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Chandigarh News: मोहाली में हर तीन दिन से कम अंतराल में हो रही छीना झपटी
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जनवरी से सितंबर तक 100 से अधिक वारदातें; 2025 में 167 मामले दर्ज, 254 आरोपी गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। मोहाली जिले में स्नेचिंग की वारदातें पुलिस के लिए लगातार चुनौती बनी हुई हैं। जनवरी से सितंबर तक 100 से अधिक मामले सामने आए हैं। 273 दिनों की इस अवधि का औसत निकालें तो करीब हर 2.7 दिन में एक स्नेचिंग हुई। यानी जिले में तीन दिन से भी कम अंतराल में एक झपटमारी की वारदात सामने आई। पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में जिले में स्नेचिंग के 167 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 254 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक इनमें से 100 आरोपियों को अदालत से सजा भी हुई। वर्ष 2024 में स्नेचिंग के 189 मामले दर्ज किए गए थे।
जीरकपुर में महिलाओं से लेकर दिव्यांग तक निशाने पर
सितंबर में जीरकपुर में स्नेचिंग की कई घटनाएं सामने आईं। लोहगढ़ के सनराइज बाजार में सब्जी खरीद रही 48 वर्षीय निर्मल रानी के गले से करीब डेढ़ तोले की सोने की चेन झपट ली गई। भागते समय बाइक फिसलने पर दोनों आरोपी लोगों के हाथ लग गए। पुलिस ने उनके कब्जे से सात सोने की चेन बरामद करने का दावा किया, जिनकी कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई। इसी महीने व्हीलचेयर पर जा रहे एक दिव्यांग व्यक्ति से पर्स झपट लिया गया। पर्स में करीब पांच हजार रुपये, मोबाइल, क्रेडिट कार्ड और दिव्यांगता प्रमाणपत्र था। पुलिस ने मामले में मनिंदर सिंह उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ पहले भी चोरी और स्नेचिंग के मामले दर्ज हैं।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी सक्रिय
पुलिस जांच के अनुसार अकेली महिलाओं, बुजुर्गों, पैदल चलने वालों और शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को भी निशाना बनाया जा रहा है। बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले स्थान भी झपटमारों की नजर में हैं। सात सितंबर को जीरकपुर बस स्टैंड पर महिला कर्मचारी की चेन झपटने का मामला सामने आया। वहीं, खरड़ में सितंबर के अंतिम सप्ताह में कंप्यूटर इंजीनियरिंग के छात्र से मोबाइल झपटने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया।
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नशे की लत के लिए स्नेचिंग की बात भी आई सामने
पुलिस की कुछ जांच में सामने आया कि आरोपी नशे की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी और स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। वर्ष 2025 में गिरफ्तार तीन स्नेचरों से 20 मोबाइल बरामद किए गए थे। पूछताछ में आरोपियों ने छीने गए मोबाइल 1500 से 1800 रुपये में बेचने की बात कही थी। मोहाली पुलिस के अनुसार, 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 939 मामले दर्ज किए गए और 1365 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के सामने चुनौती स्नेचिंग के साथ-साथ नशे के नेटवर्क पर अंकुश लगाने की भी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहा विशेष अभियान
एसपी रूरल जसपिंदर गिल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्नैचरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। जीरकपुर में दिव्यांग से हुई स्नेचिंग के आरोपियों को वारदात के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्होंने कहा कि अन्य मामलों को भी पुलिस ने सुलझाया है और कासो अभियान के दौरान कई संदिग्धों को काबू किया गया। आने वाले दिनों में अभियान और तेज किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। मोहाली जिले में स्नेचिंग की वारदातें पुलिस के लिए लगातार चुनौती बनी हुई हैं। जनवरी से सितंबर तक 100 से अधिक मामले सामने आए हैं। 273 दिनों की इस अवधि का औसत निकालें तो करीब हर 2.7 दिन में एक स्नेचिंग हुई। यानी जिले में तीन दिन से भी कम अंतराल में एक झपटमारी की वारदात सामने आई। पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में जिले में स्नेचिंग के 167 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 254 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक इनमें से 100 आरोपियों को अदालत से सजा भी हुई। वर्ष 2024 में स्नेचिंग के 189 मामले दर्ज किए गए थे।
जीरकपुर में महिलाओं से लेकर दिव्यांग तक निशाने पर
सितंबर में जीरकपुर में स्नेचिंग की कई घटनाएं सामने आईं। लोहगढ़ के सनराइज बाजार में सब्जी खरीद रही 48 वर्षीय निर्मल रानी के गले से करीब डेढ़ तोले की सोने की चेन झपट ली गई। भागते समय बाइक फिसलने पर दोनों आरोपी लोगों के हाथ लग गए। पुलिस ने उनके कब्जे से सात सोने की चेन बरामद करने का दावा किया, जिनकी कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई। इसी महीने व्हीलचेयर पर जा रहे एक दिव्यांग व्यक्ति से पर्स झपट लिया गया। पर्स में करीब पांच हजार रुपये, मोबाइल, क्रेडिट कार्ड और दिव्यांगता प्रमाणपत्र था। पुलिस ने मामले में मनिंदर सिंह उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ पहले भी चोरी और स्नेचिंग के मामले दर्ज हैं।
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भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी सक्रिय
पुलिस जांच के अनुसार अकेली महिलाओं, बुजुर्गों, पैदल चलने वालों और शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को भी निशाना बनाया जा रहा है। बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले स्थान भी झपटमारों की नजर में हैं। सात सितंबर को जीरकपुर बस स्टैंड पर महिला कर्मचारी की चेन झपटने का मामला सामने आया। वहीं, खरड़ में सितंबर के अंतिम सप्ताह में कंप्यूटर इंजीनियरिंग के छात्र से मोबाइल झपटने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया।
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नशे की लत के लिए स्नेचिंग की बात भी आई सामने
पुलिस की कुछ जांच में सामने आया कि आरोपी नशे की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी और स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। वर्ष 2025 में गिरफ्तार तीन स्नेचरों से 20 मोबाइल बरामद किए गए थे। पूछताछ में आरोपियों ने छीने गए मोबाइल 1500 से 1800 रुपये में बेचने की बात कही थी। मोहाली पुलिस के अनुसार, 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 939 मामले दर्ज किए गए और 1365 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के सामने चुनौती स्नेचिंग के साथ-साथ नशे के नेटवर्क पर अंकुश लगाने की भी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहा विशेष अभियान
एसपी रूरल जसपिंदर गिल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्नैचरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। जीरकपुर में दिव्यांग से हुई स्नेचिंग के आरोपियों को वारदात के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्होंने कहा कि अन्य मामलों को भी पुलिस ने सुलझाया है और कासो अभियान के दौरान कई संदिग्धों को काबू किया गया। आने वाले दिनों में अभियान और तेज किया जाएगा।