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Chandigarh News: सोशल मीडिया बना गैंगस्टरों का मंच, पुलिस कार्रवाई अकाउंट बंद कराने तक सीमित
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चंडीगढ़। सोशल मीडिया गैंगस्टरों के लिए खुले मंच में तब्दील होता जा रहा है। हत्या की जिम्मेदारी लेना हो या खुलेआम पुलिस को धमकी देना, गैंगस्टर बेखौफ होकर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पोस्ट डाल रहे हैं। हालात यह हैं कि पुलिस कार्रवाई फिलहाल अकाउंट बंद करवाने तक सीमित नजर आ रही है जबकि आरोपियों तक पहुंचने में पुलिस को भारी दिक्कत हो रही है। पुलिस अब तक गैंगस्टरों, गैंगस्टरों और आतंकियों के नाम से चल रहे लगभग 1500 अकाउंट बंद करवा चुकी है।
साइबर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गैंगस्टर पोस्ट डालने के कुछ समय बाद उसे डिलिट कर देते हैं। जब तक पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से आईपी एड्रेस या अन्य तकनीकी जानकारी मांगती है तब तक पोस्ट हट चुकी होती है। कई मामलों में जब पोस्ट डिलीट नहीं होती तो जांच के दौरान आईपी एड्रेस विदेश का निकलता है। वहीं, हाल ही में सेक्टर-26 पैरी हत्याकांड को लेकर अधिकारी ने कहा कि आरोपी विदेश से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। आईपी एड्रेस विदेश का ही मिलता है और वहां आकर पुलिस के हाथ बंध जाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत के किसी भी कोने से अगर सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल हुआ हो और वह पोस्ट डिलिट न हुई हो तो पुलिस तुरंत आरोपी तक पहुंच सकती है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब पाकिस्तान के गैंगस्टर भी भारतीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुलेआम धमकी भरे पोस्ट डाल रहे हैं।
आईपी एड्रेस छिपाने के लिए करते हैं वीपीएन नेटवर्क का इस्तेमाल
विशेषज्ञों के अनुसार गैंगस्टर वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे उनकी असली लोकेशन और पहचान छिपी रहती है और पुलिस को अपराधियों का सुराग नहीं मिल पाता।
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पाकिस्तान डॉन अब भी सोशल मीडिया पर एक्टिव
पाकिस्तान का कुख्यात डॉन बताए जाने वाला शहजाद भट्टी सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट कर रहा है। भट्टी द्वारा लॉरेंस बिश्नोई को दी गई धमकियों से जुड़ी कई पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं। शहजाद भट्टी की धमकियों के बाद लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई ने अदालत में जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक सोशल मीडिया कंपनियों और जांच एजेंसियों के बीच रियल-टाइम तकनीकी समन्वय नहीं होगा तब तक गैंगस्टर इसी तरह डिजिटल दुनिया में पुलिस को चुनौती देते रहेंगे।
वर्जन
अपराधियों द्वारा सोशल मीडिया पर डाली जाने वाली ज्यादातर पोस्ट और ऑडियो का लिंक विदेश से जुड़ा मिलता है। कई मामलों में गैंगस्टरों द्वारा डाली गई पोस्ट की जांच में आईपी एड्रेस विदेश का निकला है। -पुष्पेंद्र कुमार, आईजी चंडीगढ
साइबर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गैंगस्टर पोस्ट डालने के कुछ समय बाद उसे डिलिट कर देते हैं। जब तक पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से आईपी एड्रेस या अन्य तकनीकी जानकारी मांगती है तब तक पोस्ट हट चुकी होती है। कई मामलों में जब पोस्ट डिलीट नहीं होती तो जांच के दौरान आईपी एड्रेस विदेश का निकलता है। वहीं, हाल ही में सेक्टर-26 पैरी हत्याकांड को लेकर अधिकारी ने कहा कि आरोपी विदेश से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। आईपी एड्रेस विदेश का ही मिलता है और वहां आकर पुलिस के हाथ बंध जाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत के किसी भी कोने से अगर सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल हुआ हो और वह पोस्ट डिलिट न हुई हो तो पुलिस तुरंत आरोपी तक पहुंच सकती है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब पाकिस्तान के गैंगस्टर भी भारतीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुलेआम धमकी भरे पोस्ट डाल रहे हैं।
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आईपी एड्रेस छिपाने के लिए करते हैं वीपीएन नेटवर्क का इस्तेमाल
विशेषज्ञों के अनुसार गैंगस्टर वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे उनकी असली लोकेशन और पहचान छिपी रहती है और पुलिस को अपराधियों का सुराग नहीं मिल पाता।
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पाकिस्तान डॉन अब भी सोशल मीडिया पर एक्टिव
पाकिस्तान का कुख्यात डॉन बताए जाने वाला शहजाद भट्टी सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट कर रहा है। भट्टी द्वारा लॉरेंस बिश्नोई को दी गई धमकियों से जुड़ी कई पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं। शहजाद भट्टी की धमकियों के बाद लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई ने अदालत में जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक सोशल मीडिया कंपनियों और जांच एजेंसियों के बीच रियल-टाइम तकनीकी समन्वय नहीं होगा तब तक गैंगस्टर इसी तरह डिजिटल दुनिया में पुलिस को चुनौती देते रहेंगे।
वर्जन
अपराधियों द्वारा सोशल मीडिया पर डाली जाने वाली ज्यादातर पोस्ट और ऑडियो का लिंक विदेश से जुड़ा मिलता है। कई मामलों में गैंगस्टरों द्वारा डाली गई पोस्ट की जांच में आईपी एड्रेस विदेश का निकला है। -पुष्पेंद्र कुमार, आईजी चंडीगढ