा महिलाओं को भी योजना का लाभ मिलेगा।
बता दें कि केंद्रीय स्तर पर व लगभग सभी राज्यों में भी अलग-अलग शगुन योजना चलाई जा रही है लेकिन चंडीगढ़ की योजना काफी अलग है। पीएम शादी शगुन योजना को देश के अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसमें शादी से पहले स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाली अल्पसंख्यक समुदाय की युवतियों को केंद्र सरकार 51000 रुपये देती है।
आधे पैसे शादी से पहले और आधे शादी के बाद होंगे जारी
समाज कल्याण विभाग की सचिव नीतिका पवार ने बताया कि जो भी महिलाएं शगुन योजना के तहत आवेदन करेंगी, उन्हें विभिन्न विभागों के चक्कर नहीं काटने होंगे। विभाग विभिन्न डेटाबेस से आंकड़े लेकर आवेदन को पूरा करेगा और दो किस्तों में उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा। आधे पैसे शादी से पहले और फिर आधे शादी के बाद दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में पहले से एक योजना चल रही है, जिसके अनुसार अनुसूचित जनजाति व अनुसूचित जाति की विधवा महिलाओं की बेटी की शादी में मदद की जाती है और उन्हें 30 हजार रुपये की धनराशि दी जाती है, लेकिन इस योजना का लाभ शहर की उन सभी विधवा महिलाओं व अन्य वर्गों की महिलाओं को मिलेगा, जिनकी आय डेढ़ लाख से कम है और बेटी की शादी है।
महिलाओं की मदद के लिए शगुन योजना लाई जा रही है। हमने आवेदन की प्रक्रिया को काफी आसान बनाने की कोशिश की है ताकि आवेदनकर्ता को समस्या न आए। जल्द ही योजना को शुरू कर दिया जाएगा। -नीतिका पवार, सचिव, समाज कल्याण विभाग