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कैग रिपोर्ट में खुलासा: पंजाब में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट अधर में, 124 योजनाओं में से सिर्फ 15 ही पूरी
Sat, 06 May 2023 01:39 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 06 May 2023 01:39 PM IST
सार
कैग ने अप्रैल 2015 से मार्च 2020 की अवधि के लिए पंजाब में शहरी स्थानीय निकायों का ऑडिट करते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा कि केंद्र ने जून 2015 में स्मार्ट सिटी मिशन लांच करते हुए अगले पांच वर्षों में, जून 2020 तक 100 शहरों को कवर करने का खाका तैयार किया था।
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विस्तार
पंजाब के तीन शहरों में, केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना अधर में ही लटककर रह गई है। योजना के तहत तीनों शहरों में जो विकास कार्य किए जाने थे, वह पचास फीसदी भी पूरे नहीं हो सके हैं। यह खुलासा भारत के नियंत्रण व महालेखा परीक्षक (कैग) की एक रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, तीनों शहरों के लिए 124 विकास परियोजनाओं को स्वीकृति मिली थी लेकिन उनमें से 15 ही अब तक पूरी हो सकी हैं। इनके अलावा 76 परियोजनाएं ऐसी हैं, जिन पर अभी तक काम ही शुरू नहीं हो सका है।
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कैग की रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्ट सिटी बनाए जाने वाले तीनों शहरों में से, लुधियाना में प्रस्तावित 43 परियोजनाओं में से केवल 7 पूरी हुई हैं जबकि अमृतसर की 32 परियोजनाओं में से 5 और जालंधर की 49 परियोजनाओं में से 3 पूरी हुई हैं। केंद्र सरकार ने लुधियाना को 2016 में 20 शहरों की उस पहली सूची में शामिल किया था, जिन्हें स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाना था। इसके बाद 2016 में केंद्र शहर ने 27 अन्य शहरों की सूची जारी करते हुए पंजाब के जालंधर और अमृतसर को भी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत ले लिया था।
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कैग ने अप्रैल 2015 से मार्च 2020 की अवधि के लिए पंजाब में शहरी स्थानीय निकायों का ऑडिट करते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा कि केंद्र ने जून 2015 में स्मार्ट सिटी मिशन लांच करते हुए अगले पांच वर्षों में, जून 2020 तक 100 शहरों को कवर करने का खाका तैयार किया था। इस प्रोजेक्ट के तहत चुने गए शहरों में बुनियादी ढांचा प्रदान करने के अलावा गुणवत्ता वाली नागरिक सेवाएं प्रदान की जानी हैं। इस प्रोजेक्ट को संबंधित राज्य सरकारों द्वारा स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) के जरिये शहर स्तर पर लागू किया जाना था।
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कैग ने पाया कि तीन एसपीवी - अमृतसर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (एएससीएल), जालंधर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (जेएससीएल) और लुधियाना स्मार्ट सिटी लिमिटेड (एलएससीएल) के लिए पंजाब म्युनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी (पीएमआईडीसी) को नोडल एजेंसी बनाया गया था लेकिन अक्टूबर 2020 तक, 3071.38 करोड़ रुपये की प्रस्तावित राशि वाली 124 परियोजनाओं में से केवल 15 परियोजनाएं 40.69 करोड़ रुपये खर्च करके पूरी की जा सकीं। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि अमृतसर में 32 परियोजनाओं में से 18 शुरू नहीं हुईं। इसी तरह, जालंधर में 49 परियोजनाओं में से 34 शुरू नहीं हुई जबकि 12 पर काम जारी था। इसी तरह लुधियाना में 43 में से 24 अभी शुरू होनी हैं और 12 पर काम जारी है।